महाराष्ट्र: 8 दिन से लापता थी 82 साल की कोरोना मरीज, अस्पताल के टॉयलेट में मिली लाश

एक अन्य मामले में सरकारी अस्पताल के COVID-19 वार्ड में 80 वर्षीय एक मरीज सोमवार को लापता हो गया और एक दिन बाद बोरिवली रेलवे स्टेशन के पास मृत पाया गया.

महाराष्ट्र: 8 दिन से लापता थी 82 साल की कोरोना मरीज, अस्पताल के टॉयलेट में मिली लाश

महाराष्ट्र में भारत में कोरोनोवायरस के सबसे अधिक मामले हैं

मुंबई:

मुंबई में एक सरकारी अस्पताल के टॉयलेट से 82 साल की महिला का शव मिला है. बताया जा रहा है कि यह शव पिछले
सप्ताह से गायब था. कोरोनावायरस संक्रमण के मामलों में पहले स्थान पर रहने वाले महाराष्ट्र में मरीजों के लापता होने का यह ताजा मामला है. बताया जा रहा है कि जलगांव के सिविल अस्पताल में कोरोनावायरस पॉजिटिव महिला 2 जून से लापता थी. आज अस्पताल के टॉयलेट में इस महिला का शव मिलने से हड़कंप मच गया. बीजेपी नेता किरीट सोमैया ने ट्वीट किया और बताया कि इस महिला के पौत्र ने उन्हें बताया, 'यह शॉकिंग है, हम न्याया चाहते हैं.' बीजेपी नेता महाराष्ट्र के पूर्व सीएम देवेंद्र फडणवीस को टैग करते हुए लिखा, 'हम उन्हें न्याय दिलाएंगे.' COVID-19 मामलों में उछाल से राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा गई है, महाराष्ट्र में मरीजों और शवों के लापता होने के कई मामले सामने आए हैं. मुंबई में हाल के दिनों में 6 शवों का लावारिस के रूप में अंतिम संस्कार किया गया है जबकि कई परिवारों ने कहा कि वे अपने रिश्तेदारों के शवों की खोज कर रहे थे. 

वहीं एक अन्य मामले में सरकारी अस्पताल के COVID-19 वार्ड में 80 वर्षीय एक मरीज सोमवार को लापता हो गया और एक दिन बाद बोरिवली रेलवे स्टेशन के पास मृत पाया गया. बाद में उनके पोते ने एनडीटीवी को बताया 'हम 5 बजे घर से चले गए और 7.30 बजे उनकी मृत्यु हो गई. यह हमसे छिपाया हुआ था और हमें बाद में बताया गया कि हमारे दादा अस्पताल में नहीं हैं. यह सब रुकना चाहिए और किसी के साथ ऐसा ना हो.'

इससे पहले, एक 60 वर्षीय महिला का अज्ञात होने के कारण लगभग अंतिम संस्कार कर दिया गया था. मुंबई के सायन अस्पताल ने कहा कि उसका पता उनके रिकॉर्ड में सूचीबद्ध नहीं था. हालांकि, उनके परिवार ने कहा कि मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (MMRDA) के अस्थायी अस्पताल में उनके प्रवेश के समय सभी विवरण दिए गए थे. 

इस महिला को मुंबई में आए चक्रवात के चलते 2 जून को अस्पताल से शिफ्ट कर दिया गया था और परिवार उन्हें ढूंढ रहा था. इस महिला के पौत्र ने बताया, 'जब उन्हें अस्पताल से हटाया गया तो हमें क्यों नहीं बताया गया. सायन अस्पताल के रजिस्टर में उनके नाम की एंट्री है. कैसे उन्हें लावारिस समझ लिया? '


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