- मालेगांव महानगरपालिका में BJP और कांग्रेस के पार्षदों ने मिलकर 'भारत विकास आघाड़ी' मोर्चा बनाया है.
- 84 सदस्यीय महानगरपालिका में किसी भी दल के पास स्पष्ट बहुमत नहीं होने के कारण गठबंधन किंगमेकर हो सकता है.
- कांग्रेस के पार्षद एजाज बेग को गठबंधन का नेतृत्व सौंपा गया है. महापौर-उपमहापौर चुनाव से पहले गठबंधन बना है.
महाराष्ट्र के मालेगांव महानगरपालिका में महापौर और उपमहापौर चुनाव से पहले राजनीति में एक चौंकाने वाला और दुर्लभ मोड़ देखने को मिला है. आमतौर पर एक‑दूसरे के कट्टर विरोधी माने जाने वाले भाजपा और कांग्रेस के पार्षदों ने इस बार सियासी सीमाएं लांघते हुए हाथ मिला लिए हैं. दोनों पाटियों के नेताओं ने एक साझा मोर्चा बनाया है. इस अप्रत्याशित गठबंधन ने स्थानीय राजनीति में हलचल तेज कर दी है और सत्ता संतुलन को लेकर नए समीकरण खड़े कर दिए हैं.
सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस के तीन और भाजपा के दो पार्षदों ने मिलकर ‘भारत विकास आघाडी' नाम से एक स्वतंत्र राजनीतिक समूह का गठन किया है. 84 सदस्यीय मालेगांव महानगरपालिका में फिलहाल किसी भी दल के पास स्पष्ट बहुमत नहीं है. ऐसे में यह नया मोर्चा महापौर और उपमहापौर चुनाव में ‘किंगमेकर' की भूमिका निभा सकता है.
जानकारी के अनुसार, इस नवगठित मोर्चे का नेतृत्व कांग्रेस के पार्षद एजाज बेग को सौंपा गया है.
महापौर-उपमहापौर चुनाव से पहले बनाया मोर्चा
हालांकि, मालेगांव महानगरपालिका के चुनाव नतीजे पहले ही घोषित हो चुके हैं, लेकिन अब तक महापौर और उपमहापौर का चुनाव नहीं हो पाया है. इसी बीच भाजपा और कांग्रेस के पार्षदों का एक साथ आना कई सवाल भी खड़े कर रहा है. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह गठबंधन स्थानीय समीकरणों, आपसी मतभेदों और सत्ता में भागीदारी की रणनीति का नतीजा हो सकता है.
‘भारत विकास आघाडी' का किसे मिलेगा समर्थन?
इस घटनाक्रम ने न सिर्फ दोनों दलों के शीर्ष नेतृत्व को असहज स्थिति में डाल दिया है, बल्कि अन्य राजनीतिक दलों की रणनीतियों पर भी असर डाला है. अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि ‘भारत विकास आघाडी' महापौर और उपमहापौर चुनाव में किसे समर्थन देती है और मालेगांव की सत्ता की चाबी किसके हाथ लगती है.
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