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TCS की महिला कर्मचारी ने NDTV पर किया खौफनाक खुलासा! 20 से 25 साल की युवतियों को बनाया जा रहा था सॉफ्ट टारगेट

TCS Women Employee News: महिला कर्मचारी का दावा है कि जब भी वह वॉशरूम या अन्य किसी काम से नीचे आती थीं, तो सुरक्षा या अन्य बहाने से उनका मोबाइल फोन, बैग और सारा निजी सामान जब्त कर लिया जाता था. दफ्तर के भीतर विशेष रूप से 20 से 25 साल की कम उम्र की महिला कर्मचारियों को चिन्हित कर उन्हें मानसिक और पेशेवर रूप से प्रताड़ित करने का पैटर्न सामने आया है.

TCS की महिला कर्मचारी ने NDTV पर किया खौफनाक खुलासा! 20 से 25 साल की युवतियों को बनाया जा रहा था सॉफ्ट टारगेट
TCS की महिला कर्मचारी NDTV पर किया खौफनाक खुलासा! 20 से 25 साल की युवतियों को बनाया जा रहा था सॉफ्ट टारगेट
AI Generated

TSC women Employee Exposed 'Dark culture': देश नामी सॉफ्टवेयर कंपनी टीसीएस से एक बहुत ही चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है. NDTV पर अपनी आपबीती सुनाते हुए टीसीएस (TCS) की एक महिला कर्मचारी ने बताया कि नासिक ट्रांसफर के बाद उनके साथ दफ्तर के भीतर अमानवीय व्यवहार किया गया. महिला ने खुलासा किया कि उन्हें दफ्तर की मुख्य इमारत से अलग टैरेस (छत) पर बिठाकर काम कराया जाता था, जो उन्हें अलग-थलग करने की एक सोची-समझी साजिश लगती थी.

पीड़िता के अनुसार, जब भी वह वॉशरूम या अन्य किसी काम से नीचे आती थीं, तो सुरक्षा या अन्य बहाने से उनका मोबाइल फोन, बैग और सारा निजी सामान जब्त कर लिया जाता था. दफ्तर के भीतर विशेष रूप से 20 से 25 साल की कम उम्र की महिला कर्मचारियों को चिन्हित कर उन्हें मानसिक और पेशेवर रूप से प्रताड़ित करने का पैटर्न सामने आया है.

सदमे में है परिवार

कर्मचारी ने भावुक होते हुए कहा कि वह खुशकिस्मत थीं कि समय रहते इस जाल से निकल गईं, वरना वह भी उसी भयावह शोषण का शिकार हो जातीं, जो अन्य पीड़िताओं के साथ हुआ. इस घटना के सार्वजनिक होने के बाद पीड़िता का परिवार गहरे सदमे और डर में है, जो अब अपनी बेटी की सुरक्षा को लेकर हर पल आशंकित रहते हैं. महिला ने सभी कामकाजी महिलाओं से एकजुट होने और दफ्तरों में चल रहे इस 'डार्क कल्चर' के खिलाफ आवाज उठाने की पुरजोर अपील की है. पीड़ित महिला कर्मचारी ने खुलासा किया कि इस बड़े विवाद और जांच के बीच अब सभी कर्मचारियों को "वर्क फ्रॉम होम" दे दिया गया है.

Infosys की महिला कर्मचारियों के खुलासे पर शुरू हुई जांच

नासिक Tata Consultancy Services मामले के बाद Infosys के पुणे यूनिट से जुड़े वायरल सोशल मीडिया आरोपों के बाद कार्यस्थल पर उत्पीड़न के खिलाफ कंपनी ने जीरो-टॉलरेंस नीति दोहराते हुए आधिकारिक बयान जारी किया है. कंपनी ने कहा कि शिकायतों की जांच के लिए आंतरिक समितियों को सक्रिय कर दिया गया है और कर्मचारियों को खुलकर अपनी बात रखने के लिए “स्पीक अप” संस्कृति को बढ़ावा दिया जा रहा है.

Infosys की महिला कर्मचारियों एक्स पर फोड़ा था 'बम'

गौरतलब है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कुछ पोस्ट में पुणे स्थित महिला कर्मचारियों के साथ कथित अनुचित व्यवहार के आरोप लगाए गए थे. हालांकि, बाद में ये पोस्ट हटा दिए गए थे. लेकिन, कंपनी ने कहा है कि वह पोस्ट्स से अवगत है और उत्पीड़न व भेदभाव के खिलाफ उसकी जीरो-टॉलरेंस नीति है. हर शिकायत को गंभीरता से लिया जाता है और स्वतंत्र समिति द्वारा जांच की जाती है. साथ ही कर्मचारियों को शिकायत दर्ज कराने के लिए जरूरी व्यवस्था भी मौजूद है.

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ये आरोप ऐसे समय सामने आए हैं, जब हाल ही में नासिक स्थित Tata Consultancy Services मामले के बाद आईटी सेक्टर में कर्मचारियों की सुरक्षा पर पहले से सवाल उठ रहे हैं. उस मामले ने कार्यस्थल पर सुरक्षा को लेकर कंपनियों की जिम्मेदारी पर व्यापक बहस छेड़ दी थी.

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