विज्ञापन

मुंबई: डायमंड कारोबार में ₹34.75 करोड़ की ठगी, कंपनी और डायरेक्टर के खिलाफ मामला दर्ज

क्यूपिड डायमंड्स प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर निमेष पीयूष मेहता (58) के अनुसार, यह पूरी साजिश बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) स्थित भारत डायमंड बोर्स के टॉवर BC में रची गई.

मुंबई: डायमंड कारोबार में ₹34.75 करोड़ की ठगी, कंपनी और डायरेक्टर के खिलाफ मामला दर्ज
Mumbai diamond scam News

मुंबई में हीरा कारोबार से जुड़ा एक सनसनीखेज धोखाधड़ी का मामला सामने आया है. मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए Solitario Lab Grown Pvt. Ltd. और उसके डायरेक्टर रिकी वासंदानी समेत अन्य सहयोगियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है. आरोप है कि आरोपियों ने साजिश रचकर एक कारोबारी से करीब ₹34,75,00,736 (करीब ₹34.75 करोड़) मूल्य के लैब ग्रोन डायमंड्स हड़प लिए.

कैसे शुरू हुआ ठगी का यह खेल?

शिकायतकर्ता, क्यूपिड डायमंड्स प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर निमेष पीयूष मेहता (58) के अनुसार, यह पूरी साजिश बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) स्थित भारत डायमंड बोर्स के टॉवर BC में रची गई. आरोपी रिकी वासंदानी ने शिकायतकर्ता को अपनी नई कंपनी में 15% हिस्सेदारी देने का झांसा दिया. भरोसे में लेकर एक 'शेयर सब्सक्रिप्शन एग्रीमेंट' साइन कराया गया, जो बाद में जांच के दौरान कानूनी रूप से कमजोर और अधूरा पाया गया. इसी कथित साझेदारी के आधार पर क्यूपिड डायमंड्स ने बड़ी मात्रा में कीमती लैब ग्रोन डायमंड्स आरोपियों को सौंप दिए.

भुगतान से बचने के लिए अपनाए शातिर हथकंडे

जब भुगतान का समय आया, तो आरोपियों ने कथित तौर पर योजनाबद्ध तरीके से पैसे देने से इनकार कर दिया. पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने भुगतान के लिए पोस्ट डेटेड चेक दिए, लेकिन बाद में बैंक को 'स्टॉप पेमेंट' के निर्देश दे दिए. कुछ चैक पर जानबूझकर गलत हस्ताक्षर किए गए ताकि वे बाउंस हो जाएं. आरोप है कि कंपनी के डायरेक्टर मिलन शाह के फर्जी हस्ताक्षर तैयार किए गए और कंपनी का नकली लोगो व स्टैंप बनाया गया. जब डायमंड्स वापस करने का नाटक किया गया, तो पार्सल में मूल डायमंड्स के बजाय कम क्वालिटी और अलग स्पेसिफिकेशन वाले हीरे लौटाए गए.

धोखेबाजी और जालसाजी का गंभीर आरोप 

EOW ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे BKC पुलिस स्टेशन से अपने पास ट्रांसफर कर लिया है. अब इसे C.R. नंबर 39/2026 के तहत दोबारा दर्ज किया गया है. आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4): धोखाधड़ी, धारा 336(2) और (3): जालसाजी, धारा 340(2): फर्जी दस्तावेज का इस्तेमाल और धारा 61(2): आपराधिक साजिश लगाई गई हैं.

आर्थिक अपराध शाखा वर्तमान में सभी वित्तीय लेन-देन, बैंक दस्तावेजों और शेयर एग्रीमेंट की बारीकी से जांच कर रही है. पुलिस सूत्रों का कहना है कि करोड़ों रुपये के इस घोटाले में शामिल अन्य कड़ियों को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है और जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी संभव है.

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Mumbai Diamond Scam, Lab-grown Diamond Fraud, Solitario Lab Grown Pvt Ltd Scam, Rikki Vasandani Fraud Case, ₹34.75 Crore Diamond Fraud
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com