मध्य प्रदेश के रीवा स्थित गांधी मेमोरियल अस्पताल में डिलीवरी के दौरान जच्चा-बच्चा की मौत हो गई. बहू और उसके बच्चे की मौत के बाद गुस्साए परिजन अस्पताल के मुख्य गेट पर धरने पर बैठ गए. परिजनों ने आरोप लगाया कि इलाज में डॉक्टरों ने लापरवाही बरती, जिससे महिला और उसके बच्चे की जान चली गई. उन्होंने दोषी डॉक्टरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है.
परिजनों की नाराजगी के बाद मामले में लापरवाही बरतने पर नर्सिंग स्टाफ साधना वर्मा और सीमा मुजालदे को निलंबित कर दिया गया है. हालांकि, परिजन ड्यूटी डॉक्टर सोनल अग्रवाल को भी सस्पेंड करने की मांग कर रहे हैं. आशंका जताई जा रही है कि जच्चा-बच्चा की मौत एनेस्थीसिया का ओवरडोज देने से हुई है.
स्टाफ बोला- तू पागल हो गई है, प्रसूता बोली- मुझे बचा लीजिए
वायरल वीडियो में महिला अस्पताल के डिलीवरी वार्ड में चिल्लाते हुए बाहर जाने की जिद करती दिख रही है. ड्यूटी पर तैनात नर्सिंग स्टाफ उसे पकड़ा है और रोकते हुए कह रहा है- "तू पागल हो गई है क्या?" इसके बाद महिला रोते हुए परिजनों से कहती है, "गलत तरीके से इलाज हो रहा है, मैं नहीं बचूंगी. मुझे बचा लीजिए, मेरी जान को खतरा है. यह लोग मुझे मार डालेंगे मां". मृतका के चाचा धर्मेंद्र मिश्रा ने बताया कि कल्पना को मंगलवार को भर्ती कराया गया था, जहां गुरुवार को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई.
पिता का आरोप- डॉक्टरों ने ध्यान नहीं दिया
डॉक्टरों की ओर से लापरवाही नहीं हुई
गांधी मेमोरियल अस्पताल के अधीक्षक डॉ. राहुल मिश्रा का कहना है कि महिला का इलाज चिकित्सकीय प्रोटोकॉल के अनुसार ही किया गया था. डॉक्टरों की ओर से लापरवाही नहीं हुई है. परिजनों के आरोपों की जांच की जा रही है. पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है.
(रीवा से अभिषेक तिवारी की रिपोर्ट)
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