विज्ञापन

180 करोड़ का फ्रॉड, 1200 से ज्यादा की कमाई डूबी, मुख्य आरोपी फरार, जानें धोखाधड़ी से जुड़ा ये मामला है क्या

Thane 180 Crore Fraud Case: फरार मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से निवेशकों में भारी आक्रोश और डर का माहौल है. पीड़ितों को शक है कि बाहर रहते हुए आरोपी मामले से जुड़े अहम सबूतों को नष्ट कर सकते हैं और गवाहों पर दबाव बना सकते हैं.

180 करोड़ का फ्रॉड, 1200 से ज्यादा की कमाई डूबी, मुख्य आरोपी फरार, जानें धोखाधड़ी से जुड़ा ये मामला है क्या
महाराष्ट्र के ठाणे शहर में बड़ा निवेश घोटाला.
  • ठाणे शहर में निवेश घोटाले में 1200 से अधिक निवेशकों को 180 करोड़ रुपये का चूना लगाया गया है
  • जालसाजों ने गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को अधिक रिटर्न का लालच देकर उनके जीवनभर की कमाई हड़पी
  • सचिन राणे, प्रीति राणे और सागर करिवडेकर समेत कई आरोपियों के खिलाफ MPID अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है
मुंबई:

महाराष्ट्र के ठाणे शहर में बड़ा निवेश घोटाला सामने आया है, जिसमें करीब 1200 से अधिक निवेशकों को 180 करोड़ रुपये का चूना लगाया गया है. इस स्कैम की गंभीरता को देखते हुए अब वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों की देखरेख में एक विशेष जांच दल SIT गठित करने की मांग तेज हो गई है. पीड़ितों के वकील राजेश काकडे ने इस संबंध में राज्य के पुलिस महासंचालक DGP को एक आधिकारिक पत्र भेजकर मामले की गहराई से जांच करने का अनुरोध किया है. 

गरीब और मध्यमवर्गीय बने शिकार

इस मामले की शुरुआत तब हुई जब ठगी के शिकार हुए लोगों की शिकायत पर 24 फरवरी 2026 को ठाणे नगर पुलिस स्टेशन में आधिकारिक तौर पर एफआईआर दर्ज की गई. जालसाजों ने निवेश पर बहुत ज्यादा रिटर्न देने का लालच देकर समाज के मध्यमवर्गीय और गरीब परिवारों को निशाना बनाया. अपनी जीवनभर की गाढ़ी कमाई गंवाने के बाद अब पीड़ित न्याय के लिए भटक रहे हैं.

सचिन राणे, प्रीति राणे और सागर करिवडेकर पर गिरी गाज

इस इन्वेस्टमेंट स्कैम में मुख्य आरोपी सचिन राणे, उसकी पत्नी प्रीति राणे और उनके सहयोगी सागर करिवडेकर सहित कई अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ BNS और महाराष्ट्र में वित्तीय धोखाधड़ी को रोकने के लिए बनाए गए कड़े कानून MPID (महाराष्ट्र जमाकर्ताओं के हितों का संरक्षण अधिनियम) के तहत मामला दर्ज किया है.

पुराना क्रिमिनल रिकॉर्ड छिपाने का आरोप

मुख्य आरोपी सचिन राणे ने गिरफ्तारी से बचने के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन 11 मार्च को ठाणे सत्र न्यायालय ने उसकी अग्रिम जमानत याचिका को पूरी तरह खारिज कर दिया. इसके बाद आरोपियों को बॉम्बे हाई कोर्ट से भी कोई अंतरिम राहत नहीं मिली. शिकायतकर्ता के वकील का आरोप है कि आरोपियों का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी है, जिसे उन्होंने बड़ी चालाकी से अदालत से छिपाकर रखा था.

एक आरोपी गिरफ्तार, मुख्य राणे दंपति पुलिस की पकड़ से दूर

इस मामले में पुलिस को आंशिक सफलता तब मिली जब सह-आरोपी सागर करिवडेकर को सावंतवाड़ी पुलिस की मदद से गिरफ्तार कर लिया गया. लेकिन पर्याप्त सबूत होने के बावजूद मुख्य आरोपी सचिन राणे और उसकी पत्नी प्रीति राणे अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं और फरार चल रहे हैं. सिर्फ ठाणे ही नहीं, बल्कि मुंबई के अंबोली पुलिस स्टेशन में भी इस गिरोह के खिलाफ 34 लाख रुपये की धोखाधड़ी का एक और मामला दर्ज है.

निवेशकों में भारी डर और आक्रोश 

फरार मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से निवेशकों में भारी आक्रोश और डर का माहौल है. पीड़ितों को शक है कि बाहर रहते हुए आरोपी मामले से जुड़े अहम सबूतों को नष्ट कर सकते हैं और गवाहों पर दबाव बना सकते हैं. इसी वजह से वकील राजेश काकडे और पीड़ितों द्वारा लगातार मांग की जा रही है कि तुरंत एक सक्षम SIT का गठन किया जाए, फरार राणे दंपति को गिरफ्तार कर पुलिस कस्टडी में लिया जाए और गहनता से पूछताछ कर निवेशकों का पैसा वापस दिलाया जाए.
 

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Thane Fraud Case, Maharashtra News, SIT Inquiry, Thane Investment Scam, 180 Crore Rupees Fraud
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com