1 जुलाई को धुले में पांच लोगों की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी
धुले:
महाराष्ट्र के धुले में 5 लोगों की पीट-पीटकर हत्या मामले में मुख्य आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. गौरतलब है कि व्हाट्सऐप पर बच्चा चोरी की अफवाह के बाद एक जुलाई को धुले में भीड़ ने 5 लोगों की पीट-पीटकर हत्या कर दी थी. पुलिस ने बताया कि आरोपी का नाम दशरथ पवार है. मामले में अभी तक 26 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है. पुलिस ने बताया था कि उन लोगों पर हमला इसलिए हुआ था कि व्हाट्सऐप पर इलाके में ऐसे लोगों की मौजूदगी की अफवाह फैल गई थी जो बच्चों का उनके अंगों के लिए अपहरण करते हैं.
पुलिस ने बताया था कि मारे गए लोग घुमंतू नाथ गोसावी समुदाय के थे जो घर-घर जाकर खाना मांगकर गुजारा करते हैं. यह बेहद शांतिपूर्ण समुदाय है और इसका कोई आपराधिक रिकॉर्ड भी नहीं है. इस समुदाय के लोगों का एक समूह घटना वाले दिन की सुबह शोलापुर से रैनपाड़ा पहुंचा था. उनमें से कुछ गांव में भिक्षाटन के लिए गए थे तभी स्थानीय लोगों ने उनपर हमला कर दिया.
पुलिस ने बताया कि समस्या तब शुरू जब उन लोगों में से एक को एक 6 साल की बच्ची से बात करते हुए देखा गया.
देखते ही देखते आसपास के गांवों के करीब 3000 लोग इकट्ठा हो गए और उन पांचों लोगों को स्थानीय पंचायत कार्यालय में बंद कर दिया गया. जब तक कुछ लोग यह तय करते कि इनका क्या किया जाए, गांववालों के बड़े समूह ने दरवाजा खोलकर उन पांचों लोगों पर हमला कर दिया.
सोशल मीडिया पर शेयर किए गए घटना के दिल दहला देने वाले कई वीडियो में दिख रहा है कि कैसे भीड़ उन लोगों को डंडों, सरिये और चप्पलों से पीट रही है और उन्हें ईंट फेंक कर भी मार रही है. जब तब पुलिस वहां पहुंचती, पांचों लोगों की मौत हो चुकी थी.
VIDEO: महाराष्ट्र में बच्चा चोरी के शक में पांच की पीट पीटकर हत्या
जिन व्हाट्सऐप वीडियो की वजह से यह वारदात हुई, उनमें से एक सीरिया का 5 साल पुराना वीडियो निकला जिसमें उन बच्चों की तस्वीरें दिखाई गई थीं जो जहरीली गैस के हमले में मारे गए थे. ये वीडियो धुले, नासिक और नंदुरबार के सुदूर इलाकों में घूब सर्कुलेट हो रहे थे जबकि वहां मोबाइल नेटवर्क भी नहीं है.
अब तक केवल महाराष्ट्र में ही अफवाहों की वजह से 10 लोग भीड़ के हाथों जान गंवा चुके हैं.
पुलिस ने बताया था कि मारे गए लोग घुमंतू नाथ गोसावी समुदाय के थे जो घर-घर जाकर खाना मांगकर गुजारा करते हैं. यह बेहद शांतिपूर्ण समुदाय है और इसका कोई आपराधिक रिकॉर्ड भी नहीं है. इस समुदाय के लोगों का एक समूह घटना वाले दिन की सुबह शोलापुर से रैनपाड़ा पहुंचा था. उनमें से कुछ गांव में भिक्षाटन के लिए गए थे तभी स्थानीय लोगों ने उनपर हमला कर दिया.
पुलिस ने बताया कि समस्या तब शुरू जब उन लोगों में से एक को एक 6 साल की बच्ची से बात करते हुए देखा गया.
#Maharashtra: Main accused of Dhule lynching incident (at centre in picture) has been arrested by Local crime branch (LCB) squad. 5 people were lynched to death on suspicion of child theft in Rainpada village of Dhule district on July 1. pic.twitter.com/R13AlJGFZ5
— ANI (@ANI) July 8, 2018
देखते ही देखते आसपास के गांवों के करीब 3000 लोग इकट्ठा हो गए और उन पांचों लोगों को स्थानीय पंचायत कार्यालय में बंद कर दिया गया. जब तक कुछ लोग यह तय करते कि इनका क्या किया जाए, गांववालों के बड़े समूह ने दरवाजा खोलकर उन पांचों लोगों पर हमला कर दिया.
सोशल मीडिया पर शेयर किए गए घटना के दिल दहला देने वाले कई वीडियो में दिख रहा है कि कैसे भीड़ उन लोगों को डंडों, सरिये और चप्पलों से पीट रही है और उन्हें ईंट फेंक कर भी मार रही है. जब तब पुलिस वहां पहुंचती, पांचों लोगों की मौत हो चुकी थी.
VIDEO: महाराष्ट्र में बच्चा चोरी के शक में पांच की पीट पीटकर हत्या
जिन व्हाट्सऐप वीडियो की वजह से यह वारदात हुई, उनमें से एक सीरिया का 5 साल पुराना वीडियो निकला जिसमें उन बच्चों की तस्वीरें दिखाई गई थीं जो जहरीली गैस के हमले में मारे गए थे. ये वीडियो धुले, नासिक और नंदुरबार के सुदूर इलाकों में घूब सर्कुलेट हो रहे थे जबकि वहां मोबाइल नेटवर्क भी नहीं है.
अब तक केवल महाराष्ट्र में ही अफवाहों की वजह से 10 लोग भीड़ के हाथों जान गंवा चुके हैं.
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