- अजित पवार के बेटे जय पवार को राज्यसभा सदस्य के रूप में भेजने की योजना बन रही है
- भाजपा पार्थ पवार के राज्यसभा सदस्य बनने के पक्ष में नहीं है और उनका विरोध कर रही है
- भाजपा का कहना है कि पार्थ पवार पर पहले से ही आरोप लगे हुए हैं जो विवादित हैं
अजित पवार के बेटे जय पवार को राज्यसभा में भेजा सकता है. सूत्रों का कहना है कि BJP पार्थ पवार के पक्ष में नहीं है. जय पवार के नाम पर सहमति है. लेकिन पार्थ पवार पर सहमति नहीं है. पार्थ पवार पर पहले ही आरोप है इसलिए बीजेपी इसका विरोध कर रही है. इससे पहले अजित पवार के निधन के बाद पार्थ को मां सुनेत्रा पवार के स्थान पर राज्यसभा भेजने की बात कही जा रही थी. लेकिन पार्थ पवार पर एक जमीन घोटाले के आरोप होने से बीजेपी इसका विरोध कर रही है.
क्या है जमीन घोटाला, जिसमें जुड़ा पार्थ पवार का नाम?
पुणे के पॉश मुंधवा इलाके में 300 करोड़ रुपये में 40 एकड़ जमीन की बिक्री के सौदे ने राजनीतिक हलचल मचा दी है. यह जमीन अमाडिया एंटरप्राइजेज LLP नामक कंपनी को बेची गई थी, जिसमें उपमुख्यमंत्री अजित पवार के बेटे पार्थ पवार भागीदार हैं. विवाद इसलिए भी बढ़ गया है, क्योंकि यह जमीन सरकारी बताई जा रही है और इस सौदे में आवश्यक स्टांप ड्यूटी भी माफ कर दी गई थी. इसके अलावा, विपक्षी दलों का आरोप है कि संबंधित जमीन की वास्तविक कीमत करीब 1,800 करोड़ रुपये थी. कहा गया कि डिप्टी सीएम के बेटे को 1800 करोड़ की सरकारी जमीन 300 करोड़ में दे दी गई.
पार्थ पवार लोकसभा चुनाव भी लड़ चुके हैं
पार्थ पवार इससे पहले 2019 लोकसभा चुनाव में मावलं सीट से मैदान में उतरे थे, हालांकि उन्हें हार का सामना करना पड़ा था. इसके बावजूद पार्टी के भीतर उनकी सक्रियता और पारिवारिक राजनीतिक पहचान को देखते हुए उन्हें राज्यसभा भेजकर बड़ा मंच देने की चर्चाएं लंबे समय से चल रही थीं. अब सुनेत्रा के सक्रिय राजनीति में आने के बाद ये अटकलें और तेज हो गई हैं.
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