CBSE Class 12 Result 2026: सीबीएसई 12वीं बोर्ड का रिजल्ट आने के बाद इस बार नंबरों से ज्यादा चर्चा कॉपियां जांचने के नए डिजिटल सिस्टम की हो रही है. जी हां इवेलुएशन का नया तरीका भी बहस का बड़ा मुद्दा बन गया. बोर्ड ने इस साल पहली बार ऑन-स्क्रीन मार्किंग यानी OSM सिस्टम लागू किया था. CBSE का कहना है कि इससे कॉपी जांचने की प्रक्रिया ज्यादा तेज, पारदर्शी और सटीक बनेगी. लेकिन रिजल्ट आने के बाद कई छात्रों और अभिभावकों ने सोशल मीडिया पर अपने कम नंबरों को लेकर सवाल उठाने शुरू कर दिए. कुछ छात्रों का दावा है कि उनके एग्जाम अच्छे गए थे, लेकिन नंबर उम्मीद से काफी कम आए. इसी वजह से ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम अब विवादों में आ गया है.
If CBSE's passing percentage has dropped because of rushed on-screen marking (OSM), then this is a serious concern for lakhs of students.
— Anurag Tyagi (@TheAnuragTyagi) May 13, 2026
A digital system should improve fairness — not reduce deserving marks because answers were checked too quickly or important steps were…
क्या है ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम
CBSE ने इस साल Class 12 की कॉपियों की जांच डिजिटल तरीके से करने का फैसला लिया. इस सिस्टम में उत्तर पुस्तिकाओं को स्कैन करके स्क्रीन पर जांचा जाता है. बोर्ड का कहना था कि इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और जांच की प्रक्रिया पहले से ज्यादा तेज होगी. CBSE के मुताबिक इस सिस्टम से accuracy, fairness और student confidence बेहतर होगा.
If CBSE's passing percentage has dropped because of rushed on-screen marking (OSM), then this is a serious concern for lakhs of students.
— Anurag Tyagi (@TheAnuragTyagi) May 13, 2026
A digital system should improve fairness — not reduce deserving marks because answers were checked too quickly or important steps were…
छात्रों ने क्यों उठाए सवाल
रिजल्ट के बाद सोशल मीडिया पर कई पोस्ट वायरल होने लगे. एक छात्र ने दावा किया कि उसे JEE में 97 percentile मिली, लेकिन CBSE बोर्ड में सिर्फ 67 प्रतिशत अंक आए. वहीं एक दूसरे छात्र ने कहा कि उसके 6 MCQ सही थे, फिर भी उसे कुल 70 में सिर्फ 7 नंबर मिले. कई छात्रों ने आरोप लगाया कि कॉपियां बहुत जल्दी में चेक की गईं और जरूरी स्टेप्स को नजरअंदाज किया गया.
Just look at this, despite of 6 mcq being correct this lad was only given 7 out of 70 apparently, now i do not know if it is a genuine technical evalution problem or something worse, ive noticed the ones who barely did anything in exams got exactly 23 out of 70 to pass. pic.twitter.com/ac3A2KGbw6
— kin (@WorkKin67) May 13, 2026
शिक्षकों ने भी जताई चिंता
कुछ शिक्षकों ने भी इस सिस्टम पर सवाल उठाए हैं. एक फिजिक्स के टीचर ने सोशल मीडिया पर लिखा कि डिजिटल सिस्टम का मकसद ट्रांसपेरेंसी बढ़ाना होना चाहिए, न कि डिजर्विंग छात्रों के नंबर कम करना. उनका कहना था कि अगर जल्दबाजी में जांच हुई है तो ये लाखों छात्रों के लिए चिंता की बात है.
CBSE ने क्या कहा
CBSE का कहना है कि नया OSM सिस्टम कॉपियां जांचने की प्रक्रिया को पहले से ज्यादा आसान, तेज और पारदर्शी बनाता है. बोर्ड के मुताबिक कई परीक्षकों ने भी इस सिस्टम को अच्छा बताया है. CBSE ने ये भी जानकारी दी कि इस साल Class 12 का कुल पास प्रतिशत 85.20 फीसदी रहा.
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