- पुणे के पिंपलवंडी में चौथी क्लास की बच्ची के साथ दुष्कर्म के बाद गला घोंटकर हत्या का मामला सामने आया है
- आरोपी 25 साल के पड़ोसी को पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ की उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया
- ग्रामीणों ने आरोपी को फांसी देने की मांग को लेकर पुणे-नासिक हाईवे जाम कर पुलिस को 15 दिन का अल्टीमेटम दिया है
महाराष्ट्र में पुणे जिले के पिंपलवंडी इलाके में चौथी क्लास की बच्ची की दुष्कर्म के बाद गला घोंटकर हत्या किए जाने के मामले में पीड़ित परिवार और गांव वाले आरोपी को फांसी दिए जाने की मांग पर अड़े हैं. गुस्साए लोगों ने हाईवे जाम कर पुलिस को 15 दिन का अल्टीमेटम दिया है. उनका कहना है कि जब तक आरोपी को फांसी नहीं दी जाती हम यहां से नहीं उठेंगे. उन्होंने पुणे-नासिक हाईवे पर 'रास्ता रोको' आंदोलन किया. उनकी मांग है कि नसरापुर मामले की तर्ज पर आरोपी को जल्द से जल्द फांसी की सजा दी जाए.
'आरोपी को फांसी दो, वरना हम हाईवे से नहीं उठेंगे'
ग्रामीणों ने प्रांत कार्यालय के अधिकारी सचिन मुंढे को ज्ञापन सौंपते हुए प्रशासन को सीधी चेतावनी दी है कि अगर 15 दिनों के भीतर बच्ची को न्याय नहीं मिला और ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो वे और उग्र आंदोलन करेंगे. हाईवे पर बैठीं बच्ची की बुआ ने रोते हुए कहा कि वह मां बोली होगी, बाप बोली होगी.उस दरिंदे को फांसी दो. उसको फांसी दिए बिना हम यहां से नहीं उठेंगे. जब तक हमारी छोटी सी बच्ची को न्याय नहीं मिल जाता हम यहीं बैठे रहेंगे. महिला ने कहा कि मेरे भाई की एक ही बेटी थी. उसने उस दरिंदे का क्या बिगाड़ा था जो उसे फंसाकर ले गया. महिला ने कहा कि घर में कोई भी नहीं था, उस समय सब रोजी-रोटी कमाने काम पर गए हुए थे.

बच्ची की बुआ ने कहा कि आरोपी अगर हमारी जाति का भी होगा, तब भी हमें उसकी कोई परवाह नहीं है. हमने तो अपना बच्चा खो दिया, उसे भी फांसी होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि अगर आरोपी हमारा रिश्तेदार भी होता तो भी हम उसके लिए फांसी की मांग करते. पुलिस से गुहार लगाते हुए बच्ची की बुआ ने कहा कि साहब उसे छोड़ना मत.
25 साल के पड़ोसी पर बच्ची की रेप और हत्या का आरोप
बता दें कि बच्ची की रेप और हत्या मामले में पुलिस ने पड़ोस में रहने वाले 25 साल के युवक को मुख्य संदिग्ध के रूप में हिरासत में लिया है. जानकारी के मुताबिक, आरोपी ने जान-पहचान का फायदा उठाकर बच्ची को अपने जाल में फंसा लिया. पुलिस ने बताया कि बच्ची के लापता होने की जांच के दौरान संदिग्ध की हरकतों पर पुलिस की नजर पड़ी और कड़ाई से पूछताछ करने पर पूरे मामले का खुलासा हो गया.
बता दें कि पीड़त बच्ची एक खेतिहर मजदूर परिवार से थी. पहले उसके साथ दुष्कर्म किया गया और फिर गला घोंटकर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी गई. चौथी क्लास में पढ़ने वाली 10 साल की बच्ची बीमार होने की वजह से मंगलवार को स्कूल नहीं गई थी. पुलिस का अनुमान है कि दोपहर के समय घर में माता-पिता के न होने का फायदा उठाकर संदिग्ध ने उसके साथ दुष्कर्म किया.
