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UCC Politics: मध्यप्रदेश में राजनीतिक घमासान; कांग्रेस ने सरकार को घेरा, BJP का पलटवार

MP UCC: मध्यप्रदेश में यूनिफॉर्म सिविल कोड को लेकर राजनीति गरमा गई है. मोहन यादव सरकार की पहल पर कांग्रेस ने सवाल उठाए, भाजपा ने समर्थन किया. जानिए पूरा मामला.

UCC Politics: मध्यप्रदेश में राजनीतिक घमासान; कांग्रेस ने सरकार को घेरा, BJP का पलटवार
मध्यप्रदेश में यूनिफॉर्म सिविल कोड को लेकर राजनीतिक बयानबाजी

MP UCC Politics: मध्यप्रदेश में यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. एक ओर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सरकार इसे लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रही है, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस ने सरकार पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं. हाल ही में हुई कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन राज्यों में UCC लागू किया गया है, उनके मॉडल का गहन अध्ययन किया जाए. इसी के बाद प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी का दौर शुरू हो गया है, जिसमें कांग्रेस और भाजपा के नेताओं के तीखे तर्क सामने आ रहे हैं.

कैबिनेट बैठक में UCC पर सरकार की पहल

मंगलवार को हुई राज्य कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रियों को निर्देश दिए कि देश के उन राज्यों के UCC मॉडल का अध्ययन किया जाए, जहां इसे पहले लागू किया जा चुका है. सरकार का मानना है कि समान कानून से समाज में समानता और समरसता को बढ़ावा मिलेगा.

MP UCC Politics: यूसीसी पर कांग्रेस और बीजेपी आमने-सामने

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कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद का सरकार पर हमला

UCC को लेकर कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने सरकार पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता गैस की किल्लत और खाद की कमी से परेशान है, लेकिन सरकार इन मूलभूत समस्याओं को छोड़कर जनता का ध्यान भटकाने के लिए UCC की बात कर रही है.
आरिफ मसूद ने सवाल उठाया कि UCC लागू होने के बाद सभी धर्मों के लोगों पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा और क्या यह देश के साथ अन्याय नहीं होगा.

“ध्यान भटकाने की राजनीति” का आरोप

कांग्रेस विधायक ने कहा कि सरकार चाहती है कि लोग गैस और खाद जैसी समस्याएं भूल जाएं और केवल UCC पर चर्चा करें. उनके मुताबिक, यह केवल सरकारी “लफ्फाजी” है और वास्तविक समस्याओं से जनता का ध्यान हटाने का प्रयास है.

रूबीना खाना इकबाल मामले पर भी प्रतिक्रिया

रूबीना खाना इकबाल मामले पर बयान देते हुए आरिफ मसूद ने कहा कि समाज में ऐसे शब्द नहीं बोने चाहिए, जो आपसी सौहार्द को नुकसान पहुंचाएं. उन्होंने स्पष्ट किया कि वंदे मातरम गाना और उसका सम्मान करना दो अलग‑अलग बातें हैं. उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए कहा कि वंदे मातरम गाना अनिवार्य नहीं है, लेकिन उसका सम्मान हर नागरिक को करना चाहिए. साथ ही उन्होंने प्रदेश कांग्रेस से मांग की कि इस मामले में संज्ञान लेकर जांच के लिए कमेटी बनाई जाए.

भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने किया समर्थन

वहीं UCC को लेकर भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की खुलकर सराहना की. उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में UCC लागू करने की तैयारी शुरू करना एक साहसिक और सराहनीय कदम है. रामेश्वर शर्मा ने कहा कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह भी कई राज्यों में इस कानून को लागू करने की बात कह चुके हैं. उनके अनुसार, देश में बढ़ती जनसंख्या एक बड़ी चुनौती है और UCC लागू होने से इस समस्या से निपटने में मदद मिलेगी.

“समान अधिकार के लिए समान कानून जरूरी”

भाजपा विधायक ने कहा कि जब देश में सभी को समान शिक्षा, समान रोजगार और योजनाओं का समान लाभ चाहिए, तो समान कानून भी होना चाहिए. उन्होंने कांग्रेस के पुराने नारे “बच्चे दो ही अच्छे” का जिक्र करते हुए कहा कि इसी तर्क के आधार पर कांग्रेस को भी UCC का समर्थन करना चाहिए.

जल्द बिल लाने की मांग

रामेश्वर शर्मा ने मांग की कि UCC से जुड़ा बिल जल्द से जल्द लाया जाए. उन्होंने कहा कि यह न केवल मध्यप्रदेश बल्कि पूरे देश की मांग है और लागू होने के बाद यह कानून देश और प्रदेश की प्रगति के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा.

आने वाले दिनों में और तेज होगा राजनीतिक घमासान

UCC को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच शुरू हुई यह राजनीतिक बहस आने वाले दिनों में और तेज होने के संकेत दे रही है. सरकार जहां इसे सुधार का कदम बता रही है, वहीं विपक्ष इसे जनता के मूल मुद्दों से ध्यान भटकाने का प्रयास बता रहा है. अब देखना होगा कि इस मसले पर प्रदेश की राजनीति किस दिशा में आगे बढ़ती है.

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