- मध्य प्रदेश के जबलपुर, चंबल और नर्मदापुरम संभागों में अगले 24 घंटे भारी बारिश के साथ मौसम बिगड़ने की संभावना.
- 26 अगस्त तक प्रदेश के विभिन्न जिलों में बारिश का दौर जारी रहेगा, जिससे किसानों को लाभ मिलने की उम्मीद है.
- मानसून सीजन में मध्य प्रदेश में अब तक 24.4 इंच बारिश हुई है, जो औसत से लगभग ग्यारह प्रतिशत कम है.
मध्य प्रदेश में मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों के लिए कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है. खासतौर पर जबलपुर, चंबल और नर्मदापुरम संभाग के जिलों में अगले 24 घंटे मौसम का मिजाज बिगड़ा रह सकता है. श्योपुर, मुरैना, भिंड, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर और छिंदवाड़ा समेत कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. वहीं, मौसम विभाग ने 26 अगस्त तक प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बनी रहने की संभावना जताई है.
अगले 24 घंटे में इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटे के दौरान श्योपुर, मुरैना, भिंड, शिवपुरी, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, डिंडौरी और सीधी जिलों में भारी बारिश हो सकती है. इन क्षेत्रों में कहीं-कहीं तेज बारिश के साथ जलभराव की स्थिति भी बन सकती है.
कई जिलों में हल्की से तेज बारिश की संभावना
राजधानी भोपाल समेत सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम और हरदा में बारिश की गतिविधियां बनी रहेंगी. इसके अलावा ग्वालियर, गुना, दतिया, अशोकनगर, जबलपुर, कटनी, मंडला, रीवा, सतना, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी जिलों में भी कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश होने के आसार हैं.
26 अगस्त तक बना रहेगा बारिश का दौर
मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि 23 अगस्त से 26 अगस्त के बीच प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी रहेगा. इस दौरान पूर्वी और मध्य प्रदेश के कुछ जिलों में भारी बारिश के दौर देखने को मिल सकते हैं. लगातार हो रही बारिश से किसानों को लाभ मिलने की उम्मीद है, हालांकि निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है.
प्रदेश में अब तक 24.4 इंच बारिश दर्ज
इस मानसून सीजन में मध्य प्रदेश में अब तक कुल 619.6 मिलीमीटर यानी 24.4 इंच बारिश दर्ज की जा चुकी है. इसके बावजूद प्रदेश में औसत बारिश की तुलना में कुल वर्षा 11 प्रतिशत कम बनी हुई है. मानसून के आगामी दौर से इस कमी में कुछ सुधार होने की संभावना है.
40 जिलों में सामान्य से कम बारिश
प्रदेश के 40 जिलों में अब तक सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है. पूर्वी मध्य प्रदेश के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में वर्षा की कमी अधिक देखने को मिली है. बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, कटनी, मैहर, डिंडौरी, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सिवनी और टीकमगढ़ जिलों में 1 प्रतिशत से 51 प्रतिशत तक कम बारिश रिकॉर्ड की गई है.
पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी बारिश का घाटा
आगर-मालवा, आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, दतिया, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा जिलों में भी सामान्य औसत से 2 प्रतिशत से 47 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज की गई है.
15 जिलों में सामान्य से अधिक बरसे बादल
वहीं प्रदेश के 15 जिलों में औसत से अधिक बारिश दर्ज की गई है. इनमें अनूपपुर, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, बड़वानी, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, गुना, ग्वालियर, खंडवा, खरगोन और राजगढ़ शामिल हैं. इन जिलों में मानसून अब तक सामान्य से बेहतर प्रदर्शन कर चुका है.
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