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370 रुपये की बिरयानी का हिसाब मांगने वालों को कैसे जवाब दे रही हैं आज की कमाऊ बेटियां?

एक वायरल वीडियो के बाद सोशल मीडिया पर 370 रुपये की बिरयानी चर्चा का विषय बन गई. लेकिन असली सवाल पैसे का नहीं, उस सोच का है जिसे आज की कमाऊ बेटियां खुलकर चुनौती दे रही हैं.

370 रुपये की बिरयानी का हिसाब मांगने वालों को कैसे जवाब दे रही हैं आज की कमाऊ बेटियां?
अब इंडिपेंडेंट हैं हम! बिरयानी विवाद के बाद बेटियों का जवाब. ( Image @ag_arpit1/X)

370 रुपये की एक प्लेट बिरयानी ने सोशल मीडिया पर ऐसा सवाल खड़ा कर दिया, जिस पर लाखों लोग बहस कर रहे हैं. क्या डेट पर खर्च किए गए पैसों का भी कोई हिसाब-किताब होता है? क्या किसी को खाना खिलाने के बाद बदले में कुछ उम्मीद करना सही है? वायरल वीडियो के बाद इंटरनेट पर ऐसे सवालों की बाढ़ आ गई. दिलचस्प बात यह है कि इस बार जवाब सबसे ज्यादा उन महिलाओं की तरफ से आया, जो अपनी कमाई, अपने फैसलों और अपनी शर्तों पर जिंदगी जी रही हैं. और शायद यही वजह है कि बहस अब बिरयानी से कहीं आगे निकल चुकी है.

370 रुपये की बिरयानी से क्यों मच गया इतना शोर?

पूरा मामला एक वायरल स्टैंडअप वीडियो से शुरू हुआ. वीडियो में एक लड़का डेट पर 370 रुपए की बिरयानी का बिल भरने के एवज में वसूली की बात कर रहा था. बस, यहां से बवाल खड़ा हो गया. सवाल उठने लगे कि क्या लड़कियां कोई कमोडिटी हैं, जो पैसे खर्च कर उसने वसूली की जाए. लेकिन आज कमाऊ बेटियां ने इस मसले को एक अलग ही नजरिए से देख रही हैं.

कई इंडिपेंडेंट लड़कियों की सोच उस पीढ़ी से अलग हैं, जहां डेट का पूरा खर्च लड़के के जिम्मे माना जाता था. अब बड़ी संख्या में महिलाएं खुद कमाती हैं, खुद ट्रैवल करती हैं, खुद घर चलाती हैं और जरूरत पड़ने पर डेट का पूरा बिल भी भर देती हैं. यही वजह है कि 370 रुपये वाली बहस में भी कई महिलाओं का जवाब था, "बिरयानी का बिल मुद्दा नहीं है, मुद्दा सोच है."

अब डेट पर सिर्फ लड़के ही बिल नहीं भरते

एक समय था जब डेट पर बिल कौन देगा, इसका जवाब लगभग पहले से तय माना जाता था. लेकिन अब तस्वीर तेजी से बदल रही है. आज कई लड़कियां डेट पर अपना हिस्सा खुद देना पसंद करती हैं. कई लोग बिल आधा-आधा बांटते हैं. कुछ मामलों में पूरा बिल लड़की भी भर देती है.

नई पीढ़ी के लिए यह कोई बड़ी बात नहीं है. उनके लिए डेट का मतलब किसी पर खर्च करना या किसी का एहसान लेना नहीं, बल्कि साथ समय बिताना है. यही वजह है कि वायरल बहस के दौरान भी कई महिलाओं ने लिखा कि अगर बात सिर्फ 370 रुपये की है, तो वे अपना हिस्सा देने में बिल्कुल नहीं हिचकेंगी. बल्कि पूरा बिल भरने से भी उन्हें कोई गुरेज नहीं है. 

रिश्ते में बराबरी चाहती हैं आज की लड़कियां

पिछले कुछ सालों में देश में लाखों लड़कियां पढ़ाई पूरी करके नौकरी और कारोबार की दुनिया में आई हैं. आज वे अपना किराया भरती हैं, परिवार की मदद करती हैं, लोन चुकाती हैं और अपने सपनों पर खर्च करती हैं. ऐसे में उनके लिए किसी एक डिनर या लंच का बिल कोई मुद्दा ही नहीं है. शायद यही वजह है कि आज की कमाऊ बेटियां रिश्तों को खर्च और हिसाब की नजर से नहीं, बल्कि बराबरी की नजर से देखना पसंद करती हैं.

वे मानती हैं कि रिश्ता पसंद से बनेगा, बातचीत से बनेगा और भरोसे से बनेगा. अगर सामने वाला साथ नहीं रहना चाहता, तो कोई बिल, कोई गिफ्ट और कोई बिरयानी उसे रोक नहीं सकती. एक तरफ वह सोच है जो रिश्तों को खर्च और वसूली के चश्मे से देखती है. दूसरी तरफ वह पीढ़ी है जो रिश्तों को साझेदारी की तरह देखती है.

शायद 370 रुपये की बिरयानी वाली बहस का सबसे बड़ा सबक यही है. आज की बेटियां सिर्फ पढ़ नहीं रही हैं, कमाई भी कर रही हैं और अपने पैरों पर खड़ी हैं. सिर्फ सपने नहीं देख रहीं, उन्हें पूरा भी कर रही हैं. और शायद इसी वजह से वे यह भी साफ कह पा रही हैं कि रिश्ते पैसे के हिसाब से नहीं चलते.

अगर रिश्ता बनना है तो भरोसे से बनेगा. अगर नहीं बनना है, तो 370 रुपये की बिरयानी तो क्या किसी 5 स्टार होटल का बिल भी कुछ नहीं बदल सकता.

हालांकि प्रणीत मोरे जिनके शो का ये वीडियो वायरल हुआ है उन्होंने भी सोशल मीडिया पर आकर माफी मांगी है. 

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