Satna Royal Family Dispute: सतना जिले के नागौद राजघराने की परसमनिया गढ़ी में पारिवारिक विवाद के बीच हुई गोलीबारी में घायल हुईं राजपरिवार की बहू योगिता सिंह के बाद पुलिस ने आरोपी सुनीता सिंह को गिरफ्तार कर लिया. गोलीबारी की घटना से राजपरिवार और स्थानीय क्षेत्र में हलचल मच गई. इसके साथ ही नागौद राजघराना एक बार फिर चर्चा में आ गया, जिसकी धुरी हैं 6 बार के विधायक और एक बार सांसद रहे नागेंद्र सिंह जूदेव के भतीजे रूपेंद्र सिंह उर्फ बाबा राजा की पत्नी योगिता सिंह पर उनकी बिजनेस पार्टनर सुनीता सिंह द्वारा गुरूवार को गोली चलाई.
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विंध्य क्षेत्र के वरिष्ठ भाजपा नेताओं में गिने जाते हैं नागौद विधायक नागेंद्र सिंह
सतना जिले के नागौद विधायक नागेंद्र सिंह विंध्य क्षेत्र के वरिष्ठ भाजपा नेताओं में गिने जाते हैं. उनका राजनीतिक सफर लगभग पांच दशक पहले शुरू हुआ. वे पहली बार वर्ष 1977 में नागौद विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गए. इसके बाद 1980 में दोबारा विधानसभा पहुंचे. लंबे अंतराल के बाद उन्होंने 2003 और 2008 में भाजपा के टिकट पर जीत दर्ज की. इसके अलावा साल 2018 व 2023 के विधानसभा चुनाव में भी उन्होंने नागौद सीट से जीत हासिल कर भाजपा का परचम लहराया.
राज्य ही नहीं, राष्ट्रीय राजनीति में भी नागेंद्र सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही
मध्य प्रदेश सरकार में कई महत्वपूर्ण पदों पर जिम्मेदारियां निभाने वाले नागेंद्र सिंह साल 2005 से 2007 तक गृह, तकनीकी शिक्षा और जनसंपर्क विभाग में राज्य मंत्री रहे. इसके बाद साल 2007 से 2008 तक नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण के कैबिनेट मंत्री बने. वहीं, साल 2008 से 2013 तक उन्होंने लोक निर्माण विभाग के कैबिनेट मंत्री के रूप में कार्य किया. नागेंद्र सिंह की राज्य ही नहीं, राष्ट्रीय राजनीति में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही. साल 2014 के लोकसभा चुनाव में खजुराहो संसदीय क्षेत्र से सांसद निर्वाचित हुए नागेंद्र सिंह 16वीं लोकसभा के सदस्य बने. सांसद के रूप में उन्होंने वित्त, व्यापार और सतत विकास संबंधी संसदीय समितियों में भी कार्य किया.
कौन हैं सुनीता सिंह, जिन्होंने योगिता सिंह पर गोली चलाई
सुनीता सिंह मूल रूप से सतना जिले के उमरी गांव की रहने वाली हैं. पिता आर्मी से सेवानिवृत्त थे, जिनका निधन हो चुका है. सुनीता की दो बहनें और एक भाई हैं. बहन की बांदा में शादी हुई है. भाई झोलाछाप डॉक्टर है. वहीं सुनीता परसमनिया में एनजीओ का काम करती थीं. कहा जाता है कि इसी दौरान वह रुपेंद्र सिंह बाबा राजा के संपर्क में आईं. इसके बाद वह पेप्टेक में रहने लगीं. सतना के भरहुत नगर में रेस्टोरेंट का कारोबार किया. बताया जाता है कि जब रुपेंद्र सिंह बाबा राजा के पिता का देहांत हुआ, उसके बाद से सुनीता सिंह परसमनिया गढ़ी में रहने लगीं. जिसके बाद सुनीता और योगिता के बीच विवाद शुरू हुआ.

कुंजल हत्याकांड और आदिवासी युवती से रेप कांड से सुर्खियों में आए बाबा
परसमनिया के रुपेंद्र सिंह उर्फ बाबा राजा का नाम हमेशा विवादों में रहा. विवाहित पत्नी को महिला मित्र से गोली मरवाने से पहले बाबा राजा कई आपराधिक घटनाओं में शामिल रह चुका है. साल 1991 में पहली बार कुंजल भूमिया नामक व्यक्ति की हत्या में बाबा राजा का नाम सामने आया. बताया जाता है कि बाबा राजा ने बीच चौराहे में कुंजल की हत्या कर दी थी. उन दिनों यह मामला काफी उछला. मुद्दा विधानसभा के सदन तक पहुंचा, लेकिन राजपरिवार और राजनीतिक रसूख रखने वाले नागेंद्र सिंह के दबाव में यह मामला पूरी तरह से दफन हो गया. इसके बाद एक आदिवासी परिवार की लड़की से दुष्कर्म के मामले में उनका नाम साल 2010-11 में भी सुर्खियों में रहा.
