महाराष्ट्र में पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही भीषण बारिश का कहर जारी है. पुणे में तीन दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है. बारिश का सबसे ज्यादा असर लोनावला में देखने को मिला, जहां 900 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई. भारी बारिश के कारण जिले में 22 स्थानों पर भूस्खलन हुआ है, जबकि 9 प्रमुख सड़कें यातायात के लिए बंद करनी पड़ी हैं. ताम्हिनी घाट के पास हुए भूस्खलन में तीन घर मलबे में दब गए.
लोनावला में 16 साल का रिकॉर्ड टूटा
मौसम विभाग के अनुसार, लोनावला में 900 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो पिछले 16 वर्षों का सबसे बड़ा रिकॉर्ड है. वहीं पिंपरी-चिंचवड़ में 326 मिलीमीटर और पुणे शहर में 233.6 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई. विभाग के मुताबिक जुलाई महीने के इतिहास में यह चौथा सबसे बड़ा बारिश का रिकॉर्ड भी माना जा रहा है.

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22 जगह भूस्खलन, 9 सड़कें यातायात के लिए बंद
लगातार हो रही बारिश के कारण पुणे जिले में 22 स्थानों पर भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं. कई पहाड़ी इलाकों में चट्टानें और मिट्टी खिसकने से सड़कें बाधित हो गईं. प्रशासन ने एहतियात के तौर पर जिले की 9 प्रमुख सड़कों को यातायात के लिए बंद कर दिया है. अधिकारियों का कहना है कि बारिश की स्थिति की समीक्षा के बाद ही इन्हें दोबारा खोला जाएगा.
ताम्हिनी घाट में मलबे में दबे तीन घर
मुल्शी तालुका के ताम्हिनी क्षेत्र में भारी बारिश और पहाड़ी ढलान पर मिट्टी खिसकने से बड़ा भूस्खलन हुआ. निवे ग्राम पंचायत के सारोले-दावडी इलाके में पहाड़ी के नीचे बने तीन घर मलबे की चपेट में आ गए. राहत की बात यह रही कि लगातार बारिश और खतरे को देखते हुए वहां रहने वाले लोग पहले ही सुरक्षित स्थानों पर चले गए थे, इसलिए किसी तरह की जनहानि नहीं हुई.

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शहर से गांव तक जनजीवन प्रभावित
भारी बारिश के कारण पुणे शहर, पिंपरी-चिंचवड़ और ग्रामीण इलाकों में कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति बन गई. कई घरों में पानी घुस गया, जबकि पहाड़ी क्षेत्रों में लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. पिछले 48 घंटों में जिले के कई हिस्सों में 200 से 250 मिलीमीटर तक बारिश दर्ज की गई है, जिससे प्रशासन अलर्ट मोड पर है.
मोबाइल टावर गिरने से इंटरनेट सेवाएं ठप
पिंपरी-चिंचवड़ इलाके में भारी बारिश और तेज हवाओं से मोबाइल टावर गिरने के कारण इंटरनेट और नेटवर्क सेवाएं पूरी तरह ठप हो गई हैं, जिससे हजारों नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
#WATCH | नासिक, महाराष्ट्र: शहर के कई इलाकों में लगातार बारिश के कारण जलभराव की स्थिति बनी हुई है।
— ANI_HindiNews (@AHindinews) July 7, 2026
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मुंबई, कोल्हापुर, सतारा, सिंधुदुर्ग और रत्नागिरी ज़िलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
वीडियो त्र्यंबकेश्वर मंदिर से है। pic.twitter.com/1CJuGLIqZl
पुणे में हवाई सेवाओं पर असर
पुणे शहर में हो रही भारी बारिश का सीधा असर अब विमान सेवाओं पर भी पड़ने लगा है. लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण कल यानि 6 जुलाई को कई उड़ानों में देरी हुई, जबकि कई विमानों को दूसरे हवाई अड्डों की तरफ मोड़ना पड़ा. खराब मौसम के चलते चेन्नई-पुणे और चेन्नई-कोलकाता की दो उड़ानों की दूसरे एयरपोर्ट पर सुरक्षित लैंडिंग कराई गई है. वहीं, पुणे आने वाली करीब 7 उड़ानों को लैंडिंग के लिए दो-दो घंटे तक का इंतजार करना पड़ा है.
बाढ़ के पानी में घंटो फंसे रहे कर्मचारी
पुणे के वाघोली-लोहगांव रोड पर आज सुबह अचानक पानी बढ़ जाने के कारण एक निजी कंपनी की बस बीच सड़क पर ही फंस गई. जलभराव के चलते बस में सवार कंपनी के कई कर्मचारी काफी देर तक अंदर ही फंसे रहे. घटना की जानकारी मिलते ही दमकल विभाग और पीएमआरडीए (PMRDA) के जवान तुरंत मौके पर पहुंचे और संयुक्त अभियान चलाकर सभी कर्मचारियों को बस से सुरक्षित बाहर निकाला.

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वशिष्ठी नदी में बाढ़ जैसे हालात
नासिक में त्र्यंबकेश्वर और गिरणारे गांव को जोड़ने वाली वशिष्ठी नदी में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं. नदी का जलस्तर इतना बढ़ गया है कि पानी किनारों को तोड़कर बाहर बहने लगा है. कल रात से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण नदी के जलस्तर में यह भारी वृद्धि देखने को मिली है.
पुणे में नदी में गिरा कंक्रीट मिक्सर
पुणे के भोर तालुका के खोपी में सोमवार दोपहर रिंग रोड के निर्माण कार्य में लगा एक कंक्रीट मिक्सर ट्रक फिसलकर शिवगंगा नदी में गिर गया. हादसे में किसी की जान नहीं गई. देर रात तक कंक्रीट मिक्सर को नदी से बाहर निकालने के लिए ऑपरेशन जारी था. राजस्व विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, रिंग रोड कंपनी ने गर्मियों में आवाजाही के लिए शिवगंगा नदी पर पाइप और मिट्टी डालकर एक अस्थायी पुल बनाया था. लगातार हो रही बारिश की वजह से पुल की मिट्टी पर अत्यधिक फिसलन हो गई, जिसके कारण ट्रक फिसलकर नदी में जा गिरा.
महाराष्ट्र में भारी बारिश के कारण 13 लोगों की मौत
महाराष्ट्र में पिछले दो दिनों से लगातार हो रही भारी बारिश के कारण जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है. सिर्फ सोमवार की ही मूसलाधार बारिश के कारण अलग-अलग दुर्घटनाओं में 13 लोगों ने अपनी जान गंवाई है, जबकि 10 लोग घायल हुए हैं. इन हादसों में लगभग 100 घरों को भी भारी नुकसान पहुंचा है. बाढ़ जैसी स्थिति के कारण सैकड़ों परिवार बेघर हो गए हैं, जिन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है.

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IMD ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया
मौसम विभाग ने मुंबई, कोल्हापुर, सतारा, सिंधुदुर्ग और रत्नागिरी जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है और कुछ जगहों पर मध्यम बारिश का अनुमान जताया है. इससे पहले, मुंबई, ठाणे, रायगढ़, पुणे और नासिक के घाट इलाकों के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया था, जिसमें बहुत भारी बारिश, तेज हवाओं और जलभराव की चेतावनी दी गई थी.
सभी दफ्तरों के लिए 'वर्क-फ्रॉम-होम
राज्य सरकार ने सभी दफ्तरों के लिए 'वर्क-फ्रॉम-होम' की व्यवस्था की घोषणा की है और बचाव व तैयारी के लिए आपदा राहत बल तैनात किए हैं. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है, क्योंकि IMD ने मंगलवार को नासिक-त्र्यंबकेश्वर इलाके में बादल फटने की घटना की चेतावनी दी है.
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