सिंधिया राजघराने की करीब 40 हजार करोड़ रुपये की विशाल पैतृक संपत्ति के बंटवारे में एक नया और बड़ा मोड़ आ गया है. केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनकी तीनों बुआओं—उषा राजे राणा, पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और यशोधरा राजे—के बीच दशकों पुराने इस विवाद को आपसी राजीनामे से सुलझाने की तैयारी अंतिम चरण में थी. हालांकि, समझौते पर अदालती मुहर लगने से पहले ही परिवार के दो नए सदस्यों ने कोर्ट में अपनी दावेदारी ठोक दी है.राजमाता विजयाराजे सिंधिया की सबसे बड़ी दिवंगत बेटी पद्मावती राजे सिंधिया की दो बेटियों—प्रतिमा देवी और कनिका देवी—ने ननिहाल की संपत्ति में अपने कानूनी अधिकार की मांग करते हुए अदालत का दरवाजा खटखटाया है.
ग्वालियर कोर्ट में दाखिल की आपत्ति
पद्मावती राजे की बेटी प्रतिमा देवी ने ग्वालियर जिला अदालत में एक आवेदन दाखिल किया है. याचिका में उन्होंने कहा कि उनके नाम से प्रस्तुत 'पावर ऑफ अटॉर्नी' केवल 24 जून तक ही प्रभावी थी.प्रतिमा देवी का आरोप है कि प्रस्तावित बंटवारा समझौते में उन्हें और उनकी बहन कनिका देवी को उनका वाजिब कानूनी हिस्सा नहीं दिया गया है. इसलिए उनका पक्ष सुने बिना अदालत समझौते पर कोई अंतिम आदेश जारी न करे.
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रिकॉर्ड न पहुंचने से टली सुनवाई, अब 27-28 जुलाई को नजरें
दरअसल सोमवार को यानी 20 जुलाई को ग्वालियर जिला न्यायालय में इस ऐतिहासिक समझौते को मंजूरी मिलने की उम्मीद जताई जा रही थी, लेकिन दो मुख्य कारणों से सुनवाई आगे नहीं बढ़ सकी. पहला कारण प्रतिमा देवी और कनिका देवी द्वारा अचानक आपत्ति दर्ज कराया जाना रहा, जबकि दूसरा कारण बुआओं के मुकदमों से जुड़ा मूल रिकॉर्ड हाई कोर्ट से जिला अदालत तक समय पर न पहुंच पाना था.अदालत ने अब इस मामले की अगली सुनवाई 27-28 जुलाई को तय की है, जहां दोनों बहनें व्यक्तिगत रूप से पेश होकर अपना पक्ष रखेंगी.
कौन हैं प्रतिमा देवी और कनिका देवी?
प्रतिमा देवी और कनिका देवी, ग्वालियर के अंतिम महाराजा जीवाजीराव सिंधिया की सबसे बड़ी बेटी स्वर्गीय पद्मावती राजे की संतानें हैं.महाराजा जीवाजीराव सिंधिया की पांच संतानें थीं.
त्रिपुरा राजपरिवार से संबंध: पद्मावती राजे का विवाह त्रिपुरा के तत्कालीन राजपरिवार के महाराजा किरीट बिक्रम किशोर माणिक्य देबबर्मा बहादुर से हुआ था. वर्ष 1965 में कम उम्र में ही पद्मावती राजे का निधन हो गया था.
नेपाल के राणा परिवार से जुड़ाव: प्रतिमा देवी का विवाह नेपाल के प्रतिष्ठित राणा परिवार के डॉ. धवल शमशेर राणा से हुआ है.
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क्या था 'काबिज़ वही मालिक' का फॉर्मूला?
बता दें कि सिंधिया राजघराने की अचल संपत्तियों जिनमें ग्वालियर का ऐतिहासिक जय विलास पैलेस, मुंबई के सिंधिया हाउस, दिल्ली में सिंधिया की अलग-अलग प्रॉपर्टी सहित देश भर के प्रमुख शहरों में फैली कोठियां और जमीनों की विशाल संपत्तियां शामिल हैं के अधिकार को लेकर विभिन्न अदालतों में करीब 12 मामले लंबित चल रहे हैं.
यदि यह समझौता मंजूर हो जाता, तो देश की अलग-अलग अदालतों में लंबित करीब 12 मुकदमे एक साथ खत्म हो जाते. हालांकि इन मुकदमों में से एक में प्रतिमा देवी और कनिका देवी अपनी दिवंगत मां पद्मावती राजे के कानूनी उत्तराधिकार के तहत पहले से ही पक्षकार हैं. हालांकि जिस 40 हजार करोड़ रुपये के संपत्तियों के राजीनामे का प्रारूप तैयार किया गया था, उसमें पद्मावती राजे के वारिसों को शामिल नहीं किया गया था. इसी कारण दोनों बहनों ने अदालत पहुंचकर समझौते की प्रक्रिया पर रोक लगाने और अपना हिस्सा तय करने की मांग की है.अब अगली सुनवाई के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि दशकों पुराना यह शाही संपत्ति विवाद समझौते से सुलझता है या नए कानूनी पचड़े में फंसकर लंबा खींचता है.
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