गॉल अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में दूसरे दिन का खेल समाप्त होने तक भारतीय टीम ने 460 रन बना लिए थे और टीम इंडिया ड्राइविंग सीट पर नजर आ रही है. बारिश के कारण रविवार को पहले सेशन में कोई गेंद नहीं फेंकी जा सकी. दूसरे सेशन में जब खेल शुरू हुआ तो लगा कि श्रीलंकाई स्पिनर होमवर्क करके आए हैं. मेजबान टीम के गेंदबाज दूसरे दिन अच्छी लेंथ पर गेंदबाजी करते नजर आए. इसका उन्हें फायदा भी मिला और दूसरे सेशन में भारत ने 4 तो दिन के आखिरी सेशन में 3 विकेट गंवाए. हालांकि, स्कोरबोर्ड चलता रहा. दिन के अंत पर भारत ने 9 विकेट गंवा दिए थे. कुलदीप और प्रसिद्ध कृष्णा नाबाद पवेलिय लौटे. ना तो कुलदीप और ना ही प्रसिद्ध बहुत बेहतर बैटिंग करते हैं. तीसरे दिन भारत खेल के आधे घंटे बाद फील्डिंग करते दिख सकती है. ऐसे में आज की रात कुलदीप यादव, रवींद्र जडेजा और मानव सुथार के साथ गंभीर और बॉलिंग कोच, जरूर प्लान बना रहे होंगे कि किस एरिया पर गेंदबाजी करके टीम इंडिया को फायदा हो सकता है.
जहां मोहम्मद सिराज और प्रसिद्ध कृष्णा अपने शुरुआती स्पेल में श्रीलंका को झटके देना चाहेंगे तो उनके बाद जिम्मा कुलदीप एंड कंपनी पर होगा. भारतीय स्पिनर्स के पास अपने प्लान जरूर होंगे कि कैसे लंकाई बल्लेबाजों को रोका जाए, लेकिन उन्हें मेजबान देश के गेंदबाजों ने भी जरूर हिंट दिया है.
श्रीलंकाई स्पिनर ने आज पांच विकेट गुड लेंथ गेंद से हासिल किए हैं. पिच पर 3 से 5 मीटर के बीच गेंद के टप्पा ने कमाल किया और भारतीय बल्लेबाजों को परेशान किया. प्रभात की अगुवाई में आज इस लेंथ पर 133 गेंद फेंकी गई. आगे की गेंदों पर 65 रन आए. लेकिन 5 विकेट पर मिले. इस लेंथ के खिलाफ इकॉमनी रेट 2.93 रहा. वहीं हॉफ वॉली पर 10 गेंद फेंकी गई जिस पर मार पड़ी. जबकि बैक ऑफ लेंथ गेंद से भी एक विकेट आया. वहीं शॉट बॉल भी सफलता नहीं दिला पाई.
दूसरे दिन श्रीलंका स्पिनर्स की लेंथ
- हाफ वॉली (1.5-3 मीटर): 0/9, 10 गेंदें, इकॉमनी रेट: 5.4
- गुड लेंथ(3-5 मी): 5/65, 133 गेंदें, इकॉमनी रेट: 2.93
- बैक ऑफ लेंथ (5-6 मीटर): 1/28, 48 गेंदें, इकॉमनी रेट: 3.5
- शॉर्ट (6 मी+): 0/6, 8 गेंदें, इकॉमनी रेट: 4.5

अगर आंकड़ों से कोई तस्वीर बनती हैं तो भारतीय मैनेजमेंट को इससे इशारा जरूर मिलेगा. अगर आगे की लेंथ पर बॉल डाली गई तो विकेट की गारंटी है. बड़ा सवाल है कि क्या यादव एंड कंपनी इस ओर ध्यान देगी या उन्होंने श्रीलंकाई बल्लेबाजों को अपने स्पिन जाल में फंसान के लिए कोई अन्य प्लान बना रखा है?
देवदत्त पडिक्कल की 167 और ध्रुव जुरेल के अर्धशतक के दम पर भारतीय टीम ड्राइविंग सीट पर जरूर है. अगर तीसरे दिन धूप खिली तो भारतीय स्पिनर को लंकाई बल्लेबाजों को परेशान करने में कोई दिक्कत नहीं आनी चाहिए. जबकि सिराज, जो विकेट से अधिक मदद नहीं मिलने पर भी, विकेट निकालते हैं, वह अपना एक बार फिर सब कुछ झोंकते हुए दिख सकते हैं. बल्लेबाजों के चलते दो दिन भारत के नाम रहे हैं. तीसरे दिन गेंदबाजों को कमाल दिखाना होगा. क्योंकि तीसरा दिन मूविंग डे होता है और भारत दिन का खेल खत्म होने तक अपना शिकंजा सक सकता है.
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