Shivpuri Student Suicide: शिवपुरी में सीबीएसई परीक्षा परिणाम सिसोदिया परिवार के लिए दुखों का पहाड़ लेकर आया.दरअसल इस परिवार के बच्चे आर्यमन सिंह सिसोदिया का 12 वीं के परीक्षा परिणाम में सप्लीमेंट्री आया. जिससे आहत होकर उसने फांसी लगा कर खुदकुशी कर ली. दूसरी तरफ आर्यमन की दादी अपने पोते की असमय मौत को एक दिन भी बर्दाश्त नहीं कर सकीं . उन्हें भी अगले दिन हार्ट अटैक आया और उन्होंने भी दम तोड़ दिया.महज 24 घंटे के भीतर एक ही घर से उठी दो अर्थियों ने पूरे शहर को गमजदा कर दिया है.
एक गलत फैसले ने छीन लिया घर का इकलौता चिराग
घटना शिवपुरी के देहात थाना क्षेत्र के छोटे लुहारपुरा की है. यहां रहने वाले 18 वर्षीय आर्यमन सिंह सिसोदिया ने बुधवार को अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली. वजह थी सीबीएसई 12वीं का रिजल्ट, जिसमें सप्लीमेंट्री आने के बाद आर्यमन बुरी तरह टूट गया था. जिस उम्र में बच्चों को सुनहरे भविष्य के सपने बुनने चाहिए, उस उम्र में उसने मौत को गले लगा लिया. यह खबर आग की तरह फैली और परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा.
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पोते की जुदाई में थम गई दादी के दिल की धड़कन
अभी घर से एक अर्थी उठी भी नहीं थी कि नियति ने सिसोदिया परिवार को एक और गहरा जख्म दे दिया.
उन्हें तुरंत जिला अस्पताल ले जाया गया, लेकिन गुरुवार देर शाम उनकी सांसें भी थम गईं. डॉक्टर ने मौत की वजह हार्ट अटैक बताया.
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बिखर गया परिवार, शहर में गम का माहौल
सिसोदिया परिवार की खुशियां अब सिसकियों में बदल गई हैं. इकलौते पोते और फिर घर की बुजुर्ग महिला की मौत ने परिवार को पूरी तरह तोड़ दिया है. आज पूरा शिवपुरी इस दुख में उनके साथ खड़ा है. पुलिस ने औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं, लेकिन इस घटना ने समाज और अभिभावकों के सामने कई बड़े सवाल छोड़ दिए हैं.
जिंदगी से बड़ी नहीं होती कोई परीक्षा
यह खबर हर छात्र के लिए एक चेतावनी है कि परीक्षा का परिणाम आपकी काबिलियत का आखिरी पैमाना नहीं है. आर्यमन की एक छोटी सी हार ने न केवल उसकी जान ली, बल्कि उसके पीछे एक भरा-पूरा परिवार बिखर गया. जीवन में चुनौतियां आती-जाती रहती हैं, लेकिन साहस के साथ उनका सामना करना ही असली जीत है. याद रखें, सप्लीमेंट्री का एग्जाम फिर से दिया जा सकता है, लेकिन खोई हुई जिंदगी कभी वापस नहीं आती. माता-पिता को भी अपने बच्चों से संवाद करना चाहिए और तनाव के समय उन्हें मनोवैज्ञानिक सहारा प्रदान करना चाहिए.
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