- सपा के नेता अबु आसिम आजमी ने महाराष्ट्र विधानसभा में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के विदेशी नियंत्रण पर चिंता जताई
- उन्होंने विदेशी ऐप्स और अकाउंट्स को बच्चों को गुमराह करने वाले बताते हुए सरकार से प्रतिबंध लगाने की मांग की
- आजमी ने कहा कि क्राइम के चार चरण होते हैं और केवल इरादा और तैयारी पर सजा देना उचित नहीं है
समाजवादी पार्टी के नेता अबु आसिम आजमी ने महाराष्ट्र विधानसभा में एक अहम मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि बहुत सारे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म विदेश से चल रहे हैं, जिनका मकसद बच्चों को गुमराह करना है. जब कोई मासूम बच्चा बहक जाता है तो उसे पकड़कर जेल में डाल दिया जाता है. उन्होंने मांग की कि विदेशों से चल रहे ऐसे ऐप्स और अकाउंट को बैन किया जाए.
महाराष्ट्र विधानसभा में मुद्दा उठाते हुए कहा, 'ऐसी तमाम वेबसाइट, इंस्टाग्राम, टेलीग्राम क्रॉस बॉर्डर से चल रहे हैं. किसी को मालूम नहीं है कि ये कहां से चल रहा है? लेकिन हुकूमत को मालूम है कि ये कहां से चल रहा है. जानबूझकर इसको अलाउ किया गया है. बच्चे आएं, इस पर कुछ एक्टिविटी करें. बाद में इन्हें गिरफ्तार किया जाता है. बहुत ही खतरनाक केस में ये लोग पकड़े जाते हैं.'
उन्होंने कहा कि 'जिस तरह चीन के सारे ग्रुप, सारे ऐप बंद कर दिए गए हैं, उसी तरह से क्रॉस बॉर्डर के सभी इंस्टाग्राम को सरकार को बंद कर देना चाहिए. क्योंकि बच्चे जो मासूम हैं, उन्हें मालूम नहीं और वो वहां चले जाते हैं. जैसे हिरण को खुला छोड़ देते हैं कि शेर आएगा पकड़ने के लिए, उसी तरह से इन ऐप्स को खुला छोड़ दिया है.'
कुछ Whatsapp अकाउंट, Instagram प्रोफाइल और Telegram चैनल, अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म विदेश से चलाए जा रहे हैं, जिनका मकसद बच्चों को गुमराह करना है। सरकार को इनके बारे में जानकारी होने के बावजूद उन्हें बंद नहीं किया जा रहा। लेकिन जब कोई मासूम बच्चा बहक जाता है, तो उस पर गंभीर… pic.twitter.com/rVOmJ8xkfP
— Abu Asim Azmi (@abuasimazmi) March 10, 2026
'क्राइम के 4 हिस्से होते हैं'
विधानसभा में उन्होंने अपने पास के ही एक वाकये का जिक्र किया. उन्होंने कहा, 'दो दिन पहले हमारे एरिया में एक बच्चा जो बहुत ही इंटेलिजेंट है, मेरिट में आया था जिसे हमने इनाम दिया था. वो गिरफ्तार हो गया है.'
उन्होंने कहा कि 'क्राइम के चार हिस्से होते हैं- इरादा (Intention), तैयारी (Preparation), कोशिश (Attempt) और अपराध को अंजाम देना (Execution). कानून के मुताबिक सिर्फ इरादा और तैयारी पर सजा नहीं दी जा सकती, लेकिन फिर भी ऐसे मामलों में UAPA जैसे सख्त कानून लगाए जा रहे हैं. हमारी हुकूमत से मांग है कि किसी बच्चे को इंटेशन का पता चला कि गलत रास्ते पर जा रहा है, उसे बुलाकर समझाया जाए.'
आजमी बोले- कोई आतंकी हो तो खुलेआम फांसी दो
उन्होंने यह भी कहा कि बहुत सारे केस में कई सालों बाद लोग बेगुनाह होकर छूट रहे हैं. उन्होंने कहा कि अगर कोई सच में आतंकी है तो उसे खुलेआम फांसी दे देनी चाहिए.
आजमी ने कहा, 'मुंबई सीरियल बम ब्लास्ट में 187 लोग मारे गए थे. 19 साल 13 लोग जेल में थे. जेल में बुलाकर उनके बाप को नंगा किया गया. भाभी का बुर्का उतारकर फेंक दिया गया. बच्चे को गया. तो बच्चा कहेगा कि जो चाहिए लिख लीजिए ये रहा मेरा कंफेशन. मालेगांव ब्लास्ट हुआ. आज तक कोई नहीं पकड़ा गया. ये देश में क्या हो रहा है?'
उन्होंने कहा कि 'किसी भी बेगुनाह को पकड़कर जेल में डाल दिया गया और 15-15 साल तक जेल में रखा गया. और गुनहेगार कौन है, पकड़ा नहीं जा रहा है. मेरी सरकार से मांग है कि इस पर ध्यान दे, किसी की जिंदगी तबाह न हो पाए. कोई वाकई टेररिस्ट है, खुलेआम फांसी पर चढ़ा दो, कोई विरोध नहीं करेगा.'
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