महाराष्ट्र में हर साल की तरह इस बार भी मॉनसून के स्वागत में ही प्रशासनिक दावों की पोल खुल गई है. दरअसल बीते दो दिनों से राज्य में मॉनसून फिर से एक्टिव हुआ है और इसके साथ ही मुंबई,ठाणे,नवी मुंबई और कोंकण के इलाके बेहाल गए हैं. कई जगहों पर जलभराव के कारण गाड़ियां पानी में डूब गईं, तो कहीं अधूरी सड़कों और गड्ढों की वजह से मीलों लंबा ट्रैफिक जाम लग गया. इसके अलावा, कुछ डराने वाले हादसे भी सामने आए हैं, जहां पानी में करंट फैलने और गाड़ियों के नाले में बहने की घटनाओं की तस्वीरें सामने आई हैं.

डोंबिवली और भिवंडी: पूरी तरह ठप हुआ यातायात, डूबीं गाड़ियां
ठाणे जिले के डोंबिवली में भारी बारिश के कारण शीलफाटा-भारत गियर्स मार्ग पर पानी इतना ज्यादा भर गया कि कई गाड़ियां उसमें आधी से ज्यादा डूब गईं. इतना ही नहीं एक तरफ की सड़क भी पूरी तरह से बंद हो गई है. इसके चलते इस पूरे रास्ते पर यातायात पूरी तरह से रुक गया है. इसके अलावा, डोंबिवली के ही एमआईडीसी (MIDC) इलाके में एक घर पर आम का एक विशाल पेड़ गिर गया, हालांकि राहत की बात यह रही कि इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ.
वहीं भिवंडी में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने मुंबई-नासिक हाईवे की हालत खराब कर दी है. राजमार्ग पर चल रहे अधूरे निर्माण कार्य और बारिश के पानी के कारण राजनोली, पिंपलनेर, मानकोली से लेकर खारीगांव टोल नाका तक भीषण ट्रैफिक जाम लग गया है. मुंबई की तरफ जाने वाले रास्ते पर 5 से 7 किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतारें लगी हुई हैं और लोग पिछले तीन-चार घंटों से जाम में फंसे हुए परेशान हो रहे हैं.

नवी मुंबई और वसई: पानी में फैला करंट, उफनते नाले में बही कार
नवी मुंबई के नेरुल इलाके से एक बेहद डराने वाली खबर सामने आई है. यहां एल.पी.ब्रिज के नीचे भारी बारिश के बीच बिजली के तार में शॉर्ट सर्किट हो गया, जिससे सड़क पर जमा पानी में करंट फैल गया. इस करंट की चपेट में कॉलेज की दो छात्राएं आ गईं और वहीं पानी में गिर गईं. आस-पास के लोगों ने तुरंत रिक्शे की मदद से दोनों को निकालकर डी. वाई. पाटिल अस्पताल में भर्ती कराया, जहाँ उनका इलाज चल रहा है. नेरुल पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है.दूसरी तरफ, वसई पूर्व से एक वीडियो सामने आया है जहां उफनते हुए नाले के तेज बहाव में एक कार बह गई. गनीमत यह रही कि कार के ड्राइवर ने समय रहते गाड़ी से कूदकर अपनी जान बचा ली, जिससे एक बड़ा हादसा होने से टल गया.

रत्नागिरी: धंस गया नया मार्ग, पीडब्ल्यूडी (PWD) पर फूटा गुस्सा
कोंकण के रत्नागिरी में तो पहली ही बारिश ने लोक निर्माण विभाग (PWD) के कामकाज की गुणवत्ता की पोल खोल कर रख दी है. यहाँ मंडणगड-बाणकोट मार्ग का एक बड़ा हिस्सा पहली ही बारिश में नीचे धंस गया है. पालवाणी फाटा के पास सड़क पर बड़ी-बड़ी दरारें आ गई हैं, जिससे यहाँ से गुजरने वाले वाहनों के लिए बड़ा खतरा पैदा हो गया है. स्थानीय नागरिकों ने PWD की इस घटिया कार्यप्रणाली पर भारी नाराजगी जताई है और तुरंत इस रास्ते की मरम्मत कर इसका पक्का समाधान निकालने की मांग की है.
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कई जगहों पर पेड़ गिरने से आफत, मरोल में 4 लोग घायल
मुंबई उपनगर में सुबह से जारी मूसलाधार बारिश का सबसे ज्यादा असर उन इलाकों में दिख रहा है जहां निर्माण कार्य (कन्स्ट्रक्शन) चल रहे हैं. इन क्षेत्रों में जलभराव के साथ-साथ पेड़ गिरने की गंभीर घटनाएं सामने आई हैं. सबसे बड़ा हादसा मरोल के मिलिट्री रोड पर हुआ,जहां एक विशाल पेड़ अचानक तीन गाड़ियों पर जा गिरा. इस हादसे की चपेट में आने से चार लोग घायल हो गए, जिन्हें तुरंत इलाज के लिए सेवेन हिल्स अस्पताल में भर्ती कराया गया है. वहीं दूसरी तरफ, जोगेश्वरी पश्चिम के ए.सी. रोड पर भी एक बड़ा पेड़ गिरने से वहां खड़ा एक टेम्पो और बिजली का मीटर बॉक्स पूरी तरह तबाह हो गया. गनीमत रही कि इस घटना के वक्त वहां कोई मौजूद नहीं था, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई. फिलहाल, महानगरपालिका (BMC) प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचकर पेड़ हटाने और रास्ते को साफ करने के काम में जुट गई हैं.
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