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NEET की तैयारी से सट्टेबाजी तक, 18 साल पहले आई फिल्म देखकर बने बुकी, 30 लाख का सोना और 2.96 CR कैश बरामद

NEET की तैयारी कर रहे युवकों ने जन्नत फिल्म से प्रेरित होकर सट्टेबाजी शुरू की. पंचर बनाने वाले के खाते में करोड़ों के लेनदेन से इस रैकेट का खुलासा हुआ. पुलिस ने आरोपियों के पास से करीब 3 करोड़ कैश और सोना जब्त किया है. 

NEET की तैयारी से सट्टेबाजी तक, 18 साल पहले आई फिल्म देखकर बने बुकी, 30 लाख का सोना और 2.96 CR कैश बरामद
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सागर: ऑनलाइन सट्टेबाजी के बढ़ते नेटवर्क के बीच सागर पुलिस ने एक बड़े सट्टा गिरोह का पर्दाफाश किया है. पुलिस ने इस मामले में सागर और भोपाल से जुड़े आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए करीब 2 करोड़ 96 लाख रुपये की नकदी और 30 लाख रुपये कीमत के सोने के आभूषण बरामद किए हैं. पुलिस की पूछताछ में इस पूरे मामले का एक चौंकाने वाला पहलू सामने आया है. गिरोह से जुड़े दो युवक NEET की तैयारी कर रहे थे. आरोपियों ने पुलिस को बताया कि 18 साल पहले इमरान हाशमी की जन्नत फिल्म देखने के बाद उन्हें सट्टेबाजी की दुनिया में रुचि पैदा हुई और वे बड़ा बुकी बनने का सपना देखने लगे. 

पंचर वाले के खाते में आए गए करोड़ों रुपये 

मामले का खुलासा एक ऐसे व्यक्ति की शिकायत से हुआ, जो पंचर बनाने का काम करता है. उसके बैंक खाते में अचानक करोड़ों रुपये के लेनदेन होने लगे. इतनी बड़ी रकम के लेनदेन से परेशान होकर उसने पुलिस से शिकायत की. शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने संबंधित बैंक खाते और उसमें हो रहे लेनदेन की जांच शुरू की. जांच में पुलिस को खाते के जरिए बड़ी रकम के ट्रांजेक्शन होने की जानकारी मिली. इसके बाद पुलिस ने लेनदेन की कड़ियां जोड़ते हुए सट्टेबाजी के नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश शुरू की.

पुलिस ने सागर से दो आरोपियों को किया गिरफ्तार 

जांच के दौरान पुलिस ने सागर से धर्मेंद्र नाहर और सोनू दांगी को गिरफ्तार किया. दोनों से पूछताछ में पुलिस को ऑनलाइन सट्टेबाजी के बड़े नेटवर्क के बारे में जानकारी मिली. आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने भोपाल में कार्रवाई करते हुए अमित विश्वकर्मा और ऋषभ पटेल को भी हिरासत में लिया. पूछताछ के दौरान आरोपियों ने ऑनलाइन सट्टेबाजी से जुड़े कई अहम खुलासे किए. 

वेबसाइट के जरिए खिलाते थे सट्टा

पुलिस के मुताबिक, आरोपी ऑनलाइन वेबसाइटों के माध्यम से सट्टा खिलाने का काम करते थे. इतना ही नहीं, सट्टा खेलने वाले लोगों को कथित तौर पर सट्टा लगाने की टिप्स भी दी जाती थीं. इसके लिए ऑनलाइन माध्यम का इस्तेमाल किया जाता था. इस नेटवर्क में अलग-अलग स्तर पर लोगों को जोड़कर सट्टे के पैसों का लेनदेन किया जाता था.

पुलिस की जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह का नेटवर्क सिर्फ ऑनलाइन सट्टा खिलाने तक सीमित नहीं था. आरोपियों ने कथित तौर पर ऐसे लोगों को भी अपने नेटवर्क में शामिल किया, जिन्हें पैसों की जरूरत थी. बेरोजगार युवाओं और कम पढ़े-लिखे लोगों को 500 से 1000 रुपये तक देकर उनके दस्तावेज लिए जाते थे. इसके बाद इन दस्तावेजों का इस्तेमाल बैंक खाते खुलवाने के लिए किया जाता था.

छोटे दुकानदारों के खातों का भी इस्तेमाल

पूछताछ में पुलिस को यह भी जानकारी मिली कि सट्टेबाजी की रकम को अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर किया जाता था. इसके बाद रकम को कैश कराया जाता था. आरोपियों द्वारा छोटे दुकानदारों के खातों का भी इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई है. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस पूरे नेटवर्क में कितने बैंक खाते इस्तेमाल किए गए और इन खातों के जरिए कुल कितनी रकम का लेनदेन हुआ है.

NEET की तैयारी से सट्टेबाजी तक का सफर

इस मामले का सबसे चौंकाने वाला खुलासा आरोपियों की शैक्षणिक पृष्ठभूमि को लेकर हुआ है. पुलिस पूछताछ में अमित विश्वकर्मा और ऋषभ पटेल ने बताया कि वे NEET की तैयारी कर रहे थे. दोनों ने कथित तौर पर पुलिस को बताया कि इमरान हाशमी की फिल्म ‘जन्नत' देखने के बाद उन्हें सट्टेबाजी की दुनिया आकर्षित करने लगी. फिल्म में दिखाए गए सट्टेबाजी के कारोबार से प्रभावित होकर उनके मन में भी इस क्षेत्र में आगे बढ़ने की इच्छा पैदा हुई.

आरोपियों ने पूछताछ में कथित तौर पर बताया कि उनका सपना बड़ा बुकी बनने का था. इसी सोच के चलते उन्होंने ऑनलाइन सट्टेबाजी के नेटवर्क में कदम रखा और धीरे-धीरे इस कारोबार से जुड़ते चले गए. हालांकि पुलिस अब उनके इस दावे की भी जांच कर रही है कि वे वास्तव में NEET के विद्यार्थी थे और सट्टेबाजी के नेटवर्क में उनकी भूमिका कितनी बड़ी थी.

करोड़ों की नकदी और सोना बरामद

पुलिस की कार्रवाई में आरोपियों से जुड़े ठिकानों से 2 करोड़ 96 लाख रुपये की नकदी बरामद होने की बात सामने आई है. इसके अलावा करीब 30 लाख रुपये कीमत के सोने के आभूषण भी जब्त किए गए हैं. इतनी बड़ी मात्रा में नकदी और सोना मिलने के बाद पुलिस की जांच का दायरा और बढ़ गया है.

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पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि सट्टेबाजी से अर्जित रकम कहां-कहां निवेश की गई, गिरोह में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और ऑनलाइन सट्टे के लिए किन वेबसाइटों या प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया जा रहा था. साथ ही बैंक खातों के माध्यम से हुए करोड़ों रुपये के लेनदेन की भी जांच की जा रही है.

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नेटवर्क के दूसरे सदस्यों की तलाश

सागर पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले की आगे की जांच शुरू कर दी है. पुलिस को आशंका है कि ऑनलाइन सट्टेबाजी का यह नेटवर्क कई शहरों तक फैला हो सकता है. पुलिस बैंक खातों, मोबाइल फोन, ऑनलाइन लेनदेन और आरोपियों से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी खंगाल रही है.

फिलहाल पुलिस की कार्रवाई के बाद यह सवाल भी खड़ा हो रहा है कि NEET जैसी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे युवा आखिर पढ़ाई से भटककर करोड़ों के सट्टेबाजी नेटवर्क तक कैसे पहुंच गए. पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही इस गिरोह के पूरे नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी.
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