NEET PG Colleges In India : NEET PG 2026 परीक्षा की तैयारी अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी है. यह परीक्षा 30 अगस्त 2026 को होगी. परीक्षा शहर की जानकारी 11 अगस्त को जारी की जाएगी, जबकि एडमिट कार्ड 27 अगस्त तक उपलब्ध होंगे. हर साल लाखों MBBS ग्रेजुएट्स इस परीक्षा में शामिल होते हैं. हालांकि, इस दौरान अच्छे कॉलेज में एडमिशन के लिए रैंक काफी ज्यादा मायने रखती है. मौजूदा समय में भी बेहतर क्लिनिकल एक्सपोजर, अनुभवी फैकल्टी, शानदार सुविधाएं और कम फीस की वजह से सरकारी मेडिकल कॉलेज टॉपर्स की पहली पसंद बने हुए हैं. आइए जानते हैं कि NEET PG में शानदार रैंक हासिल करने वाले उम्मीदवार आमतौर पर किन संस्थानों का रुख करते हैं और कौन-सी स्पेशियलिटी सबसे ज्यादा पसंद की जाती है.
टॉप रैंकर्स की पहली पसंद ये मेडिकल कॉलेज
NEET PG में शानदार रैंक हासिल करने वाले उम्मीदवार आमतौर पर देश के प्रमुख सरकारी मेडिकल संस्थानों में एडमिशन लेना पसंद करते हैं. इन कॉलेजों में बेहतर क्लिनिकल ट्रेनिंग, ज्यादा मरीजों का अनुभव और उच्च स्तरीय चिकित्सा शिक्षा उपलब्ध होती है.देश के प्रमुख संस्थानों में शामिल हैं -
- मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज (नई दिल्ली)
- PGIMER डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल (नई दिल्ली)
- वीएमएमसी एवं सफदरजंग अस्पताल (नई दिल्ली)
- सेठ जी.एस. मेडिकल कॉलेज (मुंबई)
- यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ मेडिकल साइंसेज (नई दिल्ली)
- लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज (नई दिल्ली)
- बी.जे. मेडिकल कॉलेज (अहमदाबाद)
- सरकारी मेडिकल कॉलेज (कोझिकोड)
- निजाम इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (हैदराबाद)
- इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, बीएचयू (वाराणसी)
इन स्पेशियलिटी की रहती है सबसे ज्यादा मांग
टॉप रैंक हासिल करने वाले उम्मीदवारों की पहली पसंद आमतौर पर क्लिनिकल ब्रांच होती हैं. इनमें एमडी जनरल मेडिसिन, एमडी रेडियोडायग्नोसिस और एमडी डर्मेटोलॉजी जैसी स्पेशियलिटी सबसे ज्यादा मांग में रहती हैं. इन ब्रांचेज को चुनने के पीछे बेहतर करियर संभावनाएं, क्लिनिकल अनुभव और भविष्य में सुपर-स्पेशियलिटी की राह खुलने जैसे कारण माने जाते हैं.
सरकारी मेडिकल कॉलेज क्यों रहते हैं पहली पसंद?
केंद्रीय और प्रमुख सरकारी मेडिकल संस्थानों में मरीजों की संख्या ज्यादा होने के कारण छात्रों को हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग का बेहतर अवसर मिलता है. इसके अलावा इन संस्थानों में फीस कम होती है और अनुभवी फैकल्टी की देखरेख में पढ़ाई का मौका मिलता है. यही वजह है कि प्राइवेट यूनिवर्सिटीज की तुलना में टॉप रैंकर्स अक्सर सरकारी मेडिकल कॉलेजों को तवज्जो देते हैं.
कैसे होता है सीट अलॉटमेंट?
NEET PG के बाद ऑल इंडिया कोटा (AIQ) की सीटों के लिए काउंसलिंग मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) शुरू करती है. उम्मीदवारों की रैंक, केटेगरी, उपलब्ध सीटों और उनकी तरफ से भरे गए ऑप्शंस के आधार पर सीटों को अलॉट किया जाता है. ऐसे में अच्छी रैंक हासिल करने वाले उम्मीदवारों के पास न केवल बड़े संस्थानों में एडमिशन पाने का अवसर होता है, बल्कि अपनी पसंदीदा स्पेशियलिटी चुनने की संभावना भी काफी बढ़ जाती है.
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