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मऊगंज बस स्टैंड में ‘गुंडा टैक्स’ के आरोप: बाजार बैठकी के नाम पर बस संचालकों से अवैध वसूली!

मऊगंज बस स्टैंड में बाजार बैठकी के नाम पर बस संचालकों से अवैध वसूली के आरोप. यात्रियों को भी मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल रहीं.

मऊगंज बस स्टैंड में ‘गुंडा टैक्स’ के आरोप: बाजार बैठकी के नाम पर बस संचालकों से अवैध वसूली!
मऊगंज बस स्टैंड में ‘गुंडा टैक्स’ के आरोप, यात्रियों और बस ऑपरेटरों में नाराजगी

Mauganj Bus Stand Dispute: मध्यप्रदेश के मऊगंज जिले में नया बस स्टैंड शुरू होने के साथ ही अव्यवस्थाओं और कथित अवैध वसूली के आरोपों ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है. नगर परिषद क्षेत्र में सिंचाई विभाग की जमीन पर अस्थायी रूप से संचालित बस स्टैंड पर बाजार बैठकी के नाम पर बस संचालकों से जबरन पैसे वसूलने के आरोप लग रहे हैं. बस ऑपरेटरों का दावा है कि रकम न देने पर उन्हें धमकियां और अभद्रता का सामना करना पड़ रहा है. सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि यह पूरा घटनाक्रम नगर परिषद कार्यालय के ठीक बगल में हो रहा है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई. दूसरी ओर, बस स्टैंड पर यात्रियों के लिए बुनियादी सुविधाओं का भी अभाव है, जिससे आम लोग परेशान हैं.

अस्थायी बस स्टैंड बना विवाद का केंद्र

मऊगंज नगर परिषद क्षेत्र में सिंचाई विभाग की जमीन पर अस्थायी रूप से बस स्टैंड संचालित किया जा रहा है. इस नए बस स्टैंड को सुविधा के उद्देश्य से शुरू किया गया था, लेकिन कुछ ही समय में यहां व्यवस्थाओं की कमी और कथित अवैध वसूली को लेकर विवाद खड़ा हो गया.

Mauganj Bus Stand Dispute: मऊगंज बस स्टैंड

Mauganj Bus Stand Dispute: मऊगंज बस स्टैंड

बाजार बैठकी के नाम पर वसूली के आरोप

बस संचालक रमाकांत तिवारी और लक्ष्मीकांत त्रिपाठी का आरोप है कि बाजार बैठकी के नाम पर नियमित रूप से उनसे पैसे वसूले जा रहे हैं. ठेका लेने वाले पक्ष के लोग बस ऑपरेटरों पर दबाव बनाकर रकम वसूलते हैं और विरोध करने पर धमकी तथा अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया जाता है. सबसे बड़ा सवाल यह है कि कथित वसूली का यह पूरा मामला नगर परिषद कार्यालय के ठीक बगल में चल रहा है. इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारी कार्रवाई के बजाय चुप्पी साधे हुए दिखाई दे रहे हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर प्रशासन चाहे तो इस तरह की गतिविधियां तुरंत रोकी जा सकती हैं.

Mauganj Bus Stand Dispute: गुंडा टैक्स से बस ऑपरेटर परेशान

Mauganj Bus Stand Dispute: गुंडा टैक्स से बस ऑपरेटर परेशान

7.21 लाख में हुआ बाजार बैठकी का ठेका

NDTV ने आंकड़ों की पड़ताल की तो हमें पता लगा कि मऊगंज नगर परिषद ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बाजार बैठकी का ठेका मेसर्स देव कंस्ट्रक्शन कंपनी, रीवा को दिया है. नगर परिषद ने 7 लाख 21 हजार रुपये की स्वीकृत राशि पर यह ठेका जारी किया है. ठेकेदार पवन कुमार तिवारी को 9 मई 2026 से 31 मार्च 2027 तक वसूली करने का अधिकार दिया गया है.

बस स्टैंड में नहीं हैं बुनियादी सुविधाएं, शाम होते ही नशाखोरों का अड्डा

जहां एक ओर वसूली के आरोप लग रहे हैं, वहीं दूसरी ओर बस स्टैंड खुद बुनियादी सुविधाओं से वंचित बताया जा रहा है. स्थानीय यात्री रमेश तिवारी ने NDTV को बताया कि यहां यात्रियों के बैठने के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं है, पीने के पानी की सुविधा नहीं है और शौचालय की स्थिति भी बेहद खराब बताई जा रही है. बस स्टैंड परिसर में सिर्फ एक टीनशेड और नाममात्र के प्रसाधन बनाए गए हैं. स्थानीय लोगों और यात्रियों का आरोप है कि शाम ढलते ही बस स्टैंड परिसर नशाखोरों का अड्डा बन जाता है. इससे यात्रियों, खासकर महिलाओं में असुरक्षा का माहौल बना रहता है. महिलाओं और परिवारों ने रात के समय यहां रुकने में असहजता जताई है.

Mauganj Bus Stand Dispute: बदहाल यात्री प्रतीक्षालय

Mauganj Bus Stand Dispute: बदहाल यात्री प्रतीक्षालय

बस संचालकों ने लगाए दबाव और धमकी के आरोप

बस ऑपरेटरों का कहना है कि पैसे न देने पर उनके साथ दुर्व्यवहार किया जाता है. बस संचालक बेटा खान ने आरोप लगाया कि उनसे कथित रूप से जबरन वसूली की जा रही है और विरोध करने पर धमकी दी जाती है. हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है.

CMO ने माना- इस तरह की वसूली गलत

इस मामले को लेकर जब NDTV ने मुख्य नगर पालिका अधिकारी राहुल शर्मा से चर्चा की तो उन्होंने कहा कि बस संचालकों से इस प्रकार की वसूली गलत है. उन्होंने बताया कि संबंधित ठेकेदार को नोटिस जारी किया गया है. हालांकि सवाल यह भी उठ रहा है कि अगर नियमों के विरुद्ध वसूली हो रही है तो अब तक कड़ी कार्रवाई क्यों नहीं की गई.

Mauganj Bus Stand Dispute: जायजा लेते हुए अधिकारी

Mauganj Bus Stand Dispute: जायजा लेते हुए अधिकारी

पुलिस गश्त बढ़ाने की बात

नगर परिषद की ओर से यह भी कहा गया है कि यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए पुलिस से चर्चा कर क्षेत्र में गश्त बढ़ाने की मांग की जाएगी. ताकि बस स्टैंड परिसर में असामाजिक गतिविधियों पर रोक लगाई जा सके.

देव कंस्ट्रक्शन के नाम पर टेंडर, वसूली पर सवाल

स्थानीय स्तर पर यह भी सवाल उठ रहे हैं कि जब टेंडर देव कंस्ट्रक्शन कंपनी के नाम से हुआ है, तो कथित वसूली दूसरे लोगों द्वारा कैसे कराई जा रही है. इसे लेकर पारदर्शिता और निगरानी पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं. बस स्टैंड की बदहाल स्थिति और कथित वसूली से यात्रियों और बस संचालकों दोनों में नाराजगी है. लोगों का कहना है कि नया बस स्टैंड सुविधा देने के बजाय परेशानी का कारण बन गया है.

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