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Explainer: देश में LPG सिलेंडर को लेकर क्यों फैली चिंता? ईरान-इजरायल जंग के बीच क्या सच में कमी होने वाली है? आसान भाषा में समझें हर सवाल का जवाब

देश के कई बड़े शहरों में कमर्शियल गैस की सप्लाई पर दबाव जरूर है, लेकिन घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बड़े संकट जैसी स्थिति अभी नहीं बनी है. सरकार और तेल कंपनियां स्थिति पर नजर रखे हुए हैं और सप्लाई सामान्य करने के लिए कदम उठा रही हैं.

Explainer: देश में LPG सिलेंडर को लेकर क्यों फैली चिंता? ईरान-इजरायल जंग के बीच क्या सच में कमी होने वाली है? आसान भाषा में समझें हर सवाल का जवाब
देशभर में गैस सिलेंडर को लेकर चिंता का माहौल पैदा हो रहा है. सरकार का कहना है कि कोई कमी नहीं है.
फाइल फोटो
  • भारत में घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कोई कमी नहीं है और सरकार घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दे रही है.
  • कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई होटल और रेस्टोरेंट सेक्टर में कुछ शहरों में प्रभावित हो रही है.
  • सरकार ने घरेलू गैस की बुकिंग अंतर बढ़ाकर जमाखोरी और ब्लैक मार्केटिंग रोकने के निर्देश दिए हैं.
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नई दिल्ली:

पिछले कुछ दिनों से देशभर में एलपीजी (LPG) गैस सिलेंडर को लेकर चर्चा तेज है. कुछ जगहों पर सप्लाई को लेकर खबरें आईं, होटल-रेस्टोरेंट संगठनों ने भी चिंता जताई, जिससे लोगों के मन में सवाल उठने लगे- क्या देश में गैस की कमी होने वाली है?

तो इस पर सरकार और तेल कंपनियों का कहना है कि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए फिलहाल कोई संकट नहीं है. लेकिन वैश्विक हालात और सप्लाई चेन की वजह से कुछ अस्थायी बदलाव जरूर किए गए हैं. आइए आसान भाषा में समझते हैं पूरी स्थिति...

1. चिंता क्यों बढ़ी?

हाल के दिनों में पश्चिम एशिया में बढ़े तनाव- खासतौर पर ईरान-इजरायल और अमेरिका के टकराव का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर पड़ा है. इससे समुद्री रास्तों और सप्लाई पर दबाव बना है. भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से आयात करता है. ऐसे में अंतरराष्ट्रीय तनाव का असर यहां भी चर्चा का विषय बन गया. रिपोर्टों के मुताबिक भारत अपनी कुल LPG जरूरत का करीब 60% से ज्यादा हिस्सा आयात करता है.

इसके अलावा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जैसे अहम समुद्री रास्तों पर तनाव से सप्लाई को लेकर आशंकाएं बढ़ीं. यही वजह है कि बाजार में चिंता का माहौल बना.

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2. क्या देश में घरेलू गैस की कमी है?

सरकार और तेल कंपनियों ने साफ कहा है कि घरेलू LPG सिलेंडर की कोई कमी नहीं है. सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देने का फैसला किया है. रिफाइनरियों से कहा गया है कि वे LPG उत्पादन बढ़ाएं. विदेशों से अतिरिक्त कार्गो मंगाने की कोशिश भी की जा रही है.

यानी आम लोगों की रसोई के लिए गैस उपलब्ध रहे, इस पर सरकार खास ध्यान दे रही है.

3. फिर समस्या कहां दिख रही है?

असल दिक्कत कमर्शियल गैस सिलेंडर (जो होटल, ढाबे और रेस्तरां इस्तेमाल करते हैं) में देखने को मिल रही है. कई शहरों में होटल और रेस्टोरेंट संगठनों ने सप्लाई में बाधा की शिकायत की है. कुछ जगहों पर डिलीवरी कम होने से कारोबार प्रभावित होने की बात सामने आई है.

सरकार ने इस मुद्दे को देखने के लिए तेल कंपनियों की एक समिति भी बनाई है, ताकि जरूरी सेक्टरों को सप्लाई जारी रखी जा सके.

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4. सरकार ने क्या नए कदम उठाए?

स्थिति को संभालने के लिए कुछ प्रशासनिक कदम उठाए गए हैं:

- घरेलू गैस सिलेंडर की बुकिंग के बीच अंतर 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन किया गया है. इसका उद्देश्य जमाखोरी और ब्लैक मार्केटिंग रोकना है.

- रिफाइनरियों को उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं.

- वैकल्पिक देशों से LPG आयात बढ़ाने की कोशिश हो रही है.

