विज्ञापन

ट्विशा शर्मा केस: जेल में भी विवादों में गिरिबाला सिंह और बेटा समर्थ, अस्पताल वार्ड में रखने पर जांच

ट्विशा शर्मा केस में रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह जेल में भी विवादों में. अस्पताल वार्ड में रखने पर जांच शुरू. जानिए क्या है पूरा मामला.

ट्विशा शर्मा केस: जेल में भी विवादों में गिरिबाला सिंह और बेटा समर्थ, अस्पताल वार्ड में रखने पर जांच
ट्वीशा शर्मा केस में नया विवाद, जेल में विशेष सुविधा मिलने पर जांच

Twisha Sharma Case: भोपाल की चर्चित ट्विशा शर्मा आत्महत्या प्रकरण में न्यायिक हिरासत में भेजी गईं रिटायर्ड जिला जज गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह अब जेल के अंदर की व्यवस्था को लेकर भी विवादों में घिर गए हैं. मां-बेटे को भोपाल सेंट्रल जेल भेजे जाने के बाद अस्पताल वार्ड में रखे जाने के मामले ने तूल पकड़ लिया, जिसके बाद जेल मुख्यालय ने पूरे घटनाक्रम की जांच कराई. जांच रिपोर्ट जेल डीजी वरुण कपूर को सौंप दी गई है. उधर अदालत में पेशी के दौरान भी हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला था, जहां गिरिबाला सिंह ने अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई थी और मीडिया ट्रायल व हमले के आरोप लगाए थे.

न्यायिक हिरासत के बाद जेल में अलग व्यवस्था

सीबीआई जांच के बाद अदालत ने रिटायर्ड जिला जज गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था. जेल पहुंचने के बाद गिरिबाला सिंह को महिला वार्ड में इमरजेंसी उपचार के लिए बनाए गए तीन बेड वाले हिस्से में रखा गया, जबकि समर्थ सिंह को जेल के अस्पताल खंड (बी) में भर्ती किया गया.

मामला सामने आते ही बदली व्यवस्था

जेल में दोनों को अस्पताल वार्ड में रखने की जानकारी सामने आने के बाद विवाद बढ़ गया. इसके बाद प्रशासन ने दोनों को सामान्य वार्ड में शिफ्ट कर दिया. मामले की गंभीरता को देखते हुए जेल मुख्यालय ने तत्काल जांच के आदेश दिए.

डीआईजी ने सौंपी जांच रिपोर्ट

जेल मुख्यालय की ओर से डीआईजी संजय पांडे को पूरे घटनाक्रम की जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई थी. जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट जेल डीजी वरुण कपूर को सौंप दी गई है. हालांकि रिपोर्ट की पूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है.

अदालत में हाई-वोल्टेज ड्रामा

मंगलवार 2 जून को न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी शोभना भालावे की कोर्ट में सुनवाई के दौरान माहौल बेहद तनावपूर्ण रहा. सीबीआई ने अदालत को बताया था कि मामले में फोरेंसिक जांच, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस की जांच और दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट सहित कई अहम पहलुओं की जांच अभी बाकी है.

गिरिबाला सिंह ने उठाई सुरक्षा की मांग

सुनवाई के दौरान गिरिबाला सिंह ने सीधे अदालत से अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई थी. उन्होंने कहा था कि वे वर्षों तक भोपाल जिला अदालत में जज रहीं और जिन अपराधियों को उन्होंने सजा सुनाई थी, वे अब उसी जेल में बंद हैं. उन्होंने आशंका जताई कि जेल में उनकी और उनके बेटे की जान को खतरा हो सकता है.

वकील पर हमले का आरोप

गिरिबाला सिंह ने अदालत में यह भी आरोप लगाया था कि उनके बेटे समर्थ सिंह के साथ जबलपुर अदालत में पीड़िता पक्ष के वकील द्वारा मारपीट की गई थी. उन्होंने सीसीटीवी फुटेज की जांच कराने की मांग भी की थी.

पीड़िता पक्ष के वकीलों का पलटवार 

 पीड़िता पक्ष के वकील अनुराग श्रीवास्तव ने इन आरोपों को निराधार बताया था. उन्होंने कहा कि आरोपी पक्ष शुरुआत से ही मामले को प्रभावित करने की कोशिश कर रहा है. वकील ने यह भी कहा कि समर्थ सिंह पहले फरार था और उस पर इनाम घोषित किया गया था.

यह भी पढ़ें : ट्विशा शर्मा केस: गिरिबाला का कोर्ट से जेल तक ड्रामा; CBI की सख्ती पर कैसे झुकी पूर्व जज, NDTV इनसाइड स्टोरी

यह भी पढ़ें : कूनो में दिखी दुर्लभ कैराकल बिल्ली: दशकों बाद वापसी; CM मोहन यादव ने कहा- जैव विविधता को मिला नया संकेत

यह भी पढ़ें : राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग का डर, MP में विधायकों की 'बाड़ाबंदी', नटराजन का विरोध; अब रिसॉर्ट पॉलिटिक्स?

यह भी पढ़ें : महतारी वंदन योजना की 28वीं किस्त हो चुकी है जारी; क्या आपके खाते में आए 1000 रुपए? ऐसे करें तुरंत चेक

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Twisha Sharma Case, Giribala Singh, Samarth Singh, Madhya Pradesh News, Judicial Custody
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com