मध्य प्रदेश के सागर में इंस्टाग्राम पर पिस्तौल की रील बनाना एक युवक को भारी पड़ गया. सोशल मीडिया पर हथियार चमकाने वाले युवक की तलाश में जब पुलिस उसके घर पहुंची, तो पिस्तौल का तो पता नहीं चला लेकिन अलमारी के ताले टूटते ही 3 करोड़ रुपये कैश बरामद हो गया. गोपालगंज थाना क्षेत्र के तीली तिगड्डा इलाके में हुई इस कार्रवाई के दौरान जब पुलिस ने अलमारी खुलवाने की कोशिश की तो परिवार ने चाबी न होने का बहाना बनाया, जिसके बाद गवाहों की मौजूदगी में जब ताला तोड़ा गया तो बैगों में ठूंस-ठूंस कर भरे गए नोटों के बंडल बाहर निकले, जिन्हें गिनने के लिए मशीन मंगानी पड़ी. पेशे से टैक्सी और ऑटो ड्राइवर दो भाइयों ने शुरुआती पूछताछ में दावा किया है कि यह रकम उनकी नहीं बल्कि भोपाल में पदस्थ उनके PWD इंजीनियर रिश्तेदार रमेश अहिरवार की है, जो 8-9 महीने पहले इसे रखकर गया था. अब इस मामले की गहनता से जांच की जा रही है.
पिस्तौल वाली रील से मिला सुराग
सागर के पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया के अनुसार पुलिस टीम सोशल मीडिया पर हथियार, चाकू और पिस्तौल के साथ तस्वीरें-वीडियो डालने वाले लोगों के प्रोफाइल की नियमित रूप से निगरानी कर रही थी. इसी अभियान के तहत रविवार को पुलिस ने दो ऐसे इंस्टाग्राम प्रोफाइल चिन्हित किए, जिन पर पिस्तौल के साथ तस्वीरें अपलोड की गई थीं. इसके बाद पुलिस ने मोती नगर और गोपालगंज थाना क्षेत्रों में सत्यापन की कार्रवाई शुरू की. गोपालगंज पुलिस टीम इसी जांच के सिलसिले में आरोपी सौरभ अहिरवार के घर पूछताछ करने और हथियार की बरामदगी के इरादे से पहुंची थी.

Sagar 3 Crore Cash Recovered: सागर के गोपालगंज थाना इलाके में सोशल मीडिया पर हथियार चमकाने वाले युवक के घर से पुलिस ने 3 करोड़ कैश बरामद किया है.में
ताला तोड़ते ही निकली नोटों की गड्डियां
सौरभ के घर की तलाशी के दौरान पुलिस अधिकारियों की नजर एक बंद अलमारी पर पड़ी. जब पुलिस ने परिवार के सदस्यों से अलमारी की चाबी मांगी, तो उन्होंने दावा किया कि चाबी उनके पास उपलब्ध नहीं है. इसके बाद पुलिस ने कानूनी औपचारिकताएं और पंचनामा पूरा करते हुए स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में अलमारी का ताला तोड़ दिया. ताला टूटते ही पुलिसकर्मी हैरान रह गए, क्योंकि अलमारी के भीतर हथियार के बजाय नोटों से भरे बैग रखे हुए थे. बैगों में इतनी अधिक मात्रा में नगदी थी कि मौके पर तुरंत नोट गिनने वाली मशीन बुलानी पड़ी.
PWD इंजीनियर का निकला पैसा
पुलिस की प्राथमिक पूछताछ में सामने आया कि सौरभ अहिरवार टैक्सी चलाने का काम करता है, जबकि उसका भाई ऑटो चालक है. दोनों भाइयों ने जांच अधिकारियों को बताया कि अलमारी से मिला 3 करोड़ रुपये का यह कैश उनका नहीं है. उन्होंने दावा किया कि यह रकम भोपाल में रहने वाले उनके रिश्तेदार रमेश अहिरवार की है, जो लोक निर्माण विभाग (PWD) में इंजीनियर के पद पर कार्यरत हैं और उन्होंने करीब 8 से 9 महीने पहले यह पैसा उनकी अलमारी में संभालकर रखा था.
कानूनी प्रक्रिया और आगे की जांच
वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित करने के बाद पूरी जब्ती की प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग कराई गई और स्वतंत्र गवाहों के सामने नगदी को जब्त किया गया. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि परिवार द्वारा किए गए दावों और रकम के असली स्रोत की स्वतंत्र रूप से पुष्टि की जा रही है. सोशल मीडिया पर हथियार की जांच से शुरू हुआ यह मामला अब बेनामी संपत्ति और अवैध नगदी के बड़े नेटवर्क की जांच में बदल चुका है, और जांच के नतीजों के आधार पर आगे की सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
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