5. आम लोगों को क्या करना चाहिए?

सबसे जरूरी बात- पैनिक खरीदारी की जरूरत नहीं है. घरेलू सिलेंडर की सप्लाई जारी है. सरकार ने प्राथमिकता घरेलू उपभोक्ताओं को दी है. अफवाहों या सोशल मीडिया की अपुष्ट खबरों से बचना जरूरी है. ऊर्जा विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय संकट के समय सप्लाई चेन पर दबाव आना सामान्य बात है, लेकिन भारत के पास भंडारण और वैकल्पिक स्रोत मौजूद हैं.

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6. देश के अलग-अलग शहरों में LPG सप्लाई की क्या स्थिति है?

देशभर में गैस सिलेंडर को लेकर चिंता जरूर दिख रही है, लेकिन हालात हर शहर में एक जैसे नहीं हैं. अभी तक जो रिपोर्ट सामने आई हैं, उनमें सबसे ज्यादा असर कमर्शियल गैस सिलेंडर (होटल-रेस्टोरेंट में इस्तेमाल होने वाले) पर दिख रहा है, जबकि घरेलू सिलेंडर की सप्लाई सामान्य बनाए रखने की कोशिश की जा रही है. 

मुंबई: कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई सबसे ज्यादा प्रभावित

मुंबई और आसपास के इलाकों में गैस सप्लाई को लेकर सबसे ज्यादा खबरें सामने आई हैं. कई गैस डीलरों के मुताबिक कमर्शियल LPG सिलेंडर की सप्लाई कुछ समय के लिए रुक गई थी. होटल और स्ट्रीट फूड कारोबारियों को गैस मिलने में दिक्कत हो रही है. घरेलू सिलेंडर मिल रहे हैं, लेकिन रिफिल मिलने में 2 से 8 दिन तक की देरी बताई जा रही है. रेस्टोरेंट एसोसिएशनों ने चेतावनी दी है कि अगर सप्लाई जल्दी सामान्य नहीं हुई तो कई छोटे होटल और ढाबे बंद करने पड़ सकते हैं.

बेंगलुरु: होटल इंडस्ट्री चिंतित

बेंगलुरु में भी होटल और रेस्टोरेंट संगठनों ने गैस सप्लाई में रुकावट की शिकायत की है. कई रेस्टोरेंट्स के पास सिर्फ 1–2 दिन का गैस स्टॉक बचा होने की बात कही गई. होटल एसोसिएशन ने कहा कि सप्लाई जल्दी बहाल नहीं हुई तो किचन बंद करने की नौबत आ सकती है. हालांकि घरेलू उपभोक्ताओं को गैस उपलब्ध कराने को प्राथमिकता दी जा रही है.

चेन्नई: होटल एसोसिएशन ने सरकार से मदद मांगी

चेन्नई में भी कमर्शियल सिलेंडर की कमी की खबरें सामने आई हैं. होटल संगठनों ने सरकार को पत्र लिखकर बिना रुकावट LPG सप्लाई सुनिश्चित करने की मांग की है. उनका कहना है कि गैस की कमी से फूड सर्विस इंडस्ट्री पर सीधा असर पड़ सकता है.

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पंजाब और पूर्वी भारत: इंडस्ट्री सेक्टर पर दबाव

कुछ रिपोर्टों में बताया गया है कि पंजाब और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में भी कमर्शियल गैस की उपलब्धता सीमित हो गई है. इसका असर मुख्यतः होटल, मॉल और फूड कारोबार पर पड़ रहा है.

दिल्ली-एनसीआर: चिंता ज्यादा, संकट कम

दिल्ली और आसपास के इलाकों में फिलहाल बड़े स्तर पर गैस संकट की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन लोगों में चिंता की वजह से रिफिल बुकिंग बढ़ गई है. कुछ जगहों पर डिलीवरी में देरी की शिकायतें हैं. सरकार ने घरेलू गैस को प्राथमिकता देने की नीति लागू की है.

सबसे अहम बात ये है कि घरेलू LPG सिलेंडर की सप्लाई जारी है. दिक्कत मुख्य रूप से कमर्शियल गैस सिलेंडर में है. सरकार ने रिफाइनरियों को उत्पादन बढ़ाने और सप्लाई स्थिर रखने के निर्देश दिए हैं.

आसान भाषा में समझें तो देश के कई बड़े शहरों में कमर्शियल गैस की सप्लाई पर दबाव जरूर है, लेकिन घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बड़े संकट जैसी स्थिति अभी नहीं बनी है. सरकार और तेल कंपनियां स्थिति पर नजर रखे हुए हैं और सप्लाई सामान्य करने के लिए कदम उठा रही हैं.

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