स्टैंड‑अप कॉमेडी शो से शुरू हुआ विवाद डॉ. सेजल पवार के लिए मुश्किल बन गया है, क्योंकि KEM मेडिकल कॉलेज ने उन्हें 15 दिन की अनिवार्य छुट्टी पर भेज दिया है. इसके अलावा उन्हें हॉस्टल और कॉलेज कैंपस में आने से भी रोक दिया गया है. मेडिकल कॉलेज की ओर से जांच के लिए गठित की गई पांच सदस्यों वाली कमेटी सात दिनों में अपनी रिपोर्ट सौंपेगी. वहीं, स्टैंड-अप कॉमेडियन प्रणीत मोरे ने भी चल रहे पूरे इस विवाद को लेकर माफी मांगी है.
कैसे शुरू हुआ विवाद
दरअसल, यह विवाद '370 रुपये की बिरयानी' वाले कमेंट से शुरू हुआ. गुरुग्राम में हुए प्रणित मोरे के शो में एक युवक हिमांशु ने '370 रुपये की बिरयानी' वाला शर्मनाक बयान दिया था, जिसका क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. यह बयान बहुत भद्दा था और महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला था. इस बयान पर ऑडियंश और प्रणित भी हंसते नजर आ रहे थे. लोगों का नाराजगी के बाद मुद्दा तेजी से उठ गया और जहां हिमांशु काम करते थे, उस कंपनी ने उन्हें निकाल दिया.
फिर प्रणित मोरे के एक और शो का क्लिप भी वायरल हो गया, जो डॉ. सेजल पवार का था. इसमें उन्होंने ऑर्गन डोनेशन और डेड बॉडीज से जुड़ी कुछ बातें कही थीं. इन बयानों को लेकर दर्शकों और सोशल मीडिया पर लोगों ने आपत्ति जताई. कई लोगों का कहना था कि इस तरह के संवेदनशील विषयों पर इस अंदाज में बात करना ठीक नहीं है. बता दें कि सेजल पवार के खिलाफ इस मामले में एफआईआर भी दर्ज हो चुकी है.
कॉलेज से जुड़ी किसी भी गतिविधि में नहीं शामिल होगी सेजल
शुरुआती जांच में पता चला है कि वायरल वीडियो में दिख रही व्यक्ति असल में सेजल पवार ही हैं. संस्थान ने कहा है कि उनकी कही बातें पहली नजर में अनुचित हैं और उन्हें स्वीकार नहीं किया जा सकता. अधिकारियों के अनुसार, इस दौरान सेजल पवार को KEM हॉस्पिटल कैंपस, मेडिकल कॉलेज या हॉस्टल में प्रवेश करने की अनुमति नहीं होगी. उन्हें किसी भी शैक्षणिक या कॉलेज की अन्य गतिविधियों में भाग लेने से भी रोका जाएगा.
सुरक्षा की वजह से परिवार को सौंपा
अधिकारियों ने कहा कि उनकी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उन्हें सुरक्षित रूप से उनके परिवार को सौंप दिया गया है. विवाद और सोशल मीडिया पर मिली प्रतिक्रियाओं के कारण उन पर जो दबाव पड़ा है, उसे देखते हुए उनकी मानसिक सेहत पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है.
अस्पताल के अनुसार, जांच के दौरान पवार भावुक हो गईं और लगातार रोती रहीं. उन्होंने अपने बयान में खेद भी व्यक्त किया है. संस्थान का मानना है कि विवाद ने उनकी मानसिक सेहत पर असर डाला होगा और उन्हें डिप्रेशन या गंभीर मानसिक तनाव से बचने के लिए प्रोफेशनल काउंसलिंग लेने की सलाह दी गई है. पांच सदस्यों वाली जांच कमेटी बनाने की सिफारिश की गई है, जिसमें एक रिटायर्ड सीनियर प्रोफेसर, एक सीनियर पत्रकार और मेडिकल कॉलेज के तीन फैकल्टी सदस्य शामिल होंगे. कमेटी इस मामले की विस्तृत जांच करेगी, जिसमें वायरल वीडियो, संबंधित तथ्य और इसके प्रभाव शामिल होंगे.
ये भी पढ़ें- 'स्टैंड-अप कॉमेडी शो पर रोक लगनी चाहिए...', 370 बिरयानी विवाद के बीच मुंबई की मेयर रितु तावड़े का बड़ा बयान
फिलहाल, KEM हॉस्पिटल और मेडिकल कॉलेज प्रशासन स्थिति पर बारीकी से नज़र रख रहा है और उसने कहा है कि जांच पूरी होने तक कोई अंतिम निष्कर्ष निकालने से बचेगा. प्रशासन ने इस बात पर भी ज़ोर दिया है कि जांच निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से की जाएगी और रिपोर्ट को अंतिम रूप देने से पहले मामले के सभी पहलुओं की जांच की जाएगी.
स्टैंड-अप कमेडियन प्रणित ने मांगी माफी
'370 की बिरयानी' वाले विवाद पर स्टैंड-अप कॉमेडियन प्रणित मोरे ने माफी मांगी है. प्रणित ने अपने इंस्टाग्राम पर अपना माफीनामा का वीडियो शेयर किया है. वीडियो में उन्होंने कहा कि उनके शो में हिमांशु जांगड़ा ने जो कुछ भी कहा उसके लिए उनको भी लोगों की बहुत नफरत मिल रही है. शायद वह इस हेट को डिजर्व भी करते हैं. प्रणित ने कहा कि उनकी गलती ये थी कि उन्होंने हिमांशु को नहीं रोका. उसने जो कुछ भी कहा उस पर ऑडियंस में बैठे लोग हंस रहे थे. तो वो भी हंसने लगे. जबकि उनको उसके उस बयान पर स्टैंड लेना चाहिए था.
ये भी पढ़ें- प्रणीत मोरे का ओपन माफीनामा-प्लीज मुझे एक चांस दो, मैं बेहतर इंसान बनकर दिखाऊंगा
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं