- महायुति ने महिला आरक्षण विधेयक के समर्थन में जांबोरी मैदान से वरली डोम तक विशाल जन आक्रोश मोर्चा निकाला
- आयोजित सार्वजनिक सभा में महायुति नेताओं ने विपक्ष के विरोध को महिलाओं के अधिकारों के खिलाफ बताया
- देवेंद्र फडणवीस ने विपक्ष पर हमला करते हुए कहा कि महिला आरक्षण बिल का विरोध करने वाले सफल नहीं होंगे
महिला आरक्षण विधेयक के समर्थन और विपक्ष के विरोध के खिलाफ महायुति गठबंधन ने आज मुंबई में जोरदार शक्ति प्रदर्शन किया. इस दौरान महायुति की ओर से विशाल “जन आक्रोश मोर्चा” निकाला गया, जो मुंबई के जांबोरी मैदान से शुरू होकर वरली डोम तक पहुंचा. महायुति ने इस मोर्चे को महिला अधिकारों के पक्ष में और महिला आरक्षण विधेयक के समर्थन में बड़ा कदम बताया. वहीं गठबंधन का कहना है कि लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक को नामंजूर किए जाने और विपक्ष द्वारा इसके विरोध के चलते यह मोर्चा आयोजित किया गया.
वरली डोम में बड़ी सभा
जांबोरी मैदान से वरली डोम तक निकाले गए इस मोर्चे के बाद वरली डोम में एक बड़ी सार्वजनिक सभा का आयोजन हुआ. इस सभा में महायुति के नेताओं ने अपनी अगली रणनीति और विपक्ष के प्रति अपना रुख स्पष्ट किया. महायुति ने विपक्ष द्वारा महिला आरक्षण विधेयक के विरोध पर तीखी प्रतिक्रिया जताते हुए इसे महिलाओं के अधिकारों के खिलाफ बताया. गठबंधन नेताओं का कहना है कि यह मोर्चा महिला आरक्षण के मुद्दे पर जनता के बीच जागरूकता फैलाने और विपक्ष के विरोध के खिलाफ एक मजबूत संदेश देने के लिए निकाला गया.
फडणवीस का विपक्ष पर हमला
इस सभा को संबोधित करते हुए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विपक्षी गठबंधन पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि आज के इस विशाल मोर्चे ने उन लोगों की नींद उड़ा दी है, जिन्होंने महिला आरक्षण बिल का विरोध किया था. सीएम फडणवीस ने इसे विरोधियों के लिए कड़ा इशारा बताते हुए कहा कि जो लोग महिलाओं को दबाने की कोशिश कर रहे हैं, वे अब इसमें सफल नहीं होंगे. उन्होंने कहा कि “महिला शक्ति” का अपमान करने वालों को एक करोड़ महिलाएं जवाब देंगी.
नारी शक्ति और इतिहास का जिक्र
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि राहुल गांधी हिंदू धर्म की जिस शक्ति को खत्म करने की बात करते हैं, वह असल में नारी शक्ति का अपमान है. उन्होंने कहा कि शक्ति का विनाश मतलब नारी शक्ति का विनाश है. सीएम फडणवीस ने अपने भाषण में यह भी कहा कि पंडित नेहरू ने हिंदू कोड बिल का विरोध किया था, जिसके कारण बाबासाहेब अंबेडकर को इस्तीफा देना पड़ा था. उन्होंने विपक्ष पर दलित विरोधी, आदिवासी विरोधी और संविधान विरोधी होने का आरोप लगाया और कहा कि जो लोग 2023 में महिला आरक्षण का समर्थन कर रहे थे, वे आज किस मुंह से इसका विरोध कर रहे हैं.
एक करोड़ हस्ताक्षरों का ऐलान
सीएम फडणवीस ने ऐलान किया कि एक करोड़ महिलाओं के हस्ताक्षर जमा कर राहुल गांधी और उनके सहयोगियों को कड़ा जवाब दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि यह केवल शुरुआत है और आगे हर महिला तक पहुंच बनाकर बड़े पैमाने पर जन‑जागृति अभियान चलाया जाएगा. महायुति नेताओं ने भी कहा कि महिला आरक्षण के मुद्दे पर उनका आंदोलन आगे और तेज होगा. इस बीच, महिला आरक्षण बिल को लेकर वरली में आयोजित महायुति के विरोध मार्च के दौरान एक और घटना सामने आई.
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