जाको राखे साइयां मार सके ना कोई.. बोरिवली जा रही एक लोकल में सवारी कर रहे उदय मंगेश वांगड के लिए ये कहावत सटीक बैठती है. चलती लोकल से वैतरणा की खाड़ी में गिर गया था. गनीमत ये रहा कि युवक अंधेरी रात के बावजूद एक खंभे के सहारे युवक ने खुद को बचाए रखा. रेलवे कर्मचारी और स्थानीय लोगों ने युवक की जान बचा ली.
पश्चिमी रेलवे के वैतरणा खाड़ी पुल पर चलती लोकल से उदय गिर गया था. बोईसर निवासी 25 वर्षीय वांगड बोरिवली जाते समय अचानक ट्रेन से सीधे वैतरणा खाड़ी के पानी में जा गिरा. युवक की किस्मत ठीक थी कि उस वक्त समुद्र में ज्वार कम था. उदय पुल के 10वें खंभे के खांचे को पकड़कर रात के अंधेरे में खड़ा रहा. इस दौरान वो अपनी जान बचाने के लिए लोगों को आवाज लगाता रहा.
रेलवे के ट्रैक मेंटेनर रमेश सिंह ने रात की गश्त के दौरान उसकी आवाज सुनी और तुरंत स्थानीय ग्रामीणों को इसकी सूचना दी. सूचना मिलते ही वाढ़ीव गांव के शिवसेना (शिंदे) गुट के शाखा प्रमुख गुरु पाटिल अपनी नाव लेकर पुल के नीचे पहुंचे. इसके बाद उन्होंने उदय को पानी से सुरक्षित बाहर निकाला.
हादसे में घायल उदय को प्राथमिक उपचार के बाद घेर भेज दिया गया है. अपने बेटे उदय के मौत के मुंह से बाहर आने के बाद उनकी मां बेहद भावुक थीं.
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