उदयपुर की बेटी हैं फायरिंग में घायल हुईं योगिता सिंह
बाबा राजा के उकसावे पर सुनीता सिंह ने जिस योगिता सिंह को गोली मारी, वह बाबा राजा की विवाहित पत्नी हैं. साल 2000 में राजस्थान के उदयपुर राजपरिवार ने अपनी बेटी योगिता सिंह का विवाह रुपेंद्र सिंह बाबा राजा के साथ किया था. बताया जाता है कि योगिता सिंह एक पंचवर्षीय कार्यकाल तक परसमनिया पंचायत की सरपंच रहीं. उनका एक बेटा प्रथूदेव सिंह है, जिसकी प्रारंभिक शिक्षा नागौद में हुई. इसके बाद आगे की पढ़ाई देहरादून से हुई. वहीं अब भोपाल में रहकर सीए की प्रैक्टिस कर रहे हैं. तीन साल पहले योगिता के पिता का निधन हुआ था, जिसके बाद योगिता सिंह अपने मायके उदयपुर चली गई थीं. वहीं अब लौटने के बाद विवाद हो गया.

क्या था घटनाक्रम?
बताया जाता है कि बीते गुरुवार को योगिता सिंह, उनकी मां नरेंद्र कुमारी सिंह, बेटा प्रथूदेव सिंह और भाई नागेंद्र सिंह राठौर अपना सामान लेने परसमनिया गढ़ी पहुंचे थे. गढ़ी में पहुंचने के साथ ही बाबा राजा ने मारपीट की. चूंकि योगिता सिंह के साथ उनका बेटा और भाई था, जब उन्होंने बीच-बचाव किया तब बाबा राजा ने गोली मारने को कहा. जिसके बाद सुनीता ने पॉइंट 22 की बंदूक से पांच राउंड फायरिंग की और एक गोली पेट में लग गई. वहीं एक गोली बंदूक में फंसी रही जिसे पुलिस ने जब्त किया है.
नागौद राजपरिवार की पारिवारिक पृष्ठभूमि
परसमनिया और उचेहरा किला दोनों नागौद राजपरिवार के ही अंग हैं. महेंद्र सिंह यहां के अंतिम राजा रहे. जिनकी दो पत्नियां थीं. पहली पत्नी गुजरात के धरमपुर रियासत की थीं, जबकि दूसरी पत्नी पूर्व MP स्व. दादा सुखेंद्र सिंह (बांधी-रैगांव) की बहन श्यामकुमारी सिंह थीं. जिनके सबसे बड़े पुत्र नागेंद्र सिंह हैं, जो भाजपा के वरिष्ठ नेता और वर्तमान समय में विधायक हैं. इसके अलावा छोटे भाई रामदेव सिंह हैं. तीसरे नंबर पर रंतिदेव सिंह, चौथे नंबर पर कांतिदेव सिंह उर्फ कुन्नू और पांचवें भाई छत्रसाल सिंह उर्फ छत्तू हैं. रुपेंद्र सिंह बाबा राजा नागेंद्र सिंह के भतीजे और कांतिदेव सिंह कुन्नू के पुत्र हैं.
अरबों में है राजपरिवार की संपत्ति
नागौद राजपरिवार के पास अरबों की पैतृक संपत्ति है. परसमनिया गढ़ी में रहने वाले बाबा राजा के पास करोड़ों रुपए की संपत्ति है. राजशाही ठाठ वाली गढ़ी के अलावा सैकड़ों एकड़ कृषि योग्य भूमि है. इसके अलावा अन्य व्यावसायिक भूमियां और भवन हैं. कहा जाता है कि असल विवाद संपत्ति का है. चूंकि योगिता सिंह का एक बेटा है, जो राजपरिवार का वारिस है, ऐसे में वह बेटे के लिए यहां पहुंचीं, लेकिन उन्हें अपने जीवन से बेदखल करने के बाद अब उनकी जान लेने पर आमादा हो गए.
बाबा राजा ने भी दिया आवेदन
एक ओर उचेहरा थाना में योगिता सिंह की तरफ से एफआईआर दर्ज कराई गई है, जिसमें सुनीता सिंह को आरोपी बनाया गया है. वहीं देर शाम रुपेंद्र सिंह बाबा राजा की ओर से भी शिकायत की गई है. शिकायत में आरोप लगाया गया है कि योगिता सिंह, उनके भाई नागेंद्र सिंह और प्रथूदेव सिंह सहित छह लोग पहुंचे थे, जिन पर मारपीट का आरोप लगाया गया है, लेकिन यह आवेदन तब आया, जब इस मामले में दूसरे पक्ष ने एफआईआर दर्ज कराई.
राजपरिवार की बहू को गोली मारने की सुनीता सिंह भेजी गई जेल
नागौद राजपरिवार से जुड़े चर्चित गोलीकांड मामले में आरोपी सुनीता सिंह को उचेहरा पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. उचेहरा थाना प्रभारी सतीश मिश्रा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में लिया. आरोप है कि सुनीता सिंह ने पारिवारिक विवाद के दौरान राजपरिवार की बहू योगिता सिंह को गोली मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया था. घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी. गिरफ्तारी के बाद सुनीता सिंह को उचेहरा न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायालय ने उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजने के आदेश दिए.
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