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“नागदा वाली ट्रेन से आऊंगा, मुझे लेने आ जाना”; कुवैत एयरपोर्ट हमले में मारे गए मंजूर अहमद के आखिरी शब्द

कुवैत एयरपोर्ट हमले में उज्जैन के मंजूर अहमद की मौत. शादी में लौट रहे थे, आखिरी कॉल बना परिवार की दर्दनाक याद. पढ़िए मंजूर के परिवार का दर्द.

“नागदा वाली ट्रेन से आऊंगा, मुझे लेने आ जाना”; कुवैत एयरपोर्ट हमले में मारे गए मंजूर अहमद के आखिरी शब्द
कुवैत एयरपोर्ट हमले में उज्जैन के मंजूर की मौत, ‘नागदा ट्रेन से आऊंगा’ आखिरी शब्द बने याद

Kuwait Airport Attack: कुवैत अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर हुए भीषण ड्रोन और मिसाइल हमले में मध्य प्रदेश के उज्जैन निवासी 50 वर्षीय मंजूर अहमद की दर्दनाक मौत ने एक परिवार की खुशियों को मातम में बदल दिया. मंजूर अपनी भांजी की शादी में शामिल होने भारत लौट रहे थे और उसी दौरान हमले की चपेट में आ गए. लगभग 30 साल से कुवैत में मेहनत कर रहे मंजूर अपने परिवार का सहारा थे. उन्होंने अपने पिता से फोन पर कहा था—“नागदा वाली ट्रेन से आऊंगा, मुझे लेने आ जाना”, लेकिन यह वादा अब दर्दनाक याद बनकर रह गया. इस घटना ने न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे क्षेत्र को गहरे सदमे में डाल दिया है.

एयरपोर्ट पर हुआ खौफनाक हमला

बताया जा रहा है कि बुधवार को कुवैत अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर ड्रोन और मिसाइल से हमला किया गया. इस हमले की चपेट में कई यात्री और एयरपोर्ट स्टाफ आ गए. मंजूर अहमद भी उन लोगों में शामिल थे, जो भारत लौटने के लिए एयरपोर्ट पहुंचे थे और इस हादसे में उनकी मौत हो गई.

शादी में आने की थी तैयारी

मंजूर अहमद 8 जून को होने वाली भांजी की शादी में शामिल होने के लिए भारत लौट रहे थे. परिवार उनके आने की बेसब्री से इंतजार कर रहा था, लेकिन इससे पहले ही यह दुखद खबर पहुंच गई.

आखिरी बातचीत बनी दर्दनाक याद

मृतक के बेटे ने बताया कि मंगलवार शाम को पिता से फोन पर बात हुई थी. मंजूर ने कहा था “मैं नागदा वाली ट्रेन से आऊंगा, मुझे लेने आ जाना.” यह उनकी आखिरी बातचीत थी, जो अब पूरे परिवार के लिए यादों में बदल गई है.

30 साल विदेश में कर रहे थे मेहनत

मंजूर अहमद पिछले करीब 30 वर्षों से कुवैत में रहकर टेलरिंग का काम कर रहे थे. वह अपने परिवार के बेहतर भविष्य के लिए लगातार मेहनत कर रहे थे. उनके परिवार में पत्नी, एक बेटा और दो बेटियां हैं.

परिवार में पसरा मातम

इस हादसे की खबर मिलते ही पूरे परिवार में मातम छा गया. परिजनों का कहना है कि मंजूर आखिरी बार अक्टूबर 2025 में घर आए थे और जल्द लौटने का वादा किया था. अब उनका शव आने की सूचना ने परिवार को पूरी तरह तोड़ दिया है.

मंजूर अहमद ने जीवन के तीन दशक अपने परिवार के लिए विदेश में बिताए, ताकि बच्चों का भविष्य बेहतर हो सके. लेकिन घर लौटने से पहले ही उनकी मौत ने पूरे परिवार के सपनों को तोड़ दिया.

बेटे उनके पिता आखिरी बार अक्टूबर 2025 में घर आए थे. तब जाते समय उन्होंने कहा था कि अब जल्दी-जल्दी घर आता रहूंगा. लेकिन इस बार उनका शव आने की खबर ने पूरे परिवार को सदमा दिया.

हमले में कई लोग घायल

कुवैत स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इस हमले में कम से कम 63 लोग घायल हुए हैं. घायलों में कई की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिनके सिर में चोट, ब्रेन हेमरेज और अन्य गंभीर जख्म हैं. राहत कार्य के लिए तुरंत एंबुलेंस और मेडिकल टीमों को तैनात किया गया.

भारतीय दूतावास की पुष्टि

कुवैत में भारतीय दूतावास ने इस हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत की पुष्टि की है. दूतावास ने सोशल मीडिया के माध्यम से शोक व्यक्त करते हुए कहा कि पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता दी जाएगी.

एयरपोर्ट सेवाएं प्रभावित

हमले में एयरपोर्ट के टर्मिनल-1 को नुकसान पहुंचा है. इसके बाद कुवैत के नागरिक उड्डयन विभाग ने सुरक्षा के मद्देनजर उड़ान सेवाओं को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है.

ईरान ने ली जिम्मेदारी

इस हमले की जिम्मेदारी ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने ली है. जारी बयान में कहा कि यह हमला अमेरिका द्वारा ईरानी ऑयल टैंकर और द्वीप पर किए गए हमलों के जवाब में किया गया. ईरान ने यह भी दावा किया कि कुवैत के अली अल-सलेम एयर बेस और बहरीन में अमेरिकी फिफ्थ फ्लीट के ठिकानों को मिसाइल और ड्रोन से निशाना बनाया गया.

खाड़ी में बढ़ा तनाव

इस घटना के बाद पूरे खाड़ी क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है. UAE और अन्य देशों ने इस हमले पर चिंता जताते हुए क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर सख्त रुख अपनाने की बात कही है.

भारतीय दूतावास स्वदेश वापसी और सहायता संबंधी प्रयासों में समन्वय कर रहा

कुवैत में भारत की राजदूत परमिता त्रिपाठी ने उस शवगृह का दौरा किया, जहां कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए हमले में मारे गए भारतीय नागरिक का शव रखा गया है. साथ ही उन्होंने अस्पतालों में उपचाराधीन घायल भारतीयों से भी मुलाकात की.

कुवैत स्थित भारतीय दूतावास ने बुधवार देर रात सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में बताया कि परमिता त्रिपाठी ने कुवैत के केंद्रीय शवगृह का दौरा किया, जहां भारतीय नागरिक का शव रखा गया है. दूतावास ने कहा, ‘‘हम मृत भारतीय नागरिक के परिवार के संपर्क में हैं और शव को शीघ्र भारत भेजने के लिए कुवैती अधिकारियों के साथ समन्वय कर रहे हैं.''

दूतावास के अनुसार, त्रिपाठी ने हमले में घायल भारतीय नागरिकों से भी विभिन्न अस्पतालों में जाकर मुलाकात की. दूतावास ने कहा, ‘‘उन्होंने घायलों से बातचीत की और उन्हें हर संभव सहायता का आश्वासन दिया. साथ ही दूतावास द्वारा अस्पतालों और उनके परिवारों के साथ लगातार संपर्क और निगरानी बनाए रखने की बात कही.''एक बयान में कुवैत सेना ने कहा कि ईरानी हमलों में एक भारतीय प्रवासी की मौत हुई और कई अन्य लोग घायल हुए हैं.

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