- AIIMS जोधपुर में एक छात्र का शव हॉस्पिटल के वॉशरूम में मिला.
- इस मामले को लेकर अब रेजिडेंट डॉक्टरों और छात्रों ने हड़ताल शुरू की है.
- हड़ताल के दौरान इलेक्टिव OPD और OT बंद हैं. इमरजेंसी सेवाएं जारी रहेंगी.
मंगलवार, 22 सितंबर को AIIMS-जोधपुर में पीजी फर्स्ट ईयर के छात्र की मौत के बाद रेजिडेंट डॉक्टरों और छात्रों में गहरा आक्रोश है. छात्रों ने अपनी मांगों का ऐलान करते हुए अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू दी है. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक मांग नहीं पूरी होगी, हम अपनी हड़ताल जारी रखेंगे. मृतक छात्र डॉ. राजनरेश यादव एनेस्थीसियोलॉजी डिपार्टमेंट के छात्र थे. इस मामले में रेजिडेंट डॉक्टरों और छात्रों ने एम्स डॉयरेक्टर को पत्र सौंपकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है.
रेजिडेंट्स और छात्रों ने कहा कि इस घटना ने संस्थान में माहौल, ड्यूटी आवर्स, कार्यभार, रेजिडेंट वेलफेयर और संस्थागत सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने प्रशासन से कार्रवाई और रेजिडेंट प्रतिनिधियों के साथ बातचीत शुरू करने की मांग की है.
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डॉक्टरों द्वारा लिए गए पत्र में चार प्रमुख मांगें रखी गई हैं.
- संस्थान की ओर से पब्लिक कन्फेशन और माफी. भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए उठाए जा रहे कदम में पारदर्शी.
- दिवंगत डॉक्टर के परिवार को 5 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता.
- जवाबदेही तय करने के लिए जरूरी कार्रवाई.
- रेजिडेंट्स डॉक्टर्स एसोसिएशन (RDA) और स्टूडेंट यूनियन को आधिकारिक मान्यता मिले, जिससे समस्याओं को उठाया जा सके.
रेजिडेंट डॉक्टरों और छात्रों ने पत्र में कहा है कि वे मांगों पर कार्रवाई होने तक अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रखेंगे. हड़ताल के दौरान इलेक्टिव ओटी और नियमित ओपीडी सेवाएं बंद रहेंगी, जबकि इमरजेंसी ओपीडी और इमरजेंसी ऑपरेशन थिएटर जरूरी जरूरी सेवाएं के चलते रहेंगे.
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