भोपाल: ट्विशा शर्मा की मौत को 11 दिन हो गए हैं, उसका शव भोपाल एम्स की मोर्चरी में रखा है. मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने दोबारा पोस्टमार्टम कराने की परिवार की गुहार मंजूर कर ली है. लेकिन, आज 23 मई को पीएम होगा इसकी उम्मीद कम है. क्योंकि, हाईकोर्ट का आर्डर जाने के बाद दिल्ली एम्स के डॉक्टर्स का पैनल तैयार किया जाएगा. उसके बाद ही पीएम हो सकेगा. इस कारण यह साफ नहीं है कि पोस्टमार्टम आज होगा या फिर 24 मई को.
बता दें कि ट्विशा शर्मा की मौत के सात दिन बाद ही भोपाल एम्स की ओर से शव के डिकंपोज होने की बात कही गई थी. पुलिस से शव ले जाने के लिए कहा गया है. लेकिन, परिजन की दोबारा पोस्टमार्टम की मांग के कारण मामला अटका हुआ था. भोपाल कोर्ट से राहत नहीं मिलने पर परिवार ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया, जिसके बाद पिरवार को राहत मिली. How Long Can a Body Be Safely Preserved? चलिए, अब इस सवाल का जवाब तलाशते हैं.
Forensic Expert डॉ. डीके सतपथी से NDTV की खास बातचीत
उनका कहना है कि शव को एक साल तक भी सुरक्षित रखा जा सकता है. -4 डिग्री पर भी शव एक-दो महीनों तक डिकंपोज नहीं होगा. उन्होंने कहा- पता नहीं कहां से शिगूफा छोड़ दिया गया. आइए, विस्तार से जानते हैं Forensic Expert ने क्या-क्या बताया...?
सामान्य फ्रीजर (-4°C) पर भी 1-2 महीने तक डिकंपोज नहीं होगी
फोरेंसिक एक्सपर्ट डॉ. डीके सतपथी ने बताया कि कभी किसी शव को -80 डिग्री पर रखने की जरूरत नहीं पड़ती. इसलिए मध्य प्रदेश में इस तरह की व्यवस्था नहीं है. उन्होंने, शव बहुत अधिक दिनों तक सुरक्षित रखना हो तो उसके और भी तरीके हैं. उन्होंने कहा- पहली बात, अगर किसी शव को शुरुआत में -4 डिग्री सेल्सियस पर रखा गया है और लगातार इस तापमान को मेंटेन (Maintain) किया जाए तब भी बॉडी 1 से 2 महीनों तक डिकंपोज नहीं होगी.
माइनस 80 तक के फ्रीज की आवश्यकता ही नहीं है
फॉर्मलीन से एक साल से अधिक भी सुरक्षित रह सकता है शव
उन्होंने कहा कि माइनस 12 से 18 डिग्री सेल्सियस पर भी शव कुछ महीने तक सुरक्षित रहता है. -80 डिग्री सेल्सियस पर बॉडी रखने का शिगूफा पता नहीं कहां से और कैसे आ गया, जबकि ऐसा कुछ नहीं है. अगर, फॉर्मलीन का इंजेक्शन दे दिया जाए शव को एक ही नहीं, उससे भी अधिक साल तक सुरक्षित रखा जा सकता है, उसे कुछ भी नहीं होगा.
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