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महाराष्ट्र में सख्त गाइडलाइन लागू: अफसर लोकल ट्रेन और बस से करेंगे सफर, AC के तापमान पर भी पाबंदी

Maharashtra Government Guidelines: महाराष्ट्र सरकार ने आर्थिक अनुशासन के लिए नई गाइडलाइन लागू की है. अब सरकारी विभागों, निगमों और जिलों को खर्च सीमित रखने, संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग करने के आदेश हैं.

महाराष्ट्र में सख्त गाइडलाइन लागू: अफसर लोकल ट्रेन और बस से करेंगे सफर, AC के तापमान पर भी पाबंदी
महाराष्ट्र सरकार ने ईंधन बचाने के लिए जारी की गाइडलाइन्स.

Maharashtra Govt Guidelines for Cost Reduction:  महाराष्ट्र सरकार ने सरकारी खर्च में कटौती और आर्थिक अनुशासन लागू करने के लिए बड़ा कदम उठाया है. मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद राज्य सरकार ने सभी विभागों, जिलाधिकारियों, महानगरपालिकाओं और प्रशासनिक इकाइयों के लिए नई काटकसर नीति लागू कर दी है. नई गाइडलाइन के तहत सरकारी वाहनों के इस्तेमाल पर सख्ती की गई है. अधिकारियों को अनावश्यक सरकारी गाड़ियों के उपयोग से बचने और निजी या साझा परिवहन अपनाने के निर्देश दिए गए हैं. इसके अलावा विदेश दौरों और गैरजरूरी यात्राओं में सरकारी वाहनों के इस्तेमाल को भी सीमित किया जाएगा.

वरिष्ठ अधिकारियों को करना होगा पब्लिक ट्रांसपोर्ट से सफर

सरकार के सबसे अहम निर्देशों में यह फैसला शामिल है कि वरिष्ठ अधिकारियों को सप्ताह में कम से कम एक दिन मेट्रो, लोकल ट्रेन या सार्वजनिक बस जैसी सेवाओं से यात्रा करनी होगी। सरकार का मानना है कि इससे ईंधन की बचत होगी और आम जनता के बीच सरकारी अधिकारियों की भागीदारी भी बढ़ेगी।

इलेक्ट्रिक वाहन और कारपूलिंग को बढ़ावा

नई नीति के तहत इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल को प्राथमिकता दी जाएगी. साथ ही अधिकारियों और कर्मचारियों को कारपूलिंग व्यवस्था अपनाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि ईंधन खर्च और ट्रैफिक दोनों में कमी लाई जा सके.

सरकारी दफ्तरों में बिजली बचाने की मुहिम

सरकार ने सभी सरकारी कार्यालयों में बिजली बचत अभियान चलाने के आदेश दिए हैं. एसी, पंखे और लाइट्स का उपयोग जरूरत के अनुसार करने को कहा गया है. एसी का तापमान 26 से 28 डिग्री सेल्सियस के बीच रखने के निर्देश जारी किए गए हैं, जिससे बिजली की खपत कम की जा सके.

ऑनलाइन मीटिंग्स को मिलेगा बढ़ावा

सरकार ने बैठकों, प्रशिक्षण कार्यक्रमों, कार्यशालाओं और कॉन्फ्रेंस को अधिकतम ऑनलाइन माध्यम से आयोजित करने को कहा है. इसके पीछे मकसद यात्रा, आवास और अन्य प्रशासनिक खर्चों में कमी लाना बताया गया है.

सोलर एनर्जी और स्वदेशी उत्पादों पर जोर

“प्रधानमंत्री सूर्यघर” योजना के तहत सरकारी इमारतों और कार्यालयों में सोलर एनर्जी के उपयोग को बड़े स्तर पर बढ़ावा दिया जाएगा.

इसके साथ ही सरकार ने स्थानीय और स्वदेशी उत्पादों के इस्तेमाल को प्रोत्साहित करने का फैसला लिया है. खाद्य तेल, साबुन और सफाई उत्पादों में घरेलू ब्रांड्स को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं.

नए सरकारी वाहनों की खरीद पर नियंत्रण

सरकार ने नए सरकारी वाहनों की खरीद को भी सीमित करने का निर्णय लिया है. केवल अत्यावश्यक मामलों में ही नई गाड़ियों की मंजूरी दी जाएगी. वहीं. बाइकर रैलियों और अधिक ईंधन खपत वाले कार्यक्रमों को अनुमति देने से बचने के निर्देश भी जारी किए गए हैं.

पर्यावरण संरक्षण पर भी फोकस

नई नीति में PNG गैस के अधिक उपयोग और पारंपरिक ईंधन पर निर्भरता कम करने पर जोर दिया गया है. कृषि क्षेत्र में रासायनिक खादों की जगह प्राकृतिक और जैविक खादों को बढ़ावा देने की बात कही गई है. सरकार का कहना है कि इन सभी उपायों से सरकारी खर्च में बड़े पैमाने पर बचत होगी, ऊर्जा संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में मदद मिलेगी.

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