- कांकेर जिले में 3-4 दिनों 5 प्राचीन मंदिरों से हुई चोरी.
- दानपेटी, मुकुट और अन्य सामान ले गए चोर, पुलिस के हाथ अभी तक खाली.
- सीसीटीवी फुटेज से चोरों की तलाश, लोगों ने उठाए सवाल.
छत्तीसगढ़ में कांकेर जिले के मंदिर इन दिनों चोरों के निशाने पर हैं. रियासत कालीन मंदिर से लेकर प्राचीन मंदिरों को निशाना बनाया जा रहा है. बीते 3 से 4 दिनों में चोरों ने 5 मंदिरों पर हाथ साफ कर दिया है. दानपत्र से लेकर मुकुट, छत्र व अन्य की चोरी की जा चुकी है. लगातार मंदिरों में हो रही चोरी ने पुलिस को भी सख्ते में डाल दिया है.
कांकेर शहर को देवीदेवताओं का गढ़ कहा जाता है. यहां रियासतकालीन मंदिरों से लेकर काफी पुराने मंदिर स्थित हैं. वर्तमान में काफी जगहों पर नए मंदिरों की स्थापना कर पूजा अर्चना की जा रही है, लेकिन कांकेर में चोरों को लोगों की यह भक्ति रास नहीं आ रही. श्रद्धा से चढ़ाए गए चढ़ावे से लेकर दान में दी जाने वाली राशि पर चोरों की नजर पड़ गई है. यही वजह है कि बीते 3 से 4 दिनों में चोरों ने 5 मंदिरों में चोरी की वारदात को अंजाम दिया है.

ऐसे हुई मंदिरों में चोरी की घटनाएं
पहली घटना गुरुवार को हुई, जहां रियासकालीन बड़ी शीतला माता मंदिर में चोरी को अंजाम दिया गया. इसका पता तब चला जब हर दिन की तरह पुजारी मंदिर में पूजा करने पहुंचे तो अंदर का हाल देख होश उड़ गए. मंदिर का ताला टूटा था. उन्होंने देखा कि माता का चांदी का मुकुट, चांदी का छत्र और दान पेटी गायब थी. जब आसपास देखा तो तालाब के पास दानपेटी खाली पड़ी मिली. मंदिर से करीब 2 लाख 47 हजार की चोरी हुई थी.

इसी दिन दो अन्य मंदिरों शनि मंदिर और शिवमंदिर के भी ताले टूटे. पुलिस ने सूचना मिलने के बाद यहां की भी जांच शुरू कर दी.

दो और बड़े मंदिरों में हुई चोरी
कुछ दिन बीते नहीं थे कि रविवार की रात शहर के प्राचीन नंदीश्वर महादेव मंदिर और राजापारा स्थित प्राचीन बालाजी मंदिर में भी चोरी हो गई, यहां भक्त बड़ी संख्या में आते हैं. सुबह जब पुजारियों की मंदिर में चोरी की जानकारी हुई तो पुलिस को सूचना दी. यह सभी पांचों मंदिर कोतवाली थाना क्षेत्र में स्थित हैं.

127 सीसीटीवी फुटेज खंगाले
मंदिरों में लगातार हो रहीं चोरी की वारदातें पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बनती जा रही हैं. पुलिस अब चोरी के पैटर्न से लेकर शहर की सड़कों, दुकानों, घरो में लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है. अब तक 127 सीसीटीवी फुटेज की जांच की गई है. शीतलामाता मंदिर मामले में थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है. वहीं, बालाजी मंदिर के पुजारी ने भी शिकायत दी है.
कुछ संदिग्धों की पहचान की जा रही है, लेकिन अब तक पुलिस के द्वारा चोरी के मामले में कोई ठोस कदम नहीं उठाये गए है. मंदिर में चोरी की घटना को देखते हुए मंदिर समिति व पुजारी अब रुपये व सामानों को मंदिर से हटा कर सुरक्षित स्थानों रखने में लग है.
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