Papa Rao Surrender: छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का बड़ा चेहरा माने जाना वाला नक्सली पापा राव (Papa Rao) अब सामने आ गया है. 25 मार्च बुधवार को पापा राव अपने 18 साथियों के साथ हथियार डालकर सरेंडर (Naxal surrender) करेगा. इस सरेंडर में NDTV की भी बड़ी भूमिका है. दो दिन से हमारी टीम पापा राव के साथ है.
नक्सली कमांडर रमन्ना ने दिया था पापा राव नाम
दरअसल, पापा राव साल 1994 में माओवादी संगठन से जुड़ा था. उसका असली नाम सुन्नम चंद्रया है, यह नाम उसके माता-पिता ने रखा था. पापा राव नाम उसे जंगल में मिला है. संगठन के जुड़ने के बाद जब वह पूर्णकालिक सदस्य बना तो उसे नक्सली कमांडर रमन्ना उर्फ रावलु श्रीनिवास की टीम में शामिल कर दिया गया. इस दौरान रमन्ना ने ही उसका नाम पापा राव रखा था. इसके बाद धीरे-धीरे वह आगे बढ़ता गया फिर खुद कमांडर बन गया. उस 50 लाख रुपये का इनाम है. पापा राव ने कई बड़े ऑपरेशन को अंजाम दिया है, जिसमें देश के कई जवान शहीद हुए हैं. 6 जनवरी 2025 की कुटरू-बेदरे रोड आईईडी ब्लास्ट में 8 सुरक्षाकर्मी शहीद हुए थे, इस ब्लास्ट का मास्टरमाइंड पापा राव ही था.
पहली पत्नी उर्मिला मारी गई तो पापा राव ने की दूसरी शादी
जंगल में जिंदगी जीने वाले नक्सली पापा राव ने दो शादियां भी हैं. उसकी पहली पत्नी का नाम उर्मिला था, जो खुद भी नक्सली थी. वह पामेड़ एरिया कमेटी की सचिव थी, यह माओवादी संगठन की सबसे हिंसक एरिया कमेटियों में से एक मानी जाती है. नवंबर 2025 में छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में हुई मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने उर्मिला को मारा गया था. इसके कुछ महीने बाद पापा राव ने दूसरी शादी की थी. उसकी दूसरी पत्नी भी नक्सली है.
सरेंडर से पहले सबसे बड़े नक्सल कमांडर पापा राव ने मांगी NDTV से मदद, 2 दिन जंगल में साथ रही टीम
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