Madhya Pradesh News: मध्य प्रदेश के उज्जैन में भी गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई गैंग के दो गुर्गे पकड़ाए हैं. एक घटिटया तो दूसरा महिदपुर का रहने वाला है. आरोप है कि इन गुर्गों ने फरार आरोपी को पनाह देने के साथ शूटर से मिलवाने में मुख्य भूमिका निभाई थी. दरअसल, खरगोन के भीलगांव के दिलीप राठौर नामक व्यापारी के घर गोलीकांड की घटना हुई थी. इस घटना के बाद लारेंस गैंग ने इसकी जिम्मेदारी ली थी. साथ ही राठौड़ से 10 करोड़ रुपये मांगे थे. हालांकि इस मामले में फरार शूटर राजपाल 3 अप्रैल को सरेंडर कर दिया था, जिससे पूछताछ के लिए खरगोन पुलिस अपने साथ ले गई. वहीं पूछताछ से मिली जानकारी के आधार पर खरगोन पुलिस ने महिदपुर रोड स्थित गायत्री नगर निवासी विष्णु मालवीय और घट्टेया स्थित बिछड़ौद के संदीप को गिरफ्तार किया है.
शूटर से मिलवाने का आरोप
पुलिस का दावा है कि संदीप ने राठौर के घर गोली चलाने वाले आरोपी लोकेन्द्र को राजपाल से मिलवाया था और उसने ही पिस्टल खरीदी थी. साथ ही शूटरों को पैसे दिए थे. वहीं विष्णु ने फरारी राजपाल को अपने घर पर पनाह दी थी. पुलिस ने दोनों गुर्गे से मोबाईल जब्त किए हैं. इसके अलावा वारदात में उपयोग किए हुंडई की एसेंट कार और बुलेट जब्त किए गए हैं.
अब तक 16 गिरफ्तार
खरगोन एएसपी शकुन्तला रुहल ने बताया कि प्रकरण में शूटर, रेकी करने वाले, फरियादी के घर गोली चलवाने वाले, संसाधन उपलब्ध या सहायता करने वाले, बिश्नोई गैंग के गुर्गे और उससे पहचान करवाने वाले 12 आरोपियों को किया गिरफ्तार किया था. राजपाल से पूछताछ के बाद 4 अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. रिमान्ड के बाद अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की जा सकती है.
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