India vs Sri Lanka: भारत के खिलाफ गॉल में खेले जा रहे पहले टेस्ट के चौथे दिन श्रीलंका के अनुभवी बल्लेबाज दिनेश चंडीमल फील्डिंग (Dinesh Chandimal) के दौरान चोटिल हो गए. फील्डिंग के दौरान बाउंड्री पर दिनेश चंडीमल का कंधा और सिर जमीन से जोर से टकराया. बाद में उन्हें एहतियात के तौर पर स्कैन के लिए ले जाया गया, जिसकी रिपोर्ट पूरी तरह से सामान्य आई और अंदरूनी चोट का कोई लक्षण नहीं मिला. लेकिन मैदान पर डॉक्टर और टीम के फिजियोथेरेपिस्ट द्वारा चंडीमल का कन्कशन (सिर की चोट का प्रभाव) परीक्षण किया गया. इसके बाद उन्हें आगे मैच में खेलने के लिए अयोग्य करार दिया गया.
इस खिलाड़ी को मिली चंडीमल की जगह
चंडीमल के कन्कशन नियम से बाहर होने के बाद अब उनके सब्सटीट्यूट के रूप में पसिंदु सूरियाबंदरा को टीम में शामिल किया गया है. अब जबकि श्रीलंका को मैच जीतने के लिए दूसरी पाीर में 372 रन का टारगेट मिला है, तो अनुभवी चंडीमल के मैच से बाहर होने के कारण भारत को फायदा मिलेगा क्योंकि उनकी जगह कन्कशन सब्स्टीट्यूट पसिंदु सूरियाबंदरा ने एक भी अंतरराष्ट्रीय मैच नहीं ही खेला है. अब कहां 92 मैच खेला पूर्व कप्तान चंडीमल और कहां एक डेब्यूटेंट. ऐसे में चंडीमल का बाहर होना मेजबानों के लिए जहां झटका है, तो भारत के लिए फायदे की बात है.
सूरियाबंदरा का फर्स्ट क्लास में 50 से ऊपर का औसत
63 प्रथम श्रेणी (फर्स्ट-क्लास) मैचों में हिस्सा लेते हुए, सूरियाबंदरा ने 54.36 के औसत से लगभग 5000 रन बनाए हैं, जिसमें 14 शतक और 26 अर्धशतक शामिल हैं। यह टेस्ट क्रिकेट में किसी श्रीलंकाई खिलाड़ी को कन्कशन सब्स्टीट्यूट (विकल्प) से बदले जाने का केवल तीसरा मामला भी होगा. भारत की इस पारी की अगुआई विकेटकीपर ऋषभ पंत के आक्रामक अर्धशतक ने की. पंत ने दो छक्कों की मदद से 53 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया, जिसमें से दूसरे छक्के के साथ ही उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में सबसे तेजी से 100 छक्के जड़ने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया. श्रीलंका ने अपनी पिछली पारी में 282 रन बनाए थे, जहाँ तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरे चांदीमल केवल चार रन ही बना सके और बाएं हाथ के स्पिनर मानव सुथार की गेंद पर स्टंप आउट हो गए थे। मेजबान टीम ने भारत को 178 रनों की बढ़त दे दी थी, जिसने देवदत्त पडिक्कल की 167 रनों की पारी के दम पर अपनी पहली पारी में 462 रन बनाए थे.
क्या कहता है कन्कशन सब्स्टीटयूट नियम
टेस्ट क्रिकेट में कन्कशन सब्स्टीट्यूट नियम के तहत यदि कोई खिलाड़ी मैच के दौरान सिर या गर्दन पर चोट (कन्कशन) के कारण खेलने में असमर्थ हो जाता है, तो उसकी जगह विकल्प (लाइक-फॉर-लाइक रिप्लेसमेंट) के रूप में नया खिलाड़ी शामिल किया जा सकता है. कन्कशन नियम की मुख्य बातें इस प्रकार हैं:
लाइक-फॉर-लाइक खिलाड़ी: नियम के मुताबिक चोटिल खिलाड़ी की जगह ठीक वैसी ही शैली के खिलाड़ी को टीम में जगह जाती है. मतलब
ल्लेबाज की जगह बल्लेबाज, गेंदबाज की जगह गेंदबाज शामिल किया जाता है. यहां चंडीमल की जगह टीम में आए सूरियाबंदरा भी दाएं हाथ के बल्लेबाज हैं.
पूरी तरह भागीदारी: आम सब्स्टीट्यूट खिलाड़ी की तरह यह केवल फील्डिंग तक सीमित नहीं रहता. इसके उलट कन्कशन सब्स्टीट्यूट के रूप में आने वाला खिलाड़ी मैच में बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों कर सकता है. और चंडीमल की जगह टीम में शामिल किए गए सूरियाबंदरा भी बल्लेबाजी और फील्डिंग दोनों ही कर पाएंगे.
मैच रेफरी की मंजूरी: टीम डॉक्टर और फिजियो द्वारा खिलाड़ी के अयोग्य घोषित होने के बाद मैच रेफरी की अनुमति से ही सब्स्टीट्यूट को मंजूरी मिलती है. चंडीमल के मामले में यही प्रोटोकॉल अमल में लाया गया. चिकित्सीय परीक्षण के बाद रिपोर्ट मैच रेफरी को दी गई, तो उन्होंने कन्कशन सब्स्टीट्यूट की इजाजत दे दी.
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