- मध्य प्रदेश के दो शहरों में दो नरबलि दी गईं.
- भोपाल और रायसेन में हुई घटनाएं, दोनों में दूरी 150 किमी और घटनाओं में गैप तीन महीने का.
- गड़े खजाने की तलाश में लोग इतने अंधविश्वासी हो गए कि हत्या करने से भी नहीं चूक रहे.
आज हम 21वीं सदी में जी रहे हैं. बात चांद और मंगल पर बसने की हो रही है, लेकिन अजब गजब मध्य प्रदेश में अंधविश्वास के मारे चंद सिरफिरे अब भी गड़े खजाने की तलाश में है, जिसके लिए लोग बलि तक देने से बाज नहीं आ रहे हैं. एमपी में नरबलि देने के दो मामले दो अलग शहरों से सामने आए. इन दोनों शहरों के बीच की दूरी तो 150 किमी है, जिसमें एक राज्य की राजधानी है तो दूसरा जिला. भोपाल से जुड़े मामले में गड़े सोने की तलाश में पिता ने अपनी ही बेटी की बलि दे दी. दूसरा मामला रायसेना का है, जहां तीन लोगों ने करोड़पति व्यापारी की बिल दे दी, क्योंकि उन्हें लगा ऐसा करने से उन्हें रहस्यमयी खजाना मिल जाएगा और मालामाल हो जाएंगे.
पहला मामला
भोपाल के सूखीसेवनिया थाना क्षेत्र का है और घटना 3 महीने पहले हुई थी, लेकिन आरोपी पिता बुधवार को ही गिरफ्तार हुआ तो खजाने के लालच में अंधविश्वासी हो चुके पिता ने इस बारे में बताया. पुलिस के अनुसार, नाबालिग बेटी का हत्यारोपी पिता चैन सिंह कुशवाह की तांत्रिक से मुलाकात उसके जीजा के जरिए हुई थी. फिर दोनों ने चैन सिंह को खेत में गड़े सोने के बारे में बताया और मालामाल होने का लालच देकर ब्रेनवॉश किया.

बेटी की कथित बलि देने वाला पिता.
यह सिलसिला काफी समय तक चलता रहा. दोनों ने उसे राजी कर लिया और बताया कि खजाना पाने के लिए उसकी बेटी की बलि देनी पड़ेगी, जिसके लिए स्पेशल पूजा व तंत्र क्रिया करनी होगी.
विशेष पूजा कर सोना पता करने का दिया झांसा
ग्रामीण एसपी पंकज कुमार पांडेय ने बताया कि खजाने का लालची हो चुका और अंधविश्वास में खोया पिता अपने जीजा और तांत्रिक की बातों में आ गया. फिर तांत्रिक ने चैन सिंह को बेटी के साथ खेत के पास बुलाया था, उसे बताया कि इसी जगह सोना गड़ा हुआ है. फिर वह नाबालिग बेटी के साथ पूजा और तंत्र क्रिया करने लगा. साथ में आरोपी पिता का जीजा भी मौजूद था.
तांत्रिक की बातों में आकर बेटी को पीटने लगा
तंत्र क्रिया के दौरान तांत्रिक ने लड़की के अंदर बाबा के आने की बात कही. फिर तांत्रिक ने कहा कि तुम्हारी बेटी के अंदर जो बाबा है वह हम सब को मार देगा. अगर बचना है तो इसे मारना होगा. खजाने के लालच में पिता इतना डूब गया कि उसने अपनी बेटी के बारे में एक पल भी नहीं सोचा और चैन सिंह अपनी मासूम बेटी को लाठी-डंडे से पीटने लगा. इस घिनौने कृत्य में जीजा और तांत्रिक ने भी साथ दिया. बेरहमी से पिटाई के चलते नाबालिग ने दम तोड़ दिया. इसके बाद तीनों ने उसके शव खेत में ही दफना दिया.
यह सब घटना 2-3 अप्रैल की रात की है. फिर पिता ने 3 अप्रैल को सूखीसेवनिया थाने में बेटी के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई और पुलिस ने मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी. उधर, पिता लापता हो गया था. फिर लगभग एक महीने बाद 7 मई को कंकाल मिला, पोस्टमॉर्टम कराने पर वह चैन सिंह की नाबालिग बेटी का निकला.
उधर, पुलिस को पता चला कि पिता लापता है तो शक हुआ. आरोपी की पत्नी को भी उस पर संदेह गया, जिसके बाद पुलिस ने तलाश शुरू की और 14 जुलाई को गंजबासौदा से गिरफ्तार किया गया. पूछताछ में पता चला कि उसने दो अन्य लोगों के साथ मिलकर खजाने के लालच में अपनी बेटी की बलि दी है. फिर उसकी निशानदेही पर अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी 16 जुलाई को हुई. इनकी पहचान उसके जीजा और तांत्रिक के रूप में हुई.

रायसेन का सराफा कारोबारी विजय जैन, जिनकी हत्या हुई.
रायसेन में भी करोड़पति कारोबारी की दी 'बलि'
कुछ इसी तरह का घटनाक्रम रायसेन जिले में हुआ था, जहां खजाने के लिए कथित 'बलि' एक करोड़पति व्यापारी की दी गई. चौक बाजार निवासी में रहने वाले सर्राफा कारोबारी विजय जैन गैरतगंज से लापता था, जिनका शव 6 दिन बात परासिया नदी किनारे मिट्टी में दफन मिला. मौके से चप्पल और मोबाइल से उनकी पहचान हुई. फिर पुलिस ने शव बरामद कर घटना का 24 घंटे में खुलासा कर दिया.
इस मामले में तीन लोगों की गिरफ्तार हुई, जिनकी पहचान हिनोतिया निवासी प्रह्लाद साहू और उसका बेटा टीकम साहू और उद्दमाउ निवासी करीम खान के रूप में हुई. पुलिस ने बताया कि रहस्यमयी खजाने को हासिल करने के अंधविश्वास में इन दोनों ने मिलकर विजय जैन की हत्या की और साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से शव को नदी किनारे गड्ढा खोदकर मिट्टी में दबा दिया था.
यहां पढ़ें पूरी खबर- रायसेन में खजाने के चक्कर में करोड़पति व्यापारी की 'बलि', नदी किनारे दफन मिला शव, तीन आरोपी गिरफ्तार
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