आरोपी की निशानदेही पर मिली बच्ची की लाश
घर वाले जब वापस लौटे और बच्ची घर में नहीं मिली तो परिवार, रिश्तेदारों और ग्रामीणों ने इलाके में उसकी तलाश शुरू की. काफी देर तक खोजने के बावजूद जब बच्ची नहीं मिली, तो परिजनों ने आलेफाटा पुलिस स्टेशन में उसके लापता होने की शिकायत दर्ज कराई. पुलिस द्वारा तलाशी अभियान चलाए जाने के दौरान संदिग्ध युवक भी उनके साथ बच्ची को ढूंढने में शामिल हो गया था. हालांकि, उसके व्यवहार में विसंगति और संदिग्ध हरकतों को देखते हुए पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया.
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान संदिग्ध ने अपना जुर्म कबूल कर लिया. उसकी दी गई जानकारी के आधार पर 'लेंडे स्थल' इलाके में एक नाले के पास पेड़ के नीचे से बच्ची का शव बरामद हुआ.चौंकाने वाली बात यह है कि बच्ची के लापता होने के बाद आरोपी खुद भी ग्रामीणों के साथ बच्ची को ढूंढने का नाटक करता रहा, लेकिन सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद पुलिस के सामने उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया.
कैसे पकड़ा गया आरोपी?
जब मामले की सूचना पुलिस को मिली, तो उन्होंने पूरे इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू किए. जांच के दौरान एक फुटेज में एक संदिग्ध व्यक्ति साइकिल पर जाता हुआ दिखाई दिया. पुलिस ने जब उससे इस बारे में पूछताछ की, तो उसने कबूल किया कि "साइकिल पर दिखने वाला व्यक्ति मैं ही हूं." इसके बाद पुलिस का शक गहरा गया और कड़ाई से पूछताछ करने पर उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया, जिसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया.
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. घटना की जानकारी मिलने के बाद पुणे ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक संदीप गिल, उपविभागीय पुलिस अधिकारी धनंजय पाटिल और पुलिस निरीक्षक विश्वास जाधव ने घटनास्थल का दौरा कर मुआयना किया. फोरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल की जांच कर अहम सबूत इकट्ठा किए हैं.
परिवार और गांववालों में भारी आक्रोश
इस घटना से पिंपलवंडी और जुन्नर इलाके में भारी आक्रोश है. ग्रामीणों और परिजनों की मांग है कि आरोपी पर सख्त कार्रवाई कर मुकदमा फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाया जाए और दोष साबित होने पर उसे कड़ी से कड़ी सजा दी जाए. इस बीच, आलेफाटा पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा अन्य फोरेंसिक सबूतों के आधार पर जांच को आगे की दिशा मिलेगी.
उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार ने इस घटना को अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और मानवता को शर्मसार करने वाला बताया. उन्होंने पुणे ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक SP संदीप सिंह गिल से फोन पर बात कर जांच की विस्तृत जानकारी ली और पुलिस प्रशासन को पारदर्शी और सघन जांच कर आरोपी के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करने के स्पष्ट निर्देश दिए.
संदीप सिंह गिल रात में ही जांच के लिए घटनास्थल पर पहुंच गए थे. वहां मौजूद आक्रोशित ग्रामीणों ने उनका घेराव किया और आरोपी को फांसी देने की मांग पर अड़े रहे. फिलहाल इलाके में तनावपूर्ण शांति है और पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार करते हुए मामले की गहराई से जांच कर रही है.
पीड़ित परिवार को डिप्टी सीएम सुनेत्रा पवार का भरोसा
वहीं डिप्टी सीएम सुनेत्रा पवार ने स्पष्ट किया कि आरोपी को जल्द से जल्द और कठोर सजा दिलाने के लिए वह इस मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाने का विशेष अनुरोध मुख्यमंत्री और गृहमंत्री देवेंद्र फडणवीस से करेंगी. उन्होंने यह भी कहा कि सरकार पीड़ित परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है और वह जल्द ही पिंपलवंडी जाकर परिवार से मुलाकात करेंगी.
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