- मध्य प्रदेश सरकार ने नमामि गंगे की तर्ज पर नमन मिशन को मंजूरी दी है.
- नमन मिशन के जरिए नर्मदा नदी को स्वच्छ बनाने का काम किया जाएगा.
- अमरकंटक से अलीराजपुर तक नदी में गिरने वाले नालों की एंट्री रोकी जाएगी.
नर्मदा नदी को पवित्र, स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त बनाए रखने के लिए मध्य प्रदेश सरकार ने नमन मिशन (निर्मल एवं अविरल मां नर्मदा मिशन) को मंजूरी दी है. केंद्र की मोदी सरकार की 'नमामि गंगे' योजना की तर्ज पर तैयार किया गया नमन मिशन प्रदेश की मोहन सरकार का नर्मदा संरक्षण के लिए अब तक का सबसे बड़ा कदम माना जा रहा है. जिसके तहत नर्मदा नदी में गिरने वाले सीवेज और नालों को पूरी तरह से बंद किया जाएगा. साथ ही नदी के कैचमेंट एरिया को चिह्नित कर उसे अतिक्रमण मुक्त कराया जाएगा. इससे अमरकंटक से अलीराजपुर तक नर्मदा नदी पूरी तरह चमक जाएगी.
नर्मदा देश की इकलौती ऐसी नदी है, जिसकी लोग परिक्रमा भी करते हैं. लोगों की आस्था और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने वैज्ञानिक तरीके से कई सरकारी विभागों को एक साथ लाकर इसके बचाव का प्लान तैयार किया है.
आज कैबिनेट में माँ नर्मदा के पुनर्जीवन एवं दीर्घकालीन सतत प्रबंधन के लिए 'निर्मल एवं अविरल माँ नर्मदा मिशन (नमन मिशन)' के गठन को स्वीकृति दी।
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) August 18, 2026
जीवनदायिनी माँ नर्मदा के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए जनसहयोग से मिशन मोड में कार्य किया जाएगा।#CabinetMP pic.twitter.com/kNPym28Rzx
नमन मिशन के तहत 16 जिलों में होगा काम
नर्मदा नदी मध्य प्रदेश के 16 जिलों से होकर गुजरती है. प्रदेश में इसकी कुल लंबाई करीब 1,077 किलोमीटर है. सरकार का नमन मिशन नर्मदा नदी के उद्गम स्थल अमरकंटक (अनूपपुर) से लेकर प्रदेश के अंतिम छोर अलीराजपुर तक इसे कवर करेगा. जिसमें अनूपपुर, डिंडोरी, सिवनी, मंडला, नरसिंहपुर, जबलपुर, नर्मदापुरम (होशंगाबाद), रायसेन, सीहोर, हरदा, देवास, खंडवा, खरगोन, धार, बड़वानी और अलीराजपुर जिले शामिल हैं.

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6 विभाग मिलकर करेंगे काम, जानिए क्या होगा?
जानकारी के अनुसार, नमन मिशन की जिम्मेदारी 6 सरकारी विभाग मिलकर संभालेंगे. इसके लिए एक अंतर-विभागीय समन्वय समिति बनाई गई है. मिशन के लिए राज्य बजट, स्वच्छ भारत मिशन, अमृत योजना और सीएसआर फंड को मिलाकर एकीकृत बजट तैयार किया गया है. जिससे घाटों को इको-फ्रेंडली बनाने, पानी की गुणवत्ता जांचने के लिए 'रियल-टाइम वाटर क्वालिटी मॉनिटरिंग सिस्टम' लगाने समेत अन्य काम किए जाएंगे. नर्मदा नदी के तटों और घाटों को साफ-सुथरा रखने के लिए 500 मीटर के दायरे में सिंगल यूज प्लास्टिक को पूरी तरह प्रतिबंधित किया जाएगा. स्थानीय स्तर पर 'नर्मदा मित्र' बनाए जाएंगे जो लोगों को नदी को साफ रखने के लिए जागरूक करने के साथ-साथ अन्य कार्य करेंगे.
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