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जापान में पाकिस्तानियों की बनाई अवैध मस्जिद पर बवाल, खुद पाक सरकार भी घिरी

जापान में जो जमीन "पहाड़ी वन भूमि" के रूप में रिजर्व थी, उसपर पाकिस्तान से आए लोगों ने अवैध मस्जिद बना दी है. उपर से उसके उद्घाटन में खुद पाकिस्तान के राजदूत भी शामिल हो गए. अब पूरा मामला सामने आने के बाद बवाल मचा हुआ है.

जापान में पाकिस्तानियों की बनाई अवैध मस्जिद पर बवाल, खुद पाक सरकार भी घिरी
जापान में बनाई गई एक मस्जिद पर बवाल, पाकिस्तान का रोल आया सामने

जापान में एक मस्जिद को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. यह मस्जिद बिना जरूरी सरकारी अनुमति के बना दी गई. मामला तब और चर्चा में आ गया जब इसके उद्घाटन में खुद जापान में तैनाज पाकिस्तान के राजदूत भी शामिल हुए थे. अब जापानी अधिकारियों ने कहा है कि मस्जिद निर्माण स्थानीय कानूनों के खिलाफ हुआ. बवाल बढ़ने पर पाकिस्तान का दूतावास अब बहाने दे रहा है. इस विवाद ने जापान में रहने वाले पाकिस्तानी समुदाय और धार्मिक स्थलों के निर्माण पर नई बहस छेड़ दी है. चलिए पूरा मामला बताते हैं.

क्या है पूरा मामला?

यह मस्जिद जापान के साइतामा प्रांत के कावागोए शहर में स्थित है. यह 4,500 वर्ग मीटर जमीन पर बनी है, जिसे "पहाड़ी वन भूमि" के रूप में क्लासिफाई किया गया है. यह इलाका "अर्बनाइजेशन कंट्रोल एरिया" यानी नियंत्रित शहरी विकास क्षेत्र में आता है, जहां आम तौर पर निर्माण की अनुमति नहीं होती, जब तक स्थानीय प्रशासन से विशेष मंजूरी न मिल जाए. यहीं पर मस्जिद बनाया गया है. स्थानीय प्रशासन का कहना है कि मस्जिद का निर्माण जरूरी अनुमति के बिना किया गया. यह मामला इसलिए भी चर्चा में आया क्योंकि जापान में पाकिस्तान के राजदूत अब्दुल हमीद इस साल मस्जिद के उद्घाटन समारोह में शामिल हुए थे.

याशियो मस्जिद का प्रतिनिधित्व करने वाले 62 वर्षीय पाकिस्तानी नागरिक शकील शेख मोहम्मद ने कावागोए मस्जिद परियोजना की आलोचना की. उन्होंने कहा, "अगर कोई मस्जिद बिना अनुमति लिए बनाई जा रही है, तो यह अच्छी बात नहीं है. मस्जिद के लिए अच्छा माहौल तभी बन सकता है जब स्थानीय लोगों के साथ अच्छे संबंध हों."

अब बिना अनुमति निर्माण से जुड़ी खबरें सामने आने के बाद पाकिस्तान के दूतावास ने सोमवार को एक्स पर एक बयान जारी किया और जापान में रहने वाले पाकिस्तानियों से स्थानीय नियमों का पालन करने की अपील की. 31 मई को जारी एक अलग बयान में दूतावास ने कहा कि राजदूत अब्दुल हमीद ने उद्घाटन समारोह में शामिल होने का निमंत्रण तभी स्वीकार किया था, जब आयोजकों ने उन्हें भरोसा दिलाया था कि सभी जरूरी मंजूरियां मिल चुकी हैं.

बयान में कहा गया, "पाकिस्तान का दूतावास ऐसी किसी भी परियोजना से जुड़ा नहीं है जो स्थानीय सरकारों के कानूनों का पालन नहीं करती. इसमें 3 अप्रैल 2026 को कावागोए में आयोजित कार्यक्रम भी शामिल है. पाकिस्तान के राजदूत ने उस कार्यक्रम का निमंत्रण इस जानकारी के आधार पर स्वीकार किया था कि जापानी कानून के अनुसार सभी जरूरी परमिट प्राप्त कर लिए गए हैं."

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