मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के छावनी मोहल्ले की तंग गलियों में दहशत का माहौल है. जहां 10 दिन में एक परिवार के चार बच्चों की मौत हो गई है. इनमें तीन सगे भाई थे. एक के बाद एक सिलसिलेवार तरीके से हुई इन मौतों ने न केवल परिवार, पूरे इलाके को झकझोर कर दिया है. अपने बच्चों को खाने वाली मां और परिजन स्तब्ध हैं, उनके आंखों से आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं. दर्दनाक घटना से जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट पर आ गया है. बच्चों की मौत की जांच की जा रही है, इस बीच प्रशासन ने सख्त कदम भी उठाए हैं.
पिकनिक के बाद बिगड़ी बच्चे की तबीयत
दरअसल, शिवपुरी के हम्माल मोहल्ला (वार्ड 9) में रहने वाले रजा मोहम्मद और छावनी मोहल्ले निवासी तनवीर के परिवार के 15 सदस्य 16 अगस्त 2026 को गोराटीला झरने पर पिकनिक मनाने गए थे. झरने में नहाने के बाद सभी ने वहां एक साथ मिलकर खाया. इसके बाद बच्चों की तबीयत बिगड़ने लगी. 18 अगस्त को तनवीर अहमद के 14 साल के बेटे ताहिर की तबीयत ज्यादा खराब हुई तो परिजन उसे इलाज के लिए अस्पताल ले गए, लेकिन दो दिन बाद उसकी मौत हो गई.

50 लोगों के सैंपल लिए, पानी-खाने और राशन की भी हो रही जांच
झरने के पानी के इस्तेमाल पर रोक
इधर, घटना के बाद कलेक्टर अर्पित वर्मा ने स्वास्थ्य व राजस्व विभाग को मामले की जांच और सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए. शुरुआती जांच में सामने आया कि पीड़ित परिवार के सदस्य जिस झरने में नहाए थे, उससे एक नाला निकलता है. ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि दूषित पानी पीने से बच्चों की मौत हुई हो. इस संभावना के बाद प्रशासन की ओर से झरने का पानी पीना और नहाना समेत किसी भी रूप में उसके पानी का इस्तेमाल करना प्रतिबंधित कर दिया गया.
50 लोगों के सैंपल लिए, पानी-खाने और राशन की भी हो रही जांच

छावनी मोहल्ले में रहने वाले तनवीर के घर के बाहर बैठे लोग.
एसडीएम ने किया गोराटीला झरने का निरीक्षण
कोलारस एसडीएम शिवदयाल धाकड़ ने राजस्व अमले, स्थानीय सरपंच और ग्रामीणों के साथ सिद्ध बाबा बरसाती नाले से निकलने वाले झरने और आसपास के गोराटीला क्षेत्र का निरीक्षण भी किया है. स्वास्थ्य कर्मियों की टीम छावनी मोहल्ले और आसपास के 50 से अधिक घरों में डोर-टू-डोर सर्वे कर रही है, जिससे किसी भी व्यक्ति में लक्षण दिखने पर तत्काल इलाज किया जा सके.
जांच रिपोर्ट आने तक पानी के उपयोग पर रोक
परिवारों को 1.5 लाख रुपये की सहायता
परिवार में हुई चार मौतों से परिजन बुरी तरह टूट चुके हैं. प्रशासन ने पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता दी है. कलेक्टर के निर्देश पर अपर कलेक्टर दिनेश चंद्र शुक्ला ने पीड़ित परिजनों से मुलाकात कर ढांढस बंधाया और रेडक्रॉस सोसायटी की ओर से 1.5 लाख रुपये की राहत राशि का चेक भी सौंपा. पीड़ित परिवार के घर पर पुलिस बल और मेडिकल टीम तैनात है, घर के बाकी सदस्यों के स्वास्थ्य पर नजर रखी जा रही है.
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