मुंबई से सटे मीरा-भायंदर के उत्तन इलाके में पुराने समय का एक जिंदा बम मिलने से बड़ी हलचल दिखी, हालांकि, मीरा-भायंदर पुलिस और एनएसजी ने एक संयुक्त ऑपरेशन चलाकर इसे सुरक्षित तरीके से डिफ्यूज कर दिया. इस मामले में खास बात ये है कि हाल ही में एनएसजी से मिली ट्रेनिंग के कारण स्थानीय पुलिस ने सही समय पर खतरे को भांप लिया और विशेषज्ञों को बुलाकर एक संभावित हादसे को टाल दिया.
जानकारी के मुताबिक, उत्तन इलाके में जमीन में गड़ा हुआ एक संदिग्ध गोला दिखने के बाद स्थानीय नागरिकों ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी. घटना स्थल पर पहुंची पुलिस ने जब जांच की, तो पता चला कि यह कोई साधारण वस्तु नहीं है, यह एक जिंदा बम हो सकता है. खतरे की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने NSG से संपर्क किया.
NSG की टीम ने सुरक्षित तरीके से किया ब्लास्ट
सूचना मिलते ही एनएसजी की विशेषज्ञ टीम मौके पर पहुंची और बारीकी से जांच की. जांच के दौरान स्पष्ट हुआ कि यह एक 'अनएक्सप्लोडेड ऑर्डनेंस' UXO यानी पुराना जिंदा बम है. इसके बाद सुरक्षा के सभी कड़े नियमों का पालन करते हुए, कल शाम करीब 4 बजे इस बम को सुरक्षित रूप से निष्क्रिय कर दिया गया. इस पूरी कार्रवाई के दौरान किसी भी तरह की जनहानि या नुकसान नहीं हुआ.
पुलिस की ट्रेनिंग आई काम
एनएसजी के अधिकारियों ने बताया कि हाल ही में उनके कैपेसिटी-बिल्डिंग प्रोग्राम के तहत मीरा-भायंदर पुलिस को आईईडी और विस्फोटक सामग्री की पहचान व उसकी हैंडलिंग को लेकर विशेष ट्रेनिंग दी गई थी. इसी ट्रेनिंग की बदौलत स्थानीय पुलिसकर्मियों ने संभावित खतरे को वक्त रहते पहचान लिया और सही कदम उठाए.
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इस पूरे मामले पर NSG अधिकारी रमेश शर्मा ने कहा कि यह घटना इस बात का बेहतरीन उदाहरण है कि अगर सही ट्रेनिंग और सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल हो, तो बड़े से बड़े संकट को आसानी से टाला जा सकता है. पुलिस और एनएसजी की मुस्तैदी की वजह से बुधवार को एक बड़ा हादसा टल गया और स्थानीय नागरिक सुरक्षित हैं.
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