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AI और हाई-टेक टूल्‍स से लैस महाराष्‍ट्र साइबर, चुनावी मौसम में रोजाना हटाए जा रहे विवादित पोस्‍ट

महाराष्ट्र साइबर का मॉनिटरिंग सेल इस वक्त पूरी तरह से एक्टिव मोड में है. बड़े पैमाने पर टीम को मोबिलाइज किया गया है और उन्हें दुनिया के लेटेस्ट टूल्स और टेक्नोलॉजी उपलब्ध कराई गई है.

AI और हाई-टेक टूल्‍स से लैस महाराष्‍ट्र साइबर, चुनावी मौसम में रोजाना हटाए जा रहे विवादित पोस्‍ट
  • महाराष्ट्र साइबर टीम ने सोशल मीडिया पर कानून-व्यवस्था और सौहार्द बिगाड़ने वाले कंटेंट की निगरानी शुरू कर दी है
  • सोशल मीडिया मॉनिटरिंग के लिए AI आधारित खास सॉफ्टवेयर का उपयोग कर तेजी से आपत्तिजनक पोस्ट की पहचान की जा रही है
  • कम गंभीर मामलों में संबंधित यूजर को मैसेज के जरिए चेतावनी दी जाती है और वे आमतौर पर पोस्ट डिलीट कर देते हैं.
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मुंबई:

महाराष्ट्र में हो रहे महानगरपालिका चुनाव के मद्देनजर महाराष्ट्र साइबर ने सोशल मीडिया पर कड़ी निगरानी शुरू कर दी है. चुनाव की घोषणा के बाद से हर दिन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर 30 से ज्यादा ऐसे मैसेज और पोस्ट सामने आ रहे हैं, जो कानून-व्यवस्था या सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ सकते हैं. महाराष्ट्र साइबर की टीम ऐसे कंटेंट की तुरंत पहचान कर कार्रवाई कर रही है.

महाराष्ट्र साइबर का मॉनिटरिंग सेल इस वक्त पूरी तरह से एक्टिव मोड में है. बड़े पैमाने पर टीम को मोबिलाइज किया गया है और उन्हें दुनिया के लेटेस्ट टूल्स और टेक्नोलॉजी उपलब्ध कराई गई है. सोशल मीडिया मॉनिटरिंग के लिए खास सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद भी ली जा रही है.

गंभीर मामलों में उठाए जाते हैं सख्‍त कदम

इन टूल्स के जरिए ऐसे पोस्ट और कमेंट्स को तेजी से पहचाना जा रहा है, जो ऑब्सेशन फैलाने वाले, मानहानि करने वाले या सांप्रदायिक सौहार्द को नुकसान पहुंचाने वाले हैं. यह दो तरह से कार्रवाई कर रहा है, जो मामले ज्‍यादा गंभीर नहीं होते हैं, उनमें संबंधित यूजर को कानून के तहत चेतावनी दी जाती है. यह चेतावनी सीधे उनके पर्सनल मैसेज बॉक्स में भेजी जाती है और ज्यादातर मामलों में वार्निंग मिलने के बाद लोग खुद ही अपना पोस्ट या कमेंट डिलीट कर देते हैं.

हालांकि गंभीर मामलों में, जिनसे सांप्रदायिक सद्भाव बिगड़ने का खतरा होता है, उनमें सख्त कदम उठाए जा रहे हैं. ऐसे मामलों में एफआईआर दर्ज की जा रही है, आपत्तिजनक पोस्ट को टेक-डाउन किया जा रहा है और संबंधित सोशल मीडिया अकाउंट्स को डिएक्टिवेट भी किया जा रहा है.

निगरानी के अच्‍छे नतीजे आ रहे सामने: यादव 

महाराष्ट्र साइबर के एडीजी यशस्वी यादव के अनुसार , चुनाव आयोग की ओर से लगातार निर्देश मिलते रहते हैं कि सोशल मीडिया पर निगरानी रखी जाए. इन्हीं निर्देशों के तहत साइबर टीम प्रो-एक्टिव होकर काम कर रही है और इसके अच्छे नतीजे भी सामने आ रहे हैं.

फिलहाल रोजाना करीब 30 से 40 ऐसे पोस्ट सामने आ रहे हैं, जो सांप्रदायिक सौहार्द को नुकसान पहुंचा सकते हैं. इन पोस्ट्स को तुरंत हटाया जा रहा है, यूजर्स की पहचान की जा रही है और जरूरत के मुताबिक उन्हें या तो चेतावनी दी जा रही है या फिर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा रही है. चुनाव के दौरान सोशल मीडिया पर शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए महाराष्ट्र साइबर की यह निगरानी आगे भी जारी रहेगी.

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