महाराष्ट्र में खाद्य और औषधि प्रशासन (FDA) ने प्रतिबंधित गुटखा और पान मसाले की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए ₹1.13 करोड़ का माल जब्त किया है. इस कार्रवाई की खास बात यह रही कि संदिग्ध ट्रक को पकड़ने के लिए अधिकारियों को करीब छह घंटे तक लगातार पीछा करना पड़ा. मामले में पांच लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है और अब पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है.
गुप्त सूचना से शुरू हुआ ऑपरेशन
FDA को सूचना मिली थी कि मध्य प्रदेश से प्रतिबंधित गुटखा और पान मसाला लेकर एक टाटा ट्रक महाराष्ट्र की ओर आ रहा है. सूचना मिलते ही 18 सितंबर की दोपहर करीब 2 बजे विशेष अभियान शुरू किया गया. शुरुआती जानकारी के अनुसार ट्रक समृद्धि महामार्ग के रास्ते भिवंडी जाने वाला था, लेकिन रास्ते में उसने अपना रूट बदल लिया और संगमनेर से पुणे की तरफ मुड़ गया.
रूट बदलते ही सक्रिय हुईं टीमें
ट्रक का मार्ग बदलने की जानकारी मिलते ही FDA की अलग-अलग टीमें तुरंत हरकत में आ गईं. ठाणे डिवीजन की टीम को मुरबाड क्षेत्र में लगाया गया जबकि पुणे डिवीजन ने राजगुरुनगर में मोर्चा संभाला. अधिकारियों ने कई स्थानों पर निगरानी बढ़ा दी ताकि वाहन को रोका जा सके.
टोल प्लाजा पर नहीं रुका ट्रक
राजगुरुनगर टोल प्लाजा पर फूड सेफ्टी ऑफिसर लक्ष्मीकांत सावले ने ट्रक को रोकने की कोशिश की. हालांकि चालक ने रुकने के बजाय वाहन की रफ्तार बढ़ा दी और वहां से फरार हो गया. इसके बाद ट्रक को पकड़ने के लिए लगातार पीछा किया गया जो कई घंटों तक चलता रहा.
चाकन-तलेगांव चौक पर घेरा गया वाहन
करीब छह घंटे की मशक्कत के बाद FDA और स्थानीय पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए चाकन-तलेगांव चौक पर ट्रक को घेर लिया. वाहन की तलाशी में भारी मात्रा में प्रतिबंधित पान मसाला और सुगंधित तंबाकू यानी गुटखा बरामद हुआ. ट्रक समेत कुल जब्ती की कीमत ₹1,13,54,600 आंकी गई.
पांच आरोपियों पर मामला दर्ज
पूरी रात चली कानूनी प्रक्रिया के बाद 19 सितंबर की सुबह चाकन पुलिस स्टेशन में ड्राइवर, सप्लायर, ट्रांसपोर्टर और वाहन मालिक समेत पांच लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई. अधिकारियों का मानना है कि यह सिर्फ एक खेप नहीं बल्कि संगठित तरीके से चल रहा बड़ा अवैध कारोबार हो सकता है.
MCOCA लगाने की मांग
FDA ने पुलिस से सप्लाई चेन, पैसों के लेन-देन और आरोपियों के पुराने रिकॉर्ड की गहराई से जांच करने का अनुरोध किया है. एजेंसी का कहना है कि यदि जांच में संगठित आपराधिक नेटवर्क संचालित होने के सबूत मिलते हैं तो आरोपियों पर महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गनाइज्ड क्राइम एक्ट (MCOCA) के तहत सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए.
यह भी पढ़ें- बॉलीवुड स्टार सिर्फ एडवरटाइजिंग कोड का उल्लंघन करने वाले लोग... NDTV से बोले तुकाराम मुढ़े
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं