विज्ञापन

'गांव बिकाऊ है': पानी की ऐसी किल्लत हुई कि ग्रामीणों ने लगा दिए बैनर, 350 लोग कुंआरे ही रह गए

तुलशी गांव के लोगों ने 14 सितंबर को पानी की मांग के लिए भूख हड़ताल भी की थी. इसके अलावा एक दिन माधा तहसील कार्यालय पर थाली भी बजाई थी.

'गांव बिकाऊ है': पानी की ऐसी किल्लत हुई कि ग्रामीणों ने लगा दिए बैनर, 350 लोग कुंआरे ही रह गए
  • महाराष्ट्र के सोलापुर जिले के तुलशी गांव में पीने और सिंचाई के लिए पानी की गंभीर कमी है जिससे लोग परेशान हैं
  • सिना-माधा सिंचाई योजना की खुदाई के बाद भी दशकों से काम रुका हुआ है और गांव को पानी नहीं मिल रहा है
  • ग्रामीणों ने सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए भूख हड़ताल और थाली नाद जैसे विरोध प्रदर्शन किए हैं
सोलापुर:

खेतों में धूल उड़ रही है, कुएं सूख चुके हैं और पानी की बूंद-बूंद के लिए गांव वाले मोहताज हैं. ऐसे हालात से परेशान होकर गांव का हर शख्स यहां से निकल जाना चाहता है. सरकार से सालों से मांग चल रही है कि पानी की समस्या का हल निकाला जाए, लेकिन मुसीबत बढ़ती जा रही है. ऐसे में गांव वालों ने जगह-जगह गांव बिकाऊ है के पोस्टर लगा दिए हैं. यह हाल महाराष्ट्र के सोलापुर जिले की माधा तहसील के तुलशी गांव का है. 7 हजार की आबादी वाले इस गांव में पीने के पानी की भी इतनी परेशानी है कि सालों से टैंकरों के भरोसे लोग गुजर कर रहे हैं. गांव में टैंकर के आते ही लाइनें लग जाती हैं ताकि जरूरत के लिए पानी मिल सके. 

दशकों से सरकारी योजनाएं बन रही हैं और भरोसे दिए जा रहे हैं, लेकिन अब तक गांव इंतजार से आगे नहीं बढ़ सका है. यहां सिना-माधा सिंचाई स्कीम के लिए खुदाई हुई थी, लेकिन अब तक काम आगे नहीं बढ़ा है. ऐसे हालात में लगातार गांव के लोग पानी के टैंकरों के ही भरोसे हैं. तुलशी गांव के सरपंच शरद मोरे ने बताया, 'गांव में हर साल पानी की समस्या होती है. गांव के पास से ही सिना-माधा स्कीम को मंजूरी मिली है, लेकिन हमें इसका फायदा नहीं मिल रहा. यह बोर्ड लगाने का अर्थ है कि हम सरकार का ध्यान आकर्षित करना चाहते हैं.'

पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक गांव के लोगों ने 14 सितंबर को पानी की मांग के लिए भूख हड़ताल भी की थी. इसके अलावा एक दिन माधा तहसील कार्यालय पर थाली भी बजाई थी, जिसे थाली नाद विरोध प्रदर्शन नाम दिया गया था. ग्रामीणों का कहना है कि यदि उनकी समस्या का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन और तेज करेंगे. सरपंच शरद मोरे ने कहा कि बीते 26 सालों से इस नहर का काम अटका हुआ है. उन्होंने कहा कि यदि यह नहर गांव तक आ जाए तो फिर पानी की समस्या खत्म हो जाए. गांव के लोगों का कहना है कि हम लोग पहले ही पानी के टैकरों के भरोसे हैं. अब इस साल बारिश कम हुई है तो यह परेशानी और बढ़ चुकी है. 

एक शख्स ने कहा कि जल जीवन मिशन चल रहा है, लेकिन गांव में अब तक इसका कोई लाभ नहीं मिला है. उन्होंने कहा कि पानी की किल्लत से गांव में खेती नहीं हो रही. पशुओं को भी लोग नहीं पाल रहे. यही नहीं हालात ऐसे हैं कि युवा यहां के कुंआरे ही रह जा रहे हैं. कोई भी ऐसे गांव में अपनी बेटी नहीं देना चाहता, जहां पानी भी उपलब्ध नहीं है. मोरे का दावा है कि गांव के करीब 350 लोग कुंआरे हैं. कोई भी उनसे अपनी बेटी की शादी नहीं करना चाहता. बता दें कि 2024 में कृष्णा घाटी विकास निगम ने सिना-माधा सिंचाई योजना से तुलशी गांव को पानी देने की बात कही गई थी. इसके बाद भी गांव में पानी की उपलब्धता नहीं हो सकी है. 

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
India News, India News Hindi, Tulshi Village Maharashtra, Tulshi Village Solapur, Maharashtra News
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com