मध्यप्रदेश के मैहर जिले में एक सरकारी स्कूल के निरीक्षण के दौरान विद्यार्थियों का शैक्षणिक स्तर सवालों के घेरे में आ गया. गोरसरी शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पहुंचीं कलेक्टर विदिशा मुखर्जी ने कक्षा 9वीं और 10वीं के करीब 60 विद्यार्थियों से खाद, संविधान, बायोलॉजिकल सेल और सामान्य ज्ञान से जुड़े प्रश्न पूछे, लेकिन एक भी छात्र संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया. स्थिति देखकर कलेक्टर ने नाराजगी जताई और शिक्षकों की जवाबदेही तय करते हुए प्राचार्य तथा एक अतिथि शिक्षक को नोटिस जारी कर कार्रवाई की चेतावनी दी.
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर बनीं शिक्षिका
मैहर कलेक्टर विदिशा मुखर्जी गोरसरी शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के निरीक्षण के लिए पहुंचीं. इस दौरान उन्होंने अधिकारियों की तरह केवल व्यवस्थाओं की समीक्षा नहीं की, बल्कि सीधे कक्षा में पहुंचकर विद्यार्थियों की पढ़ाई का स्तर परखा. कलेक्टर ने कक्षा 9वीं और 10वीं के छात्रों से खाद और उर्वरक में अंतर, भारतीय संविधान तथा बायोलॉजिकल सेल से जुड़े प्रश्न पूछे. लेकिन मौजूद लगभग 60 विद्यार्थियों में से कोई भी छात्र संतोषजनक उत्तर नहीं दे सका.

क्लास में बच्चों से सवाल-जवाब करतीं मैहर कलेक्टर
कलेक्टर से जुड़े सवालों का भी नहीं मिला जवाब
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने विद्यार्थियों से यह भी पूछा कि कलेक्टर कैसे बनते हैं और उनकी जिम्मेदारियां क्या होती हैं. इस पर एक छात्रा ने जवाब दिया कि कलेक्टर स्कूल का निरीक्षण करती हैं और व्यवस्थाएं संभालती हैं. छात्रों की तैयारी और समझ का स्तर देखकर कलेक्टर ने गहरी नाराजगी जताई. मैहर कलेक्टर विदिशा मुखर्जी ने कहा, 'हमने निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान स्कूल में 60 बच्चे मौजूद थे. एक भी बच्चे ने हमारे सवाल का जवाब नहीं दिया. हमने प्राचार्य और अतिथि शिक्षक को नोटिस जारी किया है. उन्हें बताया है कि परीक्षा होने में अभी पांच माह का समय है. अगर आदत में सुधार नहीं होगा तो कड़ी कार्रवाई करूंगी.'

प्राचार्य और शिक्षक को लगाई फटकार
शिक्षकों की भी लगाई क्लास
विद्यार्थियों के कमजोर प्रदर्शन के बाद कलेक्टर ने विद्यालय के प्राचार्य से सभी शिक्षकों को बुलाने को कहा. इसके बाद उन्होंने शिक्षकों से पढ़ाई की स्थिति और परीक्षा की तैयारियों को लेकर सवाल-जवाब किए. निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि छात्रों की विषयगत समझ अपेक्षित स्तर से काफी कम है. इसे गंभीर मानते हुए कलेक्टर ने शिक्षकों को पढ़ाई की गुणवत्ता सुधारने के निर्देश दिए.
विराट कोहली बनना चाहता है छात्र
बातचीत के दौरान जब विद्यार्थियों से पूछा गया कि वे भविष्य में क्या बनना चाहते हैं, तो एक छात्र ने भारतीय क्रिकेटर विराट कोहली बनने की इच्छा जताई. इस पर कलेक्टर ने उससे भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाड़ियों के नाम पूछे, जिनका उसने सही जवाब दिया. इसके बाद कलेक्टर ने छात्रों को समझाया कि जिस तरह वे खेल और अन्य क्षेत्रों में रुचि रखते हैं, उसी तरह पढ़ाई में भी मेहनत और लगन दिखानी चाहिए.
प्राचार्य और शिक्षक को नोटिस
विद्यालय में शैक्षणिक स्तर कमजोर पाए जाने और पदीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही सामने आने पर कलेक्टर ने विद्यालय के प्राचार्य ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह और राजनीति शास्त्र के अतिथि शिक्षक रामप्रकाश तिवारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया. कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि परीक्षा में अभी लगभग पांच महीने का समय है और इस दौरान यदि पढ़ाई की स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो संबंधित अधिकारियों और शिक्षकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
अन्य व्यवस्थाओं का भी किया निरीक्षण
विद्यालय निरीक्षण के अलावा कलेक्टर ने क्षेत्र की उचित मूल्य दुकान और आंगनवाड़ी केंद्र का भी निरीक्षण किया. उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि शासन की योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समय पर और पूरी पारदर्शिता के साथ पहुंचाया जाए.
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