छत्तीसगढ़ में कांग्रेस अपनी पार्टी को मजबूत करने के लिए ट्रेनिंग कैंप (प्रशिक्षण शिविर) चला रही है, जहां रायपुर में एक ही स्थान पर सभी जिलाध्यक्षों और वरिष्ठ नेताओं को राजनीति की ट्रेनिंग दी जाएगी. यह कैंप 20 जून यानी शनिवार से शुरू हो गया, जो 29 जून तक चलेगा. अभनपुर के एक निजी रिसॉर्ट में आयोजित कैंप में आज लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी आ रहे हैं, जो कांग्रेस को मजबूत करने के टिप्स देंगे.
राहुल गांधी दोपहर 2:15 बजे विमान से रायपुर पहुंचेंगे और सीधे प्रशिक्षण स्थल जाएंगे. फिर शाम को लगभग 6:40 बजे विमान से दिल्ली रवाना हो जाएंगे.
ट्रेनिंग कैंप में क्या बताया जाएगा
- कैंप में बताया जाएगा कि कांग्रेस जिला अध्यक्षों को जमीनी स्तर पर कैसे मजबूत करना है. लोगों को कांग्रेस कैसे जोड़ना है.
- सरकार की नाकामियों के बारे में बताया जाएगा और कैसे कांग्रेस कार्यकर्ता अपने-अपने क्षेत्र में लोगों को सरकार के फैसलों से होने वाली परेशानियों के बारे में बताएंगे.
- साथ ही यह भी बताया जाएगा कि सरकारी कामों से आम लोगों को नुकसान पहुंच रहा है.
- प्रशिक्षण के तहत जिला अध्यक्ष क्षेत्र का दौरा करेंगे और श्रमदान करेंगे. वह गांव में रात्रि विश्राम करेंगे और इसके साथ ही विषय विशेषज्ञ विभिन्न समसामयिक विषयों की जानकारी देंगे.
- राहुल गांधी जिला अध्यक्षों के साथ सीधा संवाद करेंगे और उन्हें संगठन विस्तार, जनसंपर्क और चुनावी मैनेजमेंट के गुर सिखाएंगे.
छत्तीसगढ़ में सत्ता जाने के बाद राहुल गांधी का यह पहला संगठनात्मक दौरा है. पार्टी का फोकस बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने, कार्यकर्ताओं की सक्रियता बढ़ाने और आने वाले चुनावों की रणनीति तैयार करने पर है.
कांग्रेस ने क्या बताया
छत्तीसगढ़ कांग्रेस के संचार प्रमुख शील आनंद शुक्ला ने बताया कि संगठन सृजन कार्यक्रम के तहत नए जिला अध्यक्षों की नियुक्ति हुई है. उन्हें प्रशिक्षण दिया जाना है. इसके लिए 20 जून से 29 जून तक प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया जा रहा है. छत्तीसगढ़ कांग्रेस के प्रभारी सचिन पायलट आज शाम को ही रायपुर पहुंचे. राहुल गांधी दोपहर लगभग 2 बजे रायपुर पहुंचेंगे. शिविर का उद्देश्य संगठन को मजबूती देना और राज्य में हर स्तर पर कांग्रेस को मजबूत करना है.
भाजपा ने कसा तंज
वहीं, कांग्रेस के इस प्लान पर बीजेपी तंज कस रही है. मुख्यमंत्री विष्णु देव सायने कहा कि अपनी कथनी और करनी के कारण कांग्रेस देश की जनता का विश्वास खो चुकी है और लगातार चुनावों में मिल रही हार इसका परिणाम है. वे कुछ भी कर लें, लेकिन उनके बीच इतना मनमुटाव है कि यह सब केवल दिखावा प्रतीत होता है. राहुल गांधी जहां भी जाते हैं वहां कांग्रेस का बंटाधार ही होता है.
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