महाराष्ट्र के धाराशिव जिले में राष्ट्रीय स्तर की महिला पहलवान अश्विनी मनोहर पॉल ने अपने तीन छोटे बच्चों के साथ ऐतिहासिक नलदुर्ग किले से करीब 100 फीट गहरी खाई में छलांग लगा दी. इस घटना में अश्विनी पॉल और उनके साढ़े पांच वर्षीय बेटे अजिंक्य की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि ढाई साल की जुड़वां बेटियों में से क्रांति ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया. दूसरी बेटी वीरा गंभीर रूप से घायल है और धाराशिव के सरकारी अस्पताल में वेंटिलेटर पर भर्ती है.
पिता ने लगाए गंभीर आरोप
घटना के बाद अश्विनी पॉल के पिता ने गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि उनकी बेटी को पति और ससुराल पक्ष की ओर से लगातार मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा था. उन्होंने दावा किया कि लंबे समय से चल रहे कथित उत्पीड़न के कारण अश्विनी ने यह कदम उठाया. हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है और पुलिस मामले की जांच कर रही है.

खेल जगत में थी अलग पहचान
अश्विनी मनोहर पॉल राष्ट्रीय स्तर की चर्चित महिला पहलवान थीं. कुश्ती जगत में उन्हें "महाराष्ट्र की टाइग्रेस" के नाम से जाना जाता था. अपने खेल करियर में उन्होंने राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पांच स्वर्ण और छह रजत पदक जीतकर राज्य का नाम रोशन किया था.

जिंदगी की जंग लड़ रही है बच्ची
जानकारी के अनुसार, धाराशिव जिले के ऐतिहासिक नलदुर्ग किले पर अश्विनी पॉल अपने तीन बच्चों के साथ पहुंची थीं. इसके बाद कथित तौर पर उन्होंने बच्चों सहित किले से नीचे खाई में छलांग लगा दी. हादसे में अश्विनी पॉल और उनके बेटे अजिंक्य की मौके पर ही मौत हो गई. गंभीर रूप से घायल जुड़वां बेटियों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां क्रांति की इलाज के दौरान मौत हो गई. दूसरी बेटी वीरा जिंदगी की जंग लड़ रही है.
पुलिस की जांच जारी
नलदुर्ग पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कर लिया गया है. पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया है और विभिन्न पहलुओं से मामले की जांच शुरू कर दी है. पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही घटना के कारणों और परिस्थितियों को लेकर स्पष्ट जानकारी सामने आएगी.
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