मध्य प्रदेश की राजनीति को सोमवार को बड़ा झटका लगा, जब भाजपा के वरिष्ठ नेता, पूर्व मंत्री और उज्जैन उत्तर से छह बार विधायक रहे पारस जैन का निधन हो गया. लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे पारस जैन इंदौर के एक अस्पताल में भर्ती थे, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली. उनके निधन की खबर सामने आते ही उज्जैन सहित पूरे प्रदेश में शोक की लहर दौड़ गई. भाजपा कार्यकर्ताओं, समर्थकों और उनके चाहने वालों की बड़ी संख्या उनके निवास पर पहुंचने लगी.
इंदौर के अस्पताल में हुआ निधन
पूर्व मंत्री पारस जैन पिछले कुछ समय से गंभीर रूप से बीमार थे और उनका उपचार इंदौर के अस्पताल में चल रहा था. सोमवार को उनके निधन की खबर सामने आने के बाद राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में शोक का माहौल बन गया. उनके समर्थकों और भाजपा कार्यकर्ताओं ने इसे पार्टी और प्रदेश की राजनीति के लिए बड़ी क्षति बताया. परिवार की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, दोपहर 3 बजे उनके निवास से अंतिम यात्रा निकाली जाएगी.
-
NDTV WORLD SUMMIT 2026 : कृति सेनन को बिकिनी सीन करने में क्यों लगे 12 साल? -
ब्रिटेन के हरियाणवी मेयर तुषार कुमार ने बताया कैसे गरीबों की मदद ने जिताया चुनाव -
टैक्स सिर्फ कमाई पर लगे, पूरी रकम पर नहीं..."F&O ट्रेडर्स के नुकसान पर बोले Zerodha को-फाउंडर निखिल कामत -
जिस शशि थरूर को सुनती है पूरी दुनिया, संसद में वह किसे सुनना पसंद करते हैं? खुद खोला राज -
रुपये की गिरती कीमत पर RBI गवर्नर का बड़ा बयान, कोई फिक्स लेवल नहीं, जानिए क्या है रिजर्व बैंक का एक्शन प्लान -
टाटा संस की शेयर बाजार में लिस्टिंग अनिवार्य? RBI गवर्नर ने NDTV समिट में बताया ये क्यों है जरूरी -
AI से बुलेट ट्रेन तक... अश्विनी वैष्णव ने बताया भारत का फ्यूचर प्लान -
NDTV World Summit 2026: वेजिटेरियन खिलाड़ियों को कौन सी दिक्कतें होती हैं? Savita, Neeru ने बताया -
NDTV World Summit 2026 के मंच पर भारत की 'गोल्डन गर्ल्स' ने बताया जीत का मंत्रा! | Asian Games 2026 -
NDTV World Summit 2026: Lovlina Borgohain ने बताया जीवन का सबसे बड़ा चैलेंज! क्यों लगने लगे ठहाके?
छह बार विधायक बनकर किया जनता का प्रतिनिधित्व
पारस जैन का नाम उज्जैन की राजनीति के प्रमुख नेताओं में शामिल रहा है. वे उज्जैन उत्तर विधानसभा क्षेत्र से छह बार विधायक चुने गए और लंबे समय तक क्षेत्र की जनता का प्रतिनिधित्व करते रहे. अपने सहज स्वभाव, कार्यकर्ताओं से संवाद और जनहित के मुद्दों पर सक्रियता के कारण उन्होंने लोगों के बीच विशेष पहचान बनाई. यही वजह रही कि राजनीति में उनकी पकड़ अंतिम समय तक बनी रही.
आठ साल तक संभाली मंत्री की जिम्मेदारी
मध्य प्रदेश सरकार में पारस जैन ने कई महत्वपूर्ण विभागों का नेतृत्व किया. वर्ष 2005 से 2013 के बीच उन्होंने राज्य मंत्री के रूप में वन, स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभागों में जिम्मेदारी निभाई. इसके बाद दिसंबर 2013 में उन्हें स्कूल शिक्षा विभाग का कैबिनेट मंत्री बनाया. वर्ष 2016 में मंत्रिमंडल विस्तार के दौरान उन्हें ऊर्जा विभाग का दायित्व भी सौंपा. उनके कार्यकाल को प्रशासनिक अनुभव और संगठनात्मक क्षमता के लिए याद किया जाता है.
टिकट नहीं मिला, फिर भी संगठन से जुड़े रहे
विधानसभा चुनाव 2023 में भाजपा ने पारस जैन को उम्मीदवार नहीं बनाया था, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने पार्टी से दूरी नहीं बनाई. वे लगातार संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय रहे और कार्यकर्ताओं के मार्गदर्शन में जुटे रहे. पार्टी के प्रति उनकी निष्ठा और समर्पण ने उन्हें भाजपा के वरिष्ठ नेताओं में विशेष स्थान दिलाया.
भाजपा नेताओं और समर्थकों ने जताया शोक
पारस जैन के निधन की खबर फैलते ही भाजपा नेताओं, कार्यकर्ताओं और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने गहरा दुख व्यक्त किया. उज्जैन में उनके निवास पर लोगों का आना शुरू हो गया. समर्थकों का कहना है कि पारस जैन केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि जनता के बीच रहने वाले जनप्रतिनिधि थे, जिन्होंने हमेशा लोगों की समस्याओं को प्राथमिकता दी.
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने दी श्रद्धांजलि
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी पारस जैन के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि वरिष्ठ भाजपा नेता, पूर्व मंत्री और उज्जैन उत्तर के पूर्व विधायक श्रद्धेय पारस चंद्र जैन के निधन का समाचार सुनकर मन दुखी है. मुख्यमंत्री ने उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए बाबा महाकाल से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें और शोकाकुल परिवार को इस दुख को सहन करने की शक्ति दें.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं