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मुंबई : सरकारी महिला कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, सुनेत्रा पवार ने किया ‘Come Early-Go Early’ योजना का ऐलान

मुंबई महानगर क्षेत्र की सरकारी महिला कर्मचारियों के लिए ‘कम अर्ली–गो अर्ली’ सुविधा का ऐलान किया गया है. उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार ने महिला दिवस के अवसर पर यह घोषणा करते हुए कहा कि इससे भीड़भाड़ में महिलाओं को राहत मिलेगी और उनके कार्य-जीवन में लचीलापन बढ़ेगा.

मुंबई : सरकारी महिला कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, सुनेत्रा पवार ने किया ‘Come Early-Go Early’ योजना का ऐलान
सुनेत्रा पवार
  • मुंबई महानगर क्षेत्र की सरकारी महिला कर्मचारियों के लिए कम अर्ली–गो अर्ली सुविधा लागू
  • महिलाओं की सुरक्षा के लिए ऑपरेशन मुस्कान और ऑपरेशन खोज के तहत हजारों बच्चों व महिलाओं की खोज अभियान चला रही है
  • आंगनवाड़ी केंद्रों में पेयजल सुविधा उपलब्ध है, सरकारी महिला कर्मचारियों को 180 दिनों का मातृत्व अवकाश
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मुंबई:

मुंबई महानगर क्षेत्र की सरकारी महिला कर्मचारियों के लिए ‘कम अर्ली–गो अर्ली' सुविधा लागू करने की महत्वपूर्ण घोषणा उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार ने आज विधान परिषद में की. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है और महिलाओं को सम्मान, उचित अवसर और सुरक्षा देने वाला समाज बनाने के संकल्प को और मजबूत करने की जरूरत है. यह घोषणा अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर विधान परिषद में हुए विशेष चर्चा प्रस्ताव का जवाब देते हुए की गई.

‘कम अर्ली–गो अर्ली' से भीड़ में राहत

इस निर्णय के तहत मुंबई महानगर क्षेत्र की महिला कर्मचारियों को सुबह 9:15 से 9:45 बजे के बीच कार्यालय में पहले आकर जितने मिनट पहले काम शुरू करेंगी, उतने ही मिनट शाम को कार्यालय से पहले निकलने की अनुमति दी जाएगी अर्थात लगभग 30 मिनट की छूट मिलेगी. इससे भीड़भाड़ के समय महिलाओं को होने वाली परेशानी कम होगी और उन्हें राहत मिलेगी. विधान परिषद में हुई चर्चा के दौरान कई सदस्यों ने महिला सशक्तीकरण को लेकर महत्वपूर्ण सुझाव दिए, जिनके लिए उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने सभी का आभार व्यक्त किया. उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार इन सुझावों पर सकारात्मक विचार कर आवश्यक कदम उठाएगी.

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सुरक्षा और पुनर्वास में राज्य की उपलब्धियां

महिलाओं की सुरक्षा पर बोलते हुए उन्होंने बताया कि राज्य में ‘ऑपरेशन मुस्कान' के तहत जुलाई 2015 से फरवरी 2026 तक 14 अभियानों में 42,594 बच्चों को खोजा गया है. इसके अलावा ‘ऑपरेशन खोज' के तहत 5,066 महिलाओं और 2,771 बच्चों को भी ढूंढा गया है. राज्य के सभी जिलों में ‘मिसिंग सेल' कार्यरत हैं और महिलाओं की समस्याओं के समाधान के लिए 51 ‘भरोसा सेल' शुरू किए गए हैं. महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए राज्य सरकार ‘लाडकी बहिण', ‘नमो महिला सशक्तिकरण', ‘लेक लाडकी', ‘अन्नपूर्णा' और ‘लखपति दीदी' जैसी योजनाएं प्रभावी ढंग से चला रही है. स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने के लिए उमेद मॉल, उमेद मार्ट और महालक्ष्मी सरस जैसे उपक्रम चलाए जा रहे हैं तथा इन उत्पादों को ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म पर भी बिक्री के लिए उपलब्ध कराया गया है.

आंगनवाड़ी, तकनीक और मातृत्व अवकाश सुधार

आंगनवाड़ी सेविकाओं और सहायिकाओं के मानदेय व बुनियादी सुविधाओं के संबंध में सरकार ने सकारात्मक रुख अपनाया है. राज्य के 17,254 आंगनवाड़ी केंद्रों में पेयजल की सुविधा उपलब्ध कराई गई है. महिलाओं की सुरक्षा के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग बढ़ाया जा रहा है. छत्रपति शिवाजी टर्मिनस, चर्चगेट रेलवे स्टेशन और बोरीवली स्टेशन पर साइबर अपराध रोकने के लिए विशेष तंत्र स्थापित किया गया है. सरकारी महिला कर्मचारियों के लिए 180 दिनों का मातृत्व अवकाश मंजूर है. इसके अतिरिक्त, प्रसूति अवकाश के बाद आवश्यकता पड़ने पर अधिकतम एक वर्ष तक बिना मेडिकल प्रमाणपत्र के आधे वेतन पर अवकाश लेने की अनुमति दी गई है.

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चौथी महिला नीति और ‘आदिशक्ति अभियान' की प्रगति

राज्य में चौथा महिला नीति लागू की गई है और उसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया है. ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं का जीवन अधिक सुरक्षित और सम्मानजनक बनाने के लिए ‘आदिशक्ति अभियान' चलाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य बाल विवाह रोकना, अत्याचार‑मुक्त गांव बनाना और लड़कियों के स्कूल छोड़ने की दर कम करना है.

महिलाओं के व्यापक सशक्तिकरण पर सरकार की प्राथमिकता

उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार ने कहा कि महिलाओं के सर्वांगीण विकास के लिए स्वास्थ्य, शिक्षा, कौशल विकास, स्वयं सहायता समूहों को मजबूत करना, महिला किसानों और मजदूरों के लिए विशेष उपाय, और महिलाओं की सुरक्षा के लिए प्रभावी कानूनों का कड़ाई से पालन राज्य सरकार की प्राथमिकता है. उन्होंने जिजाबाई, सावित्रीबाई फुले, अहिल्याबाई होलकर और तराबाई के कार्यों से प्रेरणा लेकर महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए काम करने का संकल्प व्यक्त किया और कहा कि महिलाओं का सशक्तिकरण केवल आर्थिक नहीं, बल्कि सामाजिक, सांस्कृतिक और मानसिक रूप से भी उतना ही महत्वपूर्ण है